धर्मशाला: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मौजूदा सीजन में जब समीकरण बिगड़ने लगते हैं, तो अक्सर वे टीमें सबसे खतरनाक हो जाती हैं जिनके पास खोने को कुछ नहीं होता। धर्मशाला के सुरम्य एचपीसीए स्टेडियम में शुक्रवार रात कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। अपनी कप्तानी के पहले ही मैच में जसप्रीत बुमराह ने वह कर दिखाया जिसकी उम्मीद शायद पंजाब किंग्स के खेमे ने नहीं की थी। तिलक वर्मा की आतिशी पारी और शार्दुल ठाकुर की सधी हुई गेंदबाजी के दम पर मुंबई इंडियंस ने पंजाब किंग्स को 6 विकेट से करारी शिकस्त दी। यह पंजाब की लगातार पांचवीं हार है, जिसने उनके प्लेऑफ के सफर पर न केवल ब्रेक लगा दिया है, बल्कि उन्हें अंक तालिका के अधर में लाकर खड़ा कर दिया है।
201 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस ने अंतिम ओवर की रोमांचक जंग में एक गेंद शेष रहते जीत हासिल की। तिलक वर्मा (75 रन, 32 गेंद) इस जीत के सबसे बड़े नायक बनकर उभरे, जिन्होंने मैदान के चारों ओर छक्कों की बारिश कर पंजाब के गेंदबाजों को बेबस कर दिया। इससे पहले, पंजाब किंग्स ने प्रभसिमरन सिंह (57) और अजमतुल्लाह उमरजई (38) की पारियों की मदद से 200/8 का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया था, लेकिन मुंबई के हौसलों के आगे यह स्कोर भी बौना साबित हुआ।
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पंजाब किंग्स की शुरुआत वैसी नहीं रही जैसी धर्मशाला की पिच पर अपेक्षित होती है। पावरप्ले में 55 रन जोड़ने के बावजूद पंजाब का शीर्ष क्रम संघर्ष करता दिखा। ताज्जुब की बात यह रही कि शुरुआती 6 ओवरों में पंजाब की ओर से एक भी छक्का नहीं लगा। प्रियांश आर्या और प्रभसिमरन सिंह ने 11 चौके जरूर जड़े, लेकिन गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचाने की उनकी कोशिशें नाकाम रहीं।
बुमराह की धारदार गेंदबाजी के सामने पंजाब के बल्लेबाज असहज थे। प्रभसिमरन को शुरुआत में जीवनदान मिला जब नमन धीर ने स्लिप में एक आसान कैच टपकाया। हालांकि, दीपक चाहर ने प्रियांश आर्या (22) को अपनी नकल बॉल पर छकाकर पंजाब को पहला झटका दिया।
एक समय पंजाब का स्कोर 10 ओवर में 1 विकेट पर 90 के करीब था, लेकिन यहीं से खेल ने करवट ली। 'लॉर्ड' शार्दुल ठाकुर ने अपनी गेंदबाजी से मुंबई की वापसी कराई। उन्होंने पहले अर्धशतक जमा चुके प्रभसिमरन को आउट किया और फिर श्रेयस अय्यर को एक ऐसी 'मैजिकल डिलीवरी' डाली जिसने स्टंप्स की गिल्लियां बिखेर दीं।
पंजाब की पारी ताश के पत्तों की तरह ढहने लगी। राज बावा ने कूपर को चलता किया, तो शार्दुल ने सूर्यांक्ष हेडगे का शिकार किया। देखते ही देखते पंजाब ने मध्य ओवरों में महज 80 रनों के भीतर 5 विकेट गंवा दिए। अगर अंत में अजमतुल्लाह उमरजई ने 17 गेंदों पर 38 रनों की तूफानी पारी न खेली होती और विष्णु विनोद ने उपयोगी रन न जुटाए होते, तो पंजाब शायद 180 तक भी न पहुँच पाती।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई की शुरुआत आक्रामक रही। रोहित शर्मा एक छोर पर संघर्ष कर रहे थे, लेकिन दूसरे छोर पर रयान रिकलटन (48 रन, 23 गेंद) किसी अलग ही मूड में थे। रिकलटन ने मार्को जानसेन और अर्शदीप सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पावरप्ले में ही मुंबई को रेस में आगे कर दिया।
हालांकि, मध्य ओवरों में युजवेंद्र चहल ने अपनी फिरकी का जाल बुना और रोहित शर्मा को क्लीन बोल्ड कर मुंबई की धड़कनें बढ़ा दीं। 15 ओवर के बाद मुंबई को जीत के लिए 30 गेंदों में 72 रनों की दरकार थी और मैच पंजाब की मुट्ठी में नजर आ रहा था।
यहीं से शुरू हुआ तिलक वर्मा का वह शो, जिसे धर्मशाला लंबे समय तक याद रखेगा। 16वें ओवर में चहल की गेंद पर तिलक ने 106 मीटर लंबा छक्का जड़कर गेंद को स्टेडियम की छत पर पहुंचा दिया। उस ओवर से 20 रन आए, लेकिन अगले ओवर में उमरजई ने रदरफोर्ड को आउट कर मैच फिर पंजाब की ओर झुका दिया।
अंतिम 18 गेंदों का रोमांच चरम पर था। तिलक ने मार्को जानसेन के ओवर में 22 रन कूटकर समीकरण बदल दिया। अंतिम ओवर में मुंबई को 15 रन चाहिए थे। विल जैक्स ने पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा, और फिर तिलक वर्मा ने एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से गगनचुंबी छक्का मारकर मैच को खत्म कर दिया। तिलक ने अपनी नाबाद 75 रनों की पारी में 6 चौके और 6 छक्के लगाए।
पंजाब किंग्स के लिए यह हार किसी गहरे जख्म से कम नहीं है। लगातार पांच हार ने उनकी प्लेऑफ की संभावनाओं को धुंधला कर दिया है। अब उन्हें 17 मई को इसी मैदान पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का सामना करना है, जहाँ उनके लिए जीत अनिवार्य है।
वहीं, टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी मुंबई इंडियंस के लिए यह जीत एक नए सवेरे जैसी है। जसप्रीत बुमराह की कप्तानी में टीम ने जो जुझारूपन दिखाया, वह आने वाले सीजन के लिए शुभ संकेत है। मुंबई का अगला मुकाबला 20 मई को कोलकाता में केकेआर (KKR) के खिलाफ होगा।