ओडिशा में आंधी तूफान की चपेट में आकर तीन की मौत, सामुदायिक भोज के दौरान हुआ हादसा
खबर सार :-
Odisha Kalbaisakhi Toofan: ओडिशा में आंधी तूफान ने ऐसा कहर मचाया कि एक सामुदायिक भोज के दौरान टेंट गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई।
खबर विस्तार : -
Odisha Kalbaisakhi Toofan: ओडिशा के क्योंझर जिलें में आंधी तूफान का जबरदस्त कहर देखने को मिला। एक समुदायिक भोज के दौरान अचानक आए तूफान के कारण टेंट गिर गया, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रुप से घायल हो गया, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। टेंट गिरने के बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ओडिशा में 'कालबैशाखी तूफान ' ने मचाया कहर
एक ओर जहां लोग भीषण गर्मी से झुलस रहे हैं, वहीं ओडिशा में तूफान ने भारी तबाही मचाई है। ओडिशा में आए कालबैशाखी तूफान ने भारी कहर बरपाया है। ओडिशा के क्योंझर जिलें में तेज आंधी, तूफान, मूसलाधार बारिश और बवंडर ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। इस आपदा में तीन लोगों की जान चली गई। क्योंझोर जिले के नारायणपुर इलाके में सामुहिक भोज का आयोजन किया गया था। इस भोज में कई लोग शामिल थे। अचानक आए तूफान के कारण लोगोंं के ऊपर टेंट गिर गया, जिससे तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। एक अन्य की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद लोगों में चीख-पुकार मच गई।
सामुदायिक कार्यक्रम में भोज के दौरान हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नारायणपुर इलाके में एक सामुदायिक कार्यक्रम और भोज का आयोजन किया गया था। इसमें बड़ीं संख्या में लोग शामिल हुए थे। कुछ समय तक सब ठीक रहा उसके बाद अचानक से धूलभरी आंधी शुरु हो गई और चंद मिनट में मुसलाधार बारिश होने लगी। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि आयोजन में लगा टेंट जोरदार आवाज के साथ नीचे गिर गया, जिसके नीचे कई लोग दब गए और घटना स्थल पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों की मदद से टेंट के नीचे दबे लोगों को निकाला गया, लेकिन इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की जान चली गई, जबकि एक अन्य गंभीर रुप से घायल हो गया, जिसे पास के ही नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
चक्रवाती हवाओं और बारिश ने मचाई भारी तबाही
ओडिशा में इन दिनों तेज चक्रवाती हवाओं और बारिश ने भारी तबाही मचाई है। जिले में कई जगहों पर बड़े-बड़े पेड़ बेदम होकर सड़कों पर गिर गए हैं, जिस कारण यातायात पर भी काफी असर पड़ रहा है। लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही कई जगहों पर बिजली के खंभे और हाई-टेंशन तार टूट चुके हैं, जिससे बिजली सेवाएं पूरी तरह ठप हो गयी है। भीषण गर्मी और भारी बारिश के बीच लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
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जैव विविधता दिवस का महत्व
हर वर्ष 22 मई को ‘अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस’ मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को प्रकृति, वन्यजीवों और पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। बदलते जलवायु संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच जैव विविधता संरक्षण का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जंगल, जल स्रोत और वन्यजीव सुरक्षित रहेंगे, तभी पर्यावरणीय संतुलन बना रहेगा। ऐसे में सरकारों के साथ-साथ आम लोगों की भागीदारी भी बेहद जरूरी है।
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