International Yoga Day 2026: बढ़ती उम्र में योग से निरोग रहेगा स्वास्थ्य, जानें इस साल की थीम

खबर सार :-
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाया जाएगा। इस साल की थीम ‘स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग’ है। यह थीम बढ़ते उम्र में स्वस्थ जीवन के लिए योग की उपयोगिता पर प्रकाश डालती है।
International Yoga Day 2026: बढ़ती उम्र में योग से निरोग रहेगा स्वास्थ्य, जानें इस साल की थीम
खबर विस्तार : -

International Yoga Day 2026:  21 जून को मनाए जाने वाले 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (IDY) का विषय "स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग" (Yoga for Healthy Aging) तय किया गया है। यह विषय भारत की प्राचीन और समग्र जीवनशैली को दर्शाता है, जो एक स्वस्थ, सक्रिय और गरिमापूर्ण जीवन के साथ-साथ लंबी उम्र को भी बढ़ावा देती है। आज, योग को वैश्विक स्तर पर शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक भलाई के लिए एक प्रभावी साधन के रूप में मान्यता मिल रही है।

आयुष मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि जीवन प्रत्याशा (जीवन की औसत अवधि) बढ़ने के इस दौर में, स्वस्थ और गरिमापूर्ण तरीके से बुढ़ापा बिताना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि भारत की प्राचीन परंपरा में, ऋषियों और योगियों ने योग के अभ्यास और आध्यात्मिक अनुशासन के माध्यम से लंबी उम्र और बेहतरीन स्वास्थ्य का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनके अनुसार, योग व्यक्तियों को एक स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की कला सिखाता है।

'स्वास्थ्य अवधि' पर केंद्रित विषय

इस वर्ष का विषय केवल किसी व्यक्ति की जीवन अवधि (lifespan) बढ़ाने पर ही केंद्रित नहीं है, बल्कि उसकी "स्वास्थ्य अवधि" (healthspan)—यानी, स्वस्थ अवस्था में बिताए गए जीवन के समय को बढ़ाने पर भी केंद्रित है। योग का नियमित अभ्यास शारीरिक लचीलापन, मानसिक संतुलन, भावनात्मक दृढ़ता और एक सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देता है, जिससे बुढ़ापे की प्रक्रिया अधिक सहज और प्रबंधनीय बन जाती है।

योग की उपयोगिता पर हुए शोध

वैश्विक स्तर पर योग और स्वस्थ बुढ़ापे के बीच के संबंध की पड़ताल करने वाले वैज्ञानिक शोधों में भी भारी वृद्धि देखी गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस विषय पर 2014 में 183 शोध पत्र प्रकाशित हुए थे, जिनकी संख्या 2025 तक बढ़कर 1,207 हो गई। यह वृद्धि उम्र से संबंधित शारीरिक और मानसिक चुनौतियों के समाधान के रूप में योग की उपयोगिता में बढ़ती वैज्ञानिक रुचि को रेखांकित करती है।

बुजुर्गों के लिए विशेष योग

आयुष मंत्रालय योग को एक ऐसी जीवनशैली अभ्यास के रूप में सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है, जिसे पूरे वर्ष अपनाया जा सके। इस उद्देश्य से "योग 365," "योग समावेश," और गैर-संक्रामक रोगों तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए योग प्रोटोकॉल जैसी पहलें वर्तमान में लागू की जा रही हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बुजुर्गों के बीच संतुलन, गतिशीलता, श्वसन क्षमता और मानसिक भलाई को बढ़ाना है। 

स्वस्थ बुढ़ापे का सुलभ माध्यम

आयुष मंत्रालय ने योग को वर्ष भर चलने वाले कल्याणकारी अभ्यास के रूप में बढ़ावा देने और निवारक स्वास्थ्य देखभाल (preventive healthcare) में इसकी भूमिका को सुदृढ़ करने के लिए कई पहलें की हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 का विषय ऐसे समय में सामने आया है, जब दुनियाभर में बुजुर्गों की आबादी तेजी से बढ़ रही है। इस संदर्भ में, योग एक स्वस्थ, सक्रिय और गरिमामय बुढ़ापे को बढ़ावा देने के लिए एक प्रभावी और सुलभ माध्यम के रूप में उभर रहा है।

 

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