सूरत में दर्दनाक हादसा: घर में लगी आग, एक ही परिवार के 5 लोग जिंदा जले

खबर सार :-
सूरत के लिंबायत इलाके में एक रिहायशी इमारत में आग लगने से एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में चार महिलाएं और एक चार साल का बच्चा शामिल है। फिलहाल प्रशासन ने घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

सूरत में दर्दनाक हादसा: घर में लगी आग, एक ही परिवार के 5 लोग जिंदा जले
खबर विस्तार : -

सूरतः गुजरात के सूरत शहर में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां लिंबायत इलाके के मीठी खाड़ी क्षेत्र में एक आवासीय भवन में भीषण आग लगने से एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में चार महिलाएं और एक चार वर्षीय बच्चा शामिल हैं, जिससे पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

गैस रिसाव से आग लगने की आशंका

अधिकारियों के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 11 बजे उस समय हुई, जब ग्राउंड-प्लस-टू मंजिला मकान के निचले हिस्से में अचानक आग लग गई। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आग खाना बनाते समय गैस रिसाव के कारण लगी, जो तेजी से पूरे घर में फैल गई। हालांकि, कुछ अधिकारियों ने शॉर्ट सर्किट की संभावना से भी इनकार नहीं किया है।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक घर में मौजूद सभी पांच लोग बेहोश हालत में मिल चुके थे। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।

मृतकों की पहचान शहनाज बेगम अंसारी (65), हुसा बेगम अंसारी (18), शबीना रमजान अंसारी (28), परवीन अब्दुल कलाम अंसारी (19) और मासूम सुभान रमजान अंसारी (4) के रूप में हुई है। एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत से स्थानीय लोग स्तब्ध हैं।

पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह परिवार घर से ही साड़ी बनाने का काम करता था। घर के अंदर बड़ी मात्रा में साड़ियां, फोम शीट और अन्य ज्वलनशील सामग्री रखी हुई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सामग्रियों के साथ-साथ इस्तेमाल होने वाले रसायन और तेल ने आग को तेजी से फैलने में मदद की।

घटना के दौरान उठे घने धुएं ने पूरे घर को कुछ ही मिनटों में अपनी चपेट में ले लिया, जिससे अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। दम घुटने के कारण उनकी मौत होने की आशंका जताई जा रही है।

मामले की जानकारी देते हुए इंस्पेक्टर चिराग धोकड़िया ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जो सटीक कारणों का पता लगाएगी।

पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव

पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। आसपास के दमकल स्टेशनों से भी अतिरिक्त टीमें बुलाई गई थीं, जिन्होंने मिलकर आग बुझाने का काम किया। इस हादसे ने एक बार फिर घनी आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा मानकों और ज्वलनशील सामग्री के भंडारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


 

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