New Zealand vs India ODI Series : भारतीय सरज़मीं पर खेली गई तीन मैचों की वनडे श्रृंखला ने क्रिकेट इतिहास में कई नई इबारतें लिखीं। न्यूजीलैंड (New Zealand) ने भारत (India) को 2-1 से हराकर न सिर्फ श्रृंखला अपने नाम की, बल्कि एक ऐसा कारनामा भी कर दिखाया जो वह इससे पहले कभी नहीं कर सका था। यह भारत में भारत के खिलाफ न्यूजीलैंड की पहली द्विपक्षीय वनडे सीरीज़ जीत रही। इससे पहले की सात कोशिशों में कीवी टीम को हर बार निराशा हाथ लगी थी, लेकिन इस बार अनुभव की कमी के बावजूद न्यूजीलैंड ने रणनीति, धैर्य और बड़े प्रदर्शन के दम पर इतिहास रच दिया।

इस श्रृंखला के नायक रहे डैरिल मिचेल (Daryl Mitchell), जिन्होंने तीन मैचों में कुल 352 रन बनाए। यह आंकड़ा तीन मैचों की वनडे सीरीज़ में किसी बल्लेबाज़ का तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उनसे आगे केवल बाबर आज़म (Babar Azam) (2016 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 360 रन) और शुभमन गिल (Shubhman Gill) (2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 360 रन) हैं। मिचेल का यह प्रदर्शन न्यूजीलैंड के लिए भी खास रहा, क्योंकि यह किसी तीन मैचों की द्विपक्षीय वनडे सीरीज़ में उनके देश का सर्वोच्च स्कोर है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 2013 में इंग्लैंड के खिलाफ मार्टिन गप्टिल के 330 रनों के नाम था।

Daryl Mitchell ने भारत के खिलाफ वनडे क्रिकेट में चार बार 130 से अधिक रन की पारियां खेली हैं। न्यूजीलैंड की ओर से यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह संयुक्त रूप से पहले बल्लेबाज़ हैं, उनके साथ गप्टिल का नाम भी शामिल है। खास बात यह है कि मिचेल की ये चारों बड़ी पारियां भारत के खिलाफ ही आई हैं, जिससे उन्होंने सनथ जयसूर्या (Sanath Jayasurya) के तीन ऐसे स्कोर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। वनडे इतिहास में केवल तीन अन्य बल्लेबाज़ ऐसे हैं जिन्होंने किसी एक विपक्षी टीम के खिलाफ चार या उससे अधिक 130+ स्कोर बनाए हैं, सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) और रोहित शर्मा (Rohit Sharma) (ऑस्ट्रेलिया (Australia) के खिलाफ पांच-पांच) तथा विराट कोहली (Virat Kohli) (श्रीलंका के खिलाफ चार)।

भारत में Daryl Mitchell का बल्ला और भी खतरनाक साबित हुआ। भारत में भारत के खिलाफ उनके चारों वनडे शतक बने हैं। इस मामले में उनसे आगे सिर्फ एबी डिविलियर्स (AB de Villiers) हैं, जिन्होंने भारत में भारत के खिलाफ पांच वनडे शतक लगाए हैं। मिचेल ने भारत में अपनी पिछली पांच वनडे पारियों में लगातार 50 से अधिक रन बनाए-चार शतक और एक 80 रन की पारी, और ऐसा करने वाले वह पहले बल्लेबाज़ बने।
वनडे करियर में मिचेल ने केवल 54 पारियों में अपने नौ शतक पूरे किए। उनसे तेज़ी से नौवां शतक लगाने वाले बल्लेबाज़ सिर्फ तीन हैं, इमाम-उल-हक (48 पारियां), हाशिम अमला (52) और क्विंटन डी कॉक (53)।

श्रृंखला के दौरान मिचेल और ग्लेन फिलिप्स के बीच चौथे विकेट के लिए 219 रनों की साझेदारी भी देखने को मिली। यह भारत के खिलाफ वनडे में न्यूजीलैंड की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी है। इससे बड़ी केवल 221 रनों की नाबाद साझेदारी है, जो केन विलियमसन और टॉम लैथम ने 2022 में ऑकलैंड में चौथे विकेट के लिए की थी।

