नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल फ्लोरिश स्टे में हुए भीषण अग्निकांड की जांच के बीच दिल्ली पुलिस ने हादसे में जान गंवाने वाले 12 विदेशी नागरिकों में से नौ की पहचान कर ली है। अधिकारियों के अनुसार, यह पहचान घटनास्थल से बरामद पासपोर्ट, यात्रा दस्तावेजों और अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर की गई है। इस दर्दनाक हादसे में कुल 21 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें नौ भारतीय और 12 विदेशी नागरिक शामिल थे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृत विदेशी नागरिक बांग्लादेश, लाइबेरिया, नाइजीरिया और मोजाम्बिक जैसे देशों के निवासी थे। मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने के बाद दिल्ली पुलिस ने विदेशी नागरिकों की पूरी सूची विदेश मंत्रालय को भेज दी है, ताकि संबंधित देशों के दूतावासों के साथ समन्वय स्थापित कर शवों को उनके परिजनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, सभी विदेशी नागरिकों की डीएनए प्रोफाइलिंग भी पूरी कर ली गई है। यह प्रक्रिया संबंधित देशों के दूतावासों से आवश्यक अनुमति प्राप्त होने के बाद संपन्न हुई। पुलिस का कहना है कि डीएनए परीक्षण का उद्देश्य मृतकों की पहचान को पूरी तरह प्रमाणित करना और भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी या प्रशासनिक जटिलता से बचना है।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि विदेशी नागरिकों के शवों का पोस्टमॉर्टम भी संबंधित दूतावासों की सहमति मिलने के बाद कराया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत के सटीक कारणों और आग के प्रभाव से हुई क्षति की विस्तृत जानकारी मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि होटल का बेसमेंट, भूतल और ऊपर की पांच मंजिलें गर्मी और घने धुएं की चपेट में आ गईं। आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में धुआं पूरे भवन में फैल गया, जिससे कई लोग बाहर निकलने का रास्ता नहीं खोज सके। राहत और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर व्यापक अभियान चलाया और 47 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
हादसे में घायल हुए 26 लोगों का दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश पीड़ित धुएं के कारण दम घुटने और जलने की चोटों से प्रभावित हुए हैं।
इस बीच जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि होटल में अग्नि सुरक्षा से जुड़े आवश्यक इंतजाम मौजूद थे या नहीं। अधिकारियों द्वारा होटल के फायर सेफ्टी सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग, अग्निशमन उपकरणों और भवन निर्माण मानकों की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि होटल सभी वैधानिक नियमों और लाइसेंस संबंधी शर्तों का पालन करते हुए संचालित किया जा रहा था या नहीं।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। निगम अधिकारियों का कहना है कि जांच में यदि किसी प्रकार की लापरवाही, नियमों के उल्लंघन या प्रशासनिक चूक की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
पुलिस ने इस मामले में गैर-इरादतन हत्या तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि क्या होटल प्रबंधन की कथित लापरवाही, सुरक्षा मानकों की अनदेखी या अन्य प्रशासनिक कमियां इस बड़े हादसे की वजह बनीं।
अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न विभागों की जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर आने की संभावना है। इसके बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है। मालवीय नगर अग्निकांड ने एक बार फिर राजधानी में व्यावसायिक भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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