इंफाल में विरोध रैली के दौरान हिंसा, 21 गिरफ्तार, CRPF जवान घायल

खबर सार :-
मणिपुर पुलिस ने 18 अप्रैल को इम्फाल पश्चिम ज़िले में हुई एक विरोध रैली के दौरान भड़की हिंसा के सिलसिले में 21 लोगों को गिरफ़्तार किया है। यह रैली इम्फाल-जिरीबाम सड़क पर पटसोई से सगोलबंद तक आयोजित की गई थी, जो बाद में हिंसक हो गई।

इंफाल में विरोध रैली के दौरान हिंसा, 21 गिरफ्तार, CRPF जवान घायल
खबर विस्तार : -

इंफाल: मणिपुर की राजधानी इंफाल में 18 अप्रैल को आयोजित एक विरोध रैली के दौरान भड़की हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह रैली इंफाल पश्चिम जिले में पटसोई से सगोलबंद तक, इंफाल-जिरीबाम सड़क पर निकाली गई थी, जो बाद में उग्र हो गई।

सुरक्षा बलों पर किया पथराव

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने रैली के दौरान सुरक्षा बलों पर पथराव किया और पेट्रोल बम फेंके। इसके अलावा गुलेल और बड़े पत्थरों का इस्तेमाल कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। इस हिंसा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 232वीं बटालियन के तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए।

स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभालते हुए भीड़ को तितर-बितर किया और हालात को नियंत्रित किया। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों में संजीव (36), ताखेलचांगबम बोनान्ज़ा (28), राहुल क्षेत्रमयुम (27), थोंगबाम रोज़र (39), गुरुमायुम मैक्स शर्मा (26), लामजिंगबा अयेकपम (29), मुतुम मुरारी (37), मोइरांगथेम जेम्स (28), ओइनम माइकल (36), कोइजम कर्णजीत मैतेई (23), लम्बामायुम रिंगो (29), युरिश वेयनबाम (35), हुइरेम सोमोरजीत सिंह (25), खोइसनाम नाओबा सिंह (32), निकेश लैशराम (23), चिंगखम रंजन (28), सीरम विकास (21), कांगजम चिंगखेइंगनबा (24), खुराइजम दीपक सिंह (34), वाहेंगबाम नरेन सिंह (34) और अनाओबा क्षेत्रिमायुम (18) शामिल हैं।

प्रशासन ने दी चेतावनी

इसके अतिरिक्त, पुलिस ने अरमबाई तेंगगोल के एक सदस्य टेंसुबम लामयानबा मैतेई (23) को भी गिरफ्तार किया है। उस पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook पर भड़काऊ और हिंसा को उकसाने वाली सामग्री पोस्ट करने का आरोप है।

पुलिस के मुताबिक, “मैतेई नोंग्सा लामयानबा” नामक फेसबुक अकाउंट से ऐसी पोस्ट साझा की जा रही थीं, जिनमें धमकियां और हिंसा के लिए उकसावे शामिल थे। अधिकारियों ने इसे कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया है।

प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की हिंसा फैलाने या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है।
 

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