कोलंबोः भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन (Vice President of India C.P. Radhakrishnan) के श्रीलंका दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर आपसी सहमति बनी। इसमें सबसे अहम इंडियन ओरिजिन तमिलों (आईओटी) के लिए ओवरसीज सिटीजन आफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड की प्रक्रिया को आसान बनाना है। जिसके तहत अब श्रीलंका में ओसीआई कार्ड बनवाने के लिए स्थानीय सरकारी दस्तावेजों को भी अहमियत दी जाएगी। इससे ओसीआई कार्ड बनाने की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
उपराष्ट्रपति के दौरे में एक समझौता छात्रवृत्ति को लेकर भी हुआ। इस समझौते में एस्टेट वर्कर स्काॅलरशिप पर सहमति प्रमुख थी। इसके साथ ही उपराष्ट्रपति ने श्रीलंका के नुवारा एलिया के रागाला में इंडियन हाउसिंग प्रोजेक्ट के तीसरे फेज के तहत भारत सरकार की मदद से बने घरों का भी दौरा किया और लाभार्थियों से मुलाकात की। इसके साथ ही उन्होंने नाॅर्दर्न रेलवे लाइन को दोबारा शुरू करने और साइक्लोन दितवाह के बाद तीन नए बेली ब्रिज बनाने में सहयोग की भी बात की। उपराष्ट्रपति के कार्यालय ने जानकारी दी कि श्रीलंका के उत्तरी और पूर्वी प्रांतों में इंडियन हाउसिंग प्रोजेक्ट के चौथे फेज के तहत 10 हजार घर और दिए जाएंगे।
दिल्ली रवाना होने से पहले उपराष्ट्रपति सीता एलिया में सीता अम्मन मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने दर्शन व पूजन किया। इसके अलावा वे हनुमान कोविल भी गए, जहां उन्होंने हनुमान जी के चरणों की पूजा की। बताया जाता है कि ये पगचिन्ह रामभक्त हनुमान के हैं, जब वे माता सीता से मिलने अशोक वाटिका पहुंचे थे।
रविवार को उपराष्ट्रपति ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात की और द्विपक्षीय सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। इसके साथ उन्होंने प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या से भी मुलाकात की और दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।
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