सक्ती, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है। मंगलवार दोपहर सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में अचानक बॉयलर फटने से भीषण विस्फोट हो गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 9 श्रमिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। धमाका इतना जोरदार था कि प्लांट के भीतर और बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, हादसा मंगलवार दोपहर करीब 3:20 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और वहां काम करने वाले मजदूरों के मुताबिक, बॉयलर में हुए धमाके के बाद गर्म मलबे और भाप की चपेट में आने से कई मजदूर मौके पर ही झुलस गए। स्थानीय पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि राहत कार्य युद्ध स्तर पर जारी है और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया है।
हादसे में घायल हुए 20 मजदूरों में से 18 को रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, तीन अन्य गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए रायगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। प्रशासन का कहना है कि उनकी प्राथमिकता घायलों को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराना है ताकि जनहानि को और बढ़ने से रोका जा सके।
हादसे के बाद प्लांट प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल में भर्ती एक घायल मजदूर के परिजन ने आरोप लगाया कि विस्फोट के बाद घायलों को ले जाने के लिए तत्काल कोई एम्बुलेंस या सुविधा उपलब्ध नहीं थी। परिजनों का यह भी कहना है कि घटना के बाद ठेकेदार और प्लांट के उच्च अधिकारी मौके से दूरी बनाए हुए हैं, जिससे मजदूरों में आक्रोश व्याप्त है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए इस दुर्घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि जिला प्रशासन को मौके पर राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि हादसे में झुलसे सभी घायलों के मुफ्त और बेहतर उपचार की समुचित व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री ने घटना की गंभीरता को देखते हुए इसकी निष्पक्ष और गहन जांच कराने की घोषणा की है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि जांच के दौरान जो भी अधिकारी या कर्मचारी लापरवाही बरतने के दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ शासन द्वारा सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ने भी इस घटना पर दुख जताया है। भूपेश बघेल ने सरकार से मांग की है कि मृतक परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए और घायलों के उपचार में कोई कमी न छोड़ी जाए। सिंह देव ने हादसे को मन व्यथित करने वाला बताते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की है।
वेदांता जैसे बड़े पावर प्लांट में इस तरह का विस्फोट सुरक्षा मानकों की अनदेखी की ओर इशारा करता है। फिलहाल पूरी सक्ती जिला पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर तैनात है। जांच टीम इस बात का पता लगाने में जुटी है कि बॉयलर फटने का मुख्य कारण तकनीकी खराबी थी या परिचालन में लापरवाही।
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