NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI का बड़ा एक्शन, दिल्ली से बायोलॉजी लेक्चरर गिरफ्तार, अब तक 9 गुनहगार अरेस्ट

खबर सार :-
NEET-UG 2026 Paper Leak Case: सीबीआई द्वारा गिरफ्तार की गई आरोपी मनीषा मांधरे NEET-UG 2026 परीक्षा प्रक्रिया में शामिल थी और NTA ने उसे एक विशेषज्ञ के तौर पर नियुक्त किया था। इसी वजह से, बायोलॉजी के प्रश्न पत्रों तक उसकी पूरी पहुंच थी।

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI का बड़ा एक्शन, दिल्ली से बायोलॉजी लेक्चरर गिरफ्तार, अब तक 9 गुनहगार अरेस्ट
खबर विस्तार : -

NEET-UG 2026 Paper Leak Case: नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इस मामले में अब एक और बड़ी गिरफ्तारी हुई है। CBI ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दिल्ली से एक बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा मंधारे (manisha mandhare) को गिरफ्तार किया गया है। इस नई गिरफ्तारी के साथ, इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

NEET-UG 2026 Paper Leak Case: मनीषा मंधारे तक कैसे पहुंची CBI

इससे पहले, CBI ने इस मामले के कथित मास्टरमाइंड एक केमिस्ट्री लेक्चरर किया था। जिसका नाम पी.वी. कुलकर्णी है, जो मूल रूप से महाराष्ट्र के लातूर जिले का रहने वाला है। जांच एजेंसी का दावा है कि कुलकर्णी काफी समय से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ा हुआ था और उसके पास प्रश्न पत्रों तक पहुंच थी। CBI के अनुसार, अप्रैल के आखिरी हफ़्ते में, पी.वी. कुलकर्णी ने अपनी सहयोगी मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर छात्रों की भर्ती शुरू की। मनीषा वाघमारे को 14 मई को गिरफ्तार किया गया था। जांच ​​एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, मनीषा वाघमारे से पूछताछ के दौरान मनीषा मंधारे का नाम सामने आया।

इसके बाद, जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ाया गया, इस साज़िश में मनीषा मंधारे की भूमिका का भी पता चला। ये दोनों महिलाएं मिलकर इस पूरी साज़िश को अंजाम दे रही थीं। जांच में सामने आया है किक्लास के दौरान, छात्रों को सवाल, उनके विकल्प और सही जवाब बोलकर लिखवाए जाते थे, जिन्हें छात्र अपनी नोटबुक में लिख लेते थे। जांच एजेंसी का कहना है कि छात्रों की नोटबुक में लिखे गए सवाल, 3 मई को हुई NEET-UG 2026 परीक्षा के असली प्रश्न पत्र से पूरी तरह मेल खाते हैं।  CBI अब मनीषा मंधारे के बैंक खातों और फ़ोन कॉल रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

NEET-UG 2026 Paper Leak Case: देश भर में 6 ठिकानों पर छापेमारी

पिछले 24 घंटों में, सीबीआई ने देश भर में 6 स्थानों पर छापेमारी अभियान चलाया और कई आपत्तिजनक दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन जब्त किए. जब्त की गई वस्तुओं का विस्तृत विश्लेषण जारी है। CBI ने आगे बताया कि इससे पहले, इस मामले के सिलसिले में जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से पांच आरोपियों को पहले ही सात दिनों के लिए CBI की हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि बाकी आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया जा रहा है। 

NEET-UG 2026 Paper Leak Case: अब तक 9 गिरफ्तार

  1. पी.वी. कुलकर्णी (पुणे, महाराष्ट्र)
  2. मनीषा वाघमारे (महाराष्ट्र)
  3. मांगीलाल बिंवाल (राजस्थान)
  4. शुभम खैरनार (महाराष्ट्र)
  5. धनंजय लोखंडे (महाराष्ट्र)
  6. दिनेश बिंवाल (राजस्थान)
  7. विकास बिंवाल (राजस्थान)
  8. यश यादव (हरियाणा)
  9. मनीषा गुरुनाथ मंधारे

शिकायत के बाद सीबीआई ने शुरू की कार्रवाई 

बता दें कि यह पूरा घोटाला तब सामने आया जब लातूर के कुछ अभिभावकों ने शिकायत दर्ज कराई कि एक कोचिंग संस्थान द्वारा लिए गए मॉक टेस्ट में पूछे गए 42 सवाल, NEET-UG परीक्षा के असली पेपर के सवालों से हूबहू मिलते थे। इसके बाद, स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू की और बाद में यह मामला CBI को सौंप दिया गया। अब CBI, पी.वी. कुलकर्णी से उनके कार्यकाल के दौरान तैयार किए गए सभी परीक्षा पत्रों के बारे में पूछताछ कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी को शक है कि उनका संबंध NEET 2024 पेपर लीक समेत कई अन्य मामलों से भी हो सकता है।

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