Middle East Tension का बाजार पर वार: वित्त वर्ष के आखिरी दिन Sensex 1,635 अंक लुढ़का, निवेशकों की चिंता बढ़ी

खबर सार :-
वित्त वर्ष के अंतिम दिन आई यह भारी गिरावट बाजार की संवेदनशीलता और वैश्विक घटनाओं पर उसकी निर्भरता को दर्शाती है। मध्य पूर्व का तनाव यदि जल्द कम नहीं होता, तो बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रणनीति अपनाने और तकनीकी स्तरों पर नजर रखने की जरूरत है।

Middle East Tension का बाजार पर वार: वित्त वर्ष के आखिरी दिन Sensex 1,635 अंक लुढ़का, निवेशकों की चिंता बढ़ी
खबर विस्तार : -

Indian Stock Market Crashed Today: चालू वित्त वर्ष 2025-26 के अंतिम कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक अनिश्चितताओं और खासतौर पर मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों के भरोसे को गहरा झटका दिया। दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद अंततः सेंसेक्स 1,635.67 अंक यानी 2.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71,947.55 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 488.20 अंक या 2.14 प्रतिशत टूटकर 22,331.40 के स्तर पर आ गया।

बाजार में बिकवाली का दबाव

बाजार में बिकवाली का दबाव इतना व्यापक था कि लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा असर बैंकिंग और वित्तीय शेयरों पर देखा गया। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 4.56 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 3.49 प्रतिशत और प्राइवेट बैंक इंडेक्स 3.37 प्रतिशत नीचे आया। इसके अलावा रियल्टी, डिफेंस, सर्विसेज, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मीडिया और ऑटो सेक्टर भी 2 से 3 प्रतिशत तक टूटे। लार्जकैप