Sachin Pilot Rajasthan : महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा ऐलान, सचिन पायलट बोले- सड़कों पर होगा राज्यव्यापी आंदोलन

खबर सार :-
Sachin Pilot Rajasthan : कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने महंगाई, बेरोजगारी और नीट पेपर लीक (2024-2026) को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। पायलट ने राजस्थान में बड़े पैमाने पर 'राज्यव्यापी आंदोलन' शुरू करने का ऐलान किया है।
Sachin Pilot Rajasthan : महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा ऐलान, सचिन पायलट बोले- सड़कों पर होगा राज्यव्यापी आंदोलन
खबर विस्तार : -

जयपुर: राजस्थान की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट ने सोमवार को सरकार की नीतियों पर चौतरफा हमला बोलते हुए एक बड़े आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। पायलट ने साफ तौर पर कहा कि आज देश का आम नागरिक महंगाई की चक्की में पिस रहा है, युवा डिग्री लेकर सड़कों पर भटक रहे हैं और सरकार जन कल्याण के काम छोड़कर केवल चुनावी राजनीति और विपक्ष को दबाने में मरुभूमि की ऊर्जा बर्बाद कर रही है। जयपुर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने एलान किया कि विपक्ष अब मूकदर्शक बनकर नहीं बैठेगा, बल्कि जनता के हक के लिए उग्र राज्यव्यापी आंदोलन की शुरुआत की जाएगी।

Sachin Pilot Rajasthan : चुनाव खत्म होते ही बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, पायलट ने टाइमिंग पर उठाए सवाल

सचिन पायलट ने आर्थिक मोर्चे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि जैसे ही चुनाव के नतीजे सामने आए, वैसे ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक आग लग गई। उन्होंने सरकार की नीयत पर सीधा सवाल दागते हुए पूछा, "अगर ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी इतनी ही अपरिहार्य और जरूरी थी, तो सरकार ने मतदान से पहले इसकी घोषणा क्यों नहीं की? जनता सब समझती है कि वोट बटोरने के लिए कीमतों को रोककर रखा गया था।"

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने सरकार की उस सलाह पर भी तंज कसा जिसमें नागरिकों को खर्च कम करने, खाने के तेल और सोने की खपत सीमित करने की बात कही जाती है। उन्होंने कहा कि जब डीजल और पेट्रोल महंगा होता है, तो उसका सीधा असर मालभाड़े पर पड़ता है। इसके चलते फल, सब्जी, दूध और राशन समेत हर आवश्यक वस्तु की लागत बढ़ जाती है। पायलट के शब्दों में, "ईंधन की कीमतों में लगी आग पूरी अर्थव्यवस्था में फैल जाती है, जिससे हर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार का बजट पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है।"

Sachin Pilot Rajasthan : नीट पेपर लीक पर फूटा गुस्सा; 2024, 2025 और 2026 की गड़बड़ियों का किया जिक्र

युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दे पर पायलट बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के आयोजन पर गंभीर सवाल खड़े किए। पायलट ने आरोप लगाया कि कथित तौर पर यह प्रतिष्ठित परीक्षा लगातार तीन सालों—2024, 2025 और 2026 में पेपर लीक और धांधली का शिकार हुई है।

उन्होंने सरकार द्वारा मामले को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपे जाने के कदम को महज एक औपचारिकता करार दिया। उन्होंने कहा, "सिर्फ सीबीआई जांच की घोषणा कर देने भर से सरकार अपनी नैतिक जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकती। हर बार पेपर लीक होता है, लाखों बच्चों का भविष्य दांव पर लगता है और सरकार केवल लीपापोती में जुट जाती है।"

Sachin Pilot Rajasthan : संगठित शिक्षा माफिया के हौसले बुलंद, आखिर कौन दे रहा संरक्षण?

पायलट ने नीट विवाद की गहराई में जाते हुए सीधे तौर पर 'शिक्षा माफिया' पर वार किया। उन्होंने कहा, "यह बात शीशे की तरह साफ होनी चाहिए कि परीक्षा के पेपर लीक करने वाले मासूम छात्र नहीं होते। कोई आम छात्र पेपर खरीदने के लिए करोड़ों रुपये का इंतजाम नहीं कर सकता। इसके पीछे एक बहुत बड़ा संगठित गिरोह काम कर रहा है, जिसके तार ऊपर तक जुड़े हैं।" उन्होंने पूछा कि आखिर इन सरगनाओं को किसका संरक्षण प्राप्त है कि कड़े कानूनों के दावों के बाद भी परीक्षाएं सुरक्षित नहीं हैं?

Sachin Pilot Rajasthan : छात्रों का मानसिक तनाव और आत्महत्याएं बेहद चिंताजनक

इस विवाद के सामाजिक और भावनात्मक पहलू को रेखांकित करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि इस साल करीब 22 लाख छात्र परीक्षा में बैठे थे। महीनों की हाड़तोड़ मेहनत के बाद जब युवाओं को पता चलता है कि पेपर पहले ही बिक चुका था, तो वे गहरे मानसिक अवसाद और तनाव में चले जाते हैं।

उन्होंने झुंझुनू में हुई एक अत्यंत दुखद घटना का हवाला दिया, जहां एक गरीब दलित परिवार के होनहार छात्र ने परीक्षा व्यवस्था से निराश होकर आत्महत्या कर ली। पायलट ने बेहद भावुक और कड़े लहजे में कहा, "ऐसे कई दर्दनाक मामले देश के कोने-कोने से सामने आ रहे हैं, लेकिन सत्ता की कुर्सी पर बैठे अधिकारी और नेता पूरी तरह से संवेदनहीन बने हुए हैं। सरकार को युवाओं की चीखें सुनाई नहीं दे रही हैं।"

Sachin Pilot Rajasthan : सत्ता बचाना ही सरकार का एकमात्र मकसद, जनता की फिक्र नहीं

पायलट ने कहा कि मौजूदा शासन प्रणाली में जवाबदेही नाम की कोई चीज नहीं बची है। अगर सरकार वास्तव में युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर होती, तो अब तक बड़े अधिकारियों और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जा चुकी होती। लेकिन यहाँ तो दोषियों के पकड़े जाने के बाद ही परीक्षाओं को आनन-फानन में रद्द कर औपचारिकता पूरी कर ली जाती है।

उन्होंने एक बड़ा अंदेशा जताते हुए कहा, "न जाने ऐसी कितनी अन्य सरकारी और प्रतियोगी परीक्षाएं होंगी, जिनमें पर्दे के पीछे बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई होंगी, जो कभी मीडिया या जनता के सामने आ ही नहीं पाईं?"

Sachin Pilot Rajasthan : राजस्थान से शुरू होकर देश भर में गूंजेगा यह आंदोलन

अपने संबोधन के समापन पर सचिन पायलट ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अब चुप नहीं बैठने वाली है। उन्होंने कहा कि युवाओं के रोजगार, पेपर लीक से मुक्ति और महंगाई से राहत दिलाने के लिए राजस्थान की धरती से एक सतत राज्यव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।

यह आंदोलन केवल प्रदर्शनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे एक जन-आंदोलन का रूप देकर गाँव-गाँव और ढाणी-ढाणी तक ले जाया जाएगा। पायलट ने दावा किया कि सरकार जनता की बुनियादी समस्याओं को हल करने की बजाय केवल अपनी सत्ता को बचाए रखने के जोड़-तोड़ में व्यस्त है, जिसका जवाब सूबे की जनता आने वाले समय में जरूर देगी।

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