गौतमबुद्ध नगरः गौतमबुद्ध नगर में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चल रहा श्रमिक आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। मंगलवार को आंदोलन के छठे दिन नोएडा के कई औद्योगिक क्षेत्रों में स्थिति बेकाबू हो गई, जहां प्रदर्शनकारी श्रमिकों ने पथराव और तोड़फोड़ की घटनाओं को अंजाम दिया। इसके चलते कई इलाकों में तनाव का माहौल बन गया और औद्योगिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुईं।
जानकारी के अनुसार, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रमिक धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन के कारण लगभग 80 प्रतिशत कंपनियों में कामकाज ठप हो गया है। उद्योगपति और फैक्टरी संचालक सुरक्षा कारणों से इकाइयां खोलने से बच रहे हैं। सेक्टर-70 स्थित क्लियो काउंटी सोसाइटी के पास प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने पथराव और तोड़फोड़ की, जिसमें पुलिसकर्मियों को भी निशाना बनाए जाने की खबर है।
इसी तरह सेक्टर-80 में भी सुबह के समय हालात तनावपूर्ण रहे, जहां कई फैक्टरियों के बाहर जुटे प्रदर्शनकारियों ने कानून-व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश की। हालांकि मौके पर पहले से तैनात पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रण में लिया और बड़ी अनहोनी को टाल दिया। पुलिस ने सेक्टर-70 में हुई हिंसा के मामले में 15 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है।
अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर छिटपुट घटनाओं को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में शांति बनी हुई है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे सरकार द्वारा की गई वेतन वृद्धि को देखते हुए अपना आंदोलन समाप्त करें और शांतिपूर्ण तरीके से काम पर लौटें।
उन्होंने यह भी बताया कि उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और वीडियो फुटेज के आधार पर उनकी पहचान कर गिरफ्तारियां की जा रही हैं। अब तक इस मामले में 300 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि कुल 7 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसके अलावा भ्रामक सूचना फैलाने के आरोप में 2 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।
वहीं जिला प्रशासन ने जानकारी दी कि सोमवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद 24 घंटे के भीतर सरकार ने मजदूरी वृद्धि का निर्णय लिया है। संशोधित न्यूनतम वेतन दरें 1 अप्रैल से प्रभावी होंगी। जिलाधिकारी मेधा रूपम के अनुसार उच्चाधिकार प्राप्त समिति की सिफारिशों को मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी है।
नए संशोधित वेतनमान के अनुसार गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों का वेतन 11,313 रुपये से बढ़ाकर 13,690 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। अर्ध-कुशल श्रमिकों को अब 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों को 16,868 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
अन्य नगर निगम क्षेत्रों में अकुशल श्रमिकों का वेतन 13,006 रुपये, अर्ध-कुशल का 14,306 रुपये और कुशल श्रमिकों का 16,025 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं शेष जिलों में अकुशल श्रमिकों को 12,356 रुपये, अर्ध-कुशल को 13,591 रुपये और कुशल श्रमिकों को 15,224 रुपये प्रतिमाह न्यूनतम मजदूरी दी जाएगी।
प्रशासन ने दावा किया है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और औद्योगिक क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयास जारी हैं। वहीं उद्योग जगत में अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है और कंपनियां सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं।