कैबिनेट सचिव डॉ. T.V. Somanathan का स्पष्ट संदेशः भारत को अपने AI System खुद बनाने होंगे, मजबूत सप्लाई चेन और ‘संपूर्ण राष्ट्र’ दृष्टिकोण ही भविष्य की कुंजी

खबर सार :-
कैबिनेट सचिव डॉ. टीवी सोमनाथन का संदेश स्पष्ट है कि भविष्य की सुरक्षा केवल सैन्य ताकत पर नहीं, बल्कि तकनीकी आत्मनिर्भरता, मजबूत सप्लाई चेन और राष्ट्रीय एकजुटता पर निर्भर करेगी। स्वदेशी एआई और समन्वित प्रयासों के जरिए ही भारत वैश्विक चुनौतियों का प्रभावी सामना कर सकेगा और अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत बनाए रखेगा।

कैबिनेट सचिव डॉ. T.V. Somanathan का स्पष्ट संदेशः भारत को अपने AI System खुद बनाने होंगे, मजबूत सप्लाई चेन और ‘संपूर्ण राष्ट्र’ दृष्टिकोण ही भविष्य की कुंजी
खबर विस्तार : -

Army Commanders Conference: बदलते वैश्विक परिदृश्य और तेजी से विकसित होती तकनीकों के दौर में भारत की रणनीतिक तैयारी को लेकर एक अहम संदेश सामने आया है। आर्मी कमांडर्स सम्मेलन में मंगलवार को कैबिनेट सचिव डॉ. टीवी सोमनाथन ने शीर्ष सैन्य नेतृत्व को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा कि देश को अपनी सुरक्षा और निर्णय क्षमता को मजबूत बनाने के लिए स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिस्टम विकसित करने होंगे।

एआईः राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे का अभिन्न हिस्सा

आर्मी कमांडर्स सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा कि आज के समय में तकनीक, विशेष रूप से एआई, केवल एक सहायक उपकरण नहीं रह गया है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। ऐसे में भारत के लिए यह आवश्यक है कि वह बाहरी तकनीकी निर्भरता को कम करते हुए अपने एआई मॉडल तैयार करे, ताकि संवेदनशील डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और रणनीतिक निर्णय पूरी तरह स्वायत्त हों।

बदलते भू-राजनीतिक हालात पर चिंता

डॉ. सोमनाथन ने अपने संबोधन में बदलते भू-राजनीतिक हालात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर संघर्ष, आर्थिक अस्थिरता और राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे देशों के बीच आपूर्ति शृंखलाएं प्रभावित हो रही हैं। इस संदर्भ में उन्होंने भारत के लिए मजबूत और लचीली सप्लाई चेन विकसित करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उनका कहना था कि किसी भी संकट के समय संसाधनों की निर्बाध उपलब्धता ही देश की रक्षा क्षमता को मजबूत बनाती है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल सैन्य ताकत पर्याप्त नहीं है, बल्कि आर्थिक, तकनीकी और औद्योगिक मजबूती भी उतनी ही जरूरी है। इसी कड़ी में उन्होंने नागरिक और सैन्य संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज की चुनौतियां बहुआयामी हैं और इनका सामना करने के लिए सभी क्षेत्रों को एक साथ मिलकर काम करना होगा।

‘संपूर्ण राष्ट्र दृष्टिकोण’ को अपनाने की वकालत

कैबिनेट सचिव ने ‘संपूर्ण राष्ट्र दृष्टिकोण’ (Whole-of-Nation Approach) को अपनाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार, उद्योग, शिक्षा संस्थान और आम नागरिकों के बीच सहयोग आवश्यक है। उनका मानना है कि जब तक देश के सभी घटक एकजुट होकर प्रयास नहीं करेंगे, तब तक दीर्घकालिक सुरक्षा और विकास सुनिश्चित नहीं किया जा सकता। अपने संबोधन में उन्होंने आत्मनिर्भरता की अवधारणा को भी विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ केवल एक सरकारी नीति नहीं, बल्कि एक व्यापक सोच है, जिसे हर नागरिक और संस्था को अपनाना होगा। यह सोच देश को न केवल रक्षा क्षेत्र में बल्कि आर्थिक और सामाजिक स्तर पर भी सशक्त बनाएगी।

भविष्य की चुनौतियों के प्रति सतर्क रहने का आह्वान

डॉ. सोमनाथन ने भविष्य की चुनौतियों के प्रति सतर्क रहने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चाहे शांति का समय हो या संघर्ष की स्थिति, दोनों में ही दीर्घकालिक योजना और समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने सैन्य नेतृत्व को सलाह दी कि वे नई तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ नवाचार पर भी जोर दें, ताकि भारत आने वाले समय में किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम हो सके।

तकनीकी आत्मनिर्भरता, मजबूत आपूर्ति तंत्र पर विशेष ध्यान

आर्मी कमांडर्स सम्मेलन में सम्मेलन में उनका यह संबोधन न केवल सैन्य अधिकारियों के लिए मार्गदर्शक साबित हुआ, बल्कि इसने भारत की व्यापक रणनीतिक दिशा को भी स्पष्ट किया। उनके विचारों ने यह संकेत दिया कि आने वाले वर्षों में भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता, मजबूत आपूर्ति तंत्र और समन्वित राष्ट्रीय प्रयासों पर विशेष ध्यान देना होगा। इस अवसर पर मौजूद वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने भी उनके विचारों को महत्वपूर्ण बताया और भविष्य की रणनीति में इन बिंदुओं को शामिल करने की आवश्यकता पर सहमति जताई। यह सम्मेलन देश की रक्षा नीति और तैयारियों को नए सिरे से दिशा देने में अहम भूमिका निभा रहा है।

अन्य प्रमुख खबरें