Metro In Dino Movie Review: अनुराग बसु की रोमांटिक ड्रामा फिल्म मेट्रो...इन दिनों आज यानी शुक्रवार सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। फिल्म को दर्शकों और आलोचकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली। हालांकि, प्रीतम के संगीत की खूब तारीफ हो रही है। हाल ही में रोमांटिक ड्रामा की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई। जिसमें कई सितारे शामिल हुए थे।
क्या आपने कभी सागर की लहरों को देखा है? कैसे वे चुपचाप आती हैं, आपके पैरों को छूती हैं और फिर वापस चली जाती हैं... बिना कोई आवाज़ किए। अनुराग बसु की लेटेस्ट फिल्म 'मेट्रो...इन दिनों' भी उन्हीं लहरों की तरह है। एक सुकून भरी कहानी, जो आपको भावनाओं के विशाल सागर के किनारे बैठने का आमंत्रण देती है।
यह फिल्म दिल को छू लेने वाले रिश्तों की परतें खोलती है, जहां अलग-अलग पीढ़ियों के बीच प्यार को बेहद खूबसूरत तरीके से दिखाया गया है। अनुपम खेर, नीना गुप्ता, पंकज त्रिपाठी, कोंकणा सेन शर्मा, आदित्य रॉय कपूर, सारा अली खान, अली फजल और फातिमा सना शेख जैसे कलाकारों ने अपने किरदारों को इतनी प्रामाणिकता से जिया है कि हर कहानी किसी अपनी सी लगने लगती है। 'मेट्रो... इन दिनों' एक आदर्श प्रेम की तलाश नहीं करती, बल्कि यह सिखाती है कि प्रेम में परिपूर्ण होना जरूरी नहीं है, उसे महसूस करना जरूरी है। यह फिल्म आपको सोचने का मौका देती है, आपको हल्का करती है और भावनाओं के सागर में एक ठंडी लहर बनकर आपके दिल को छू जाती है।
इन दिनों' चार ऐसे जोड़ों की कहानी है, जिनकी जिंदगी अलग-अलग पड़ाव पर है, लेकिन प्यार की डोर से बंधी हुई है। एक जोड़ा ऐसा है, जिसका प्यार जवानी की दहलीज पर ही जुदा हो गया, दूसरा जोड़ा शादीशुदा जिंदगी से ऊब चुका है। तीसरा जोड़ा परिवार और करियर के बीच उलझा हुआ है, जबकि चौथा जोड़ा अभी तक समझ नहीं पाया है कि उन्हें कब प्यार हो गया।
यह फिल्म दिखाती है कि कैसे समय के साथ रिश्तों में दरारें आती हैं, गलतियां होती हैं, लेकिन जब इंसान उन गलतियों को समझकर उन्हें सुधारना चाहता है, तो वह सफर ही असली कहानी बन जाता है। मेट्रो... इन दिनों न सिर्फ प्यार का मतलब बताती है, बल्कि यह भी सिखाती है कि जब प्यार हो जाए, तो उसमें खो जाने की बजाय उसे बनाए रखना और खुद को संवारना जरूरी है।
अगर अभिनय की बात करें तो 'मेट्रो... इन दिनों' की पूरी स्टार कास्ट ने शानदार अभिनय किया है। अनुपम खेर, नीना गुप्ता, पंकज त्रिपाठी, कोंकणा सेन शर्मा, आदित्य रॉय कपूर, सारा अली खान, अली फजल और फातिमा सना शेख, सभी ने अपने किरदारों में जान डाल दी है। इन कलाकारों का अभिनय इतना स्वाभाविक और प्रभावी है कि कोई भी दूसरे से कमजोर नहीं लगता। सभी ने अपनी भूमिका के साथ पूरा न्याय किया है। खासकर पंकज त्रिपाठी की कॉमिक टाइमिंग फिल्म के भावनात्मक पलों के बीच ताजगी की तरह आती है और दर्शकों को मुस्कुराने का मौका देती है। उनकी मौजूदगी कहानी को हल्का बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है।
इन दिनों' की कमियों की बात करें तो वे बहुत ही मामूली हैं। यह फिल्म उन दर्शकों के लिए ज्यादा उपयुक्त है जो हर सीन को ध्यान से देखने और हर भावना को महसूस करने का धैर्य रखते हैं। हालांकि, दूसरे हाफ की शुरुआत में जब कहानियां अपने भावनात्मक मोड़ पर पहुंचती हैं, तो दर्शक किरदारों के संवादों और रिश्तों को और गहराई से देखना चाहते हैं, लेकिन उस समय संगीत की अधिकता गति को थोड़ा धीमा करती दिखती है। इसके अलावा कुछ दृश्य भावनात्मक रूप से इतने गहरे हैं कि वे हर दर्शक को भले ही न कनेक्ट कर पाएं, लेकिन यह तय है कि वे बोर नहीं करते।
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