Wildfire in Pauri Garhwal forests: पौढ़ी गढ़वाल के जंगलों में लगी आग से स्कूल जलकर खाक

खबर सार :-
पौढ़ी गढ़वाल के जंगलों में लगी आग के कारण वन का ज्यादातर हिस्सा जल कर राख हो चुका है और अब यह रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ रहा है। शुक्रवार को आग इतनी तेजी से बढ़ गई कि पास के स्कूल तक पहुंच गई।
Wildfire in Pauri Garhwal forests: पौढ़ी गढ़वाल के जंगलों में लगी आग से स्कूल जलकर खाक
खबर विस्तार : -

Wildfire in Pauri Garhwal forests: उत्तराखंड के जंगल में लगी आग ने तांडव मचा रखा है। पौढ़ी गढ़वाल जिले के खिर्सू क्षेत्र में जंगलों में लगी आग दिन-प्रतिदिन भयावह होते जा रही है। शुक्रवार को इसकी लपटे इतनी तेज हो गई कि पास के एक प्राथमिक विद्यालय को अपनी चपेट में ले लिया। इस कारण स्कूल का ज्यादातर हिस्सा जलकर राख हो चुका है। 

19 मई से जल रहा जंगल 

पौढ़ी गढवाल जिले के खिर्सू क्षेत्र में 19 मई 2026 की शाम को जंगल में भीषण आग लगी थी। तेज हवा के कारण आग पूरे जंगल में फैल गया और कई आवासीय बस्तियों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैल रहा है कि 29 मई को इसने एक प्राथमिक विद्यालय को अपनी चपेट में ले लिया। आग से स्कूल को काफी नुकसान पहुंचा है। स्कूल में मौजूद फर्नीचर और बाकी सामान जलकर राख हो गया है। इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर आग बुझाने की कोशिश की। ग्रामीणों के पास सीमित संसाधन होने के कारण आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। 

 किसी के हताहत होने की खबर नहीं

इस घटना में राहत की बात यह है कि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। विद्यालय फिलहाल के लिए बंद है, जिस कारण वहां कोई मौजूद नहीं था। हालांकि जंगलों में इस तरह लगातार बढ़ रही आग की घटना ने स्थानीय ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कई दिनों से जंगल धूं-धूं कर जल रहा है, जिस कारण आस-पास का माहौल धुएं से प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक भीषण गर्मी के कारण पेड़-पौधे सूखे पड़े हैं, जिस कारण आग तेजी से फैल रही है। पौढ़ी के ग्राम प्रधान का कहना है कि इस आग के कारण गांव के कई हिस्से जलकर खाक हो चुके हैं। 

इंसानी जीवन के साथ-साथ वन्यजीवों को भी नुकसान

विद्यालय काफी समय से बंद पड़ा था, लेकिन उसमें मौजूद सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से आग पर नियंत्रण पाने के लिए त्वरित कार्रवाई की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया तो कुछ समय बाद रिहायशी इलाके भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। जंगलों में लगातार बढ़ रही आग से इंसानी जीवन के साथ-साथ वन्यजीवों को भी नुकसान पहुंच रहा है। 

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