न्यूजीलैंड की इस ऐतिहासिक जीत को और भी खास बनाता है उनका अनुभवहीन संयोजन। श्रृंखला शुरू होने से पहले भारत की ओर से खेलने वाले 13 खिलाड़ियों के पास कुल 1256 वनडे मैचों का अनुभव था, जबकि न्यूजीलैंड के 12 खिलाड़ियों (जिसमें दो डेब्यू खिलाड़ी भी शामिल थे) के पास केवल 348 वनडे मैचों का अनुभव था। औसतन प्रति खिलाड़ी वनडे कैप्स का अंतर 67.62 रहा, जो तीन या उससे अधिक मैचों की किसी भी पुरुष वनडे द्विपक्षीय श्रृंखला में छठा सबसे बड़ा अंतर है।
बल्लेबाजी के मोर्चे पर
रनों के अनुभव में भी भारत काफी आगे था। श्रृंखला से पहले प्रति खिलाड़ी औसत वनडे रनों का अंतर 2125.58 रहा, जो वनडे द्विपक्षीय श्रृंखलाओं के इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा अंतर है। इस सूची में पहला स्थान 2007 में भारत के खिलाफ इंग्लैंड की घरेलू सीरीज़ का है (2609.34), जबकि तीसरे स्थान पर अक्टूबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया में भारत की श्रृंखला हार (2032.51) दर्ज है।
गेंदबाज़ी के मोर्चे पर
गेंदबाज़ी के मोर्चे पर भी न्यूजीलैंड अनुभव में पीछे था। टीम का कोई भी गेंदबाज़ 50 से अधिक वनडे विकेट वाला नहीं था। सबसे अनुभवी गेंदबाज़ माइकल ब्रेसवेल थे, जिनके नाम श्रृंखला से पहले 37 वनडे विकेट दर्ज थे। इसके बावजूद न्यूजीलैंड के गेंदबाज़ों ने निर्णायक मौकों पर प्रभावी प्रदर्शन किया।
इंदौर के होलकर स्टेडियम में भारत की हार ने भी सबको चौंकाया। इससे पहले इस मैदान पर भारत ने खेले गए सभी सात वनडे मुकाबले जीते थे। अब भारत का रिकॉर्ड यहां 7 जीत और 1 हार का हो गया है।

भारतीय खेमे में विराट कोहली ने एक और व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल की। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे में उनके शतकों की संख्या सात हो गई, जो किसी भी बल्लेबाज़ द्वारा इस टीम के खिलाफ सबसे अधिक है। उन्होंने इस मामले में रिकी पोंटिंग और वीरेंद्र सहवाग (छह-छह शतक) को पीछे छोड़ा। इंदौर में लक्ष्य का पीछा करते हुए कोहली ने 124 रन बनाए, जो वनडे में चेज़ करते हुए हार वाली पारी में उनका सर्वोच्च स्कोर है। यह उनके वनडे करियर का नौवां शतक था जो हार में आया, जबकि इनमें से पांच शतक लक्ष्य का पीछा करते हुए बने।

इसके साथ ही कोहली ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया। इंदौर ऐसा 35वां मैदान बन गया, जहां उन्होंने वनडे शतक लगाया। इस मामले में उन्होंने सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ा, जिन्होंने 34 अलग-अलग मैदानों पर वनडे शतक जमाए थे।


दूसरी ओर, कप्तान रोहित शर्मा के लिए यह श्रृंखला यादगार नहीं रही। न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका औसत 20.33 रहा, जो घरेलू मैदानों पर खेले गए किसी भी वनडे सीरीज़ या टूर्नामेंट में, जहां उन्होंने एक से अधिक बार बल्लेबाज़ी की हो, उनका सबसे कम औसत है। यह तीन या उससे अधिक बार ओपनिंग करने वाली वनडे सीरीज़ में उनका दूसरा सबसे कम औसत भी है।
कुल मिलाकर, यह श्रृंखला आंकड़ों, रिकॉर्ड्स और इतिहास से भरी रही। जहां न्यूजीलैंड ने भारत में अपनी वनडे कहानी का सबसे सुनहरा अध्याय लिखा और विराट कोहली ने एक बार फिर खुद को आधुनिक क्रिकेट के सबसे बड़े नामों में स्थापित किया।
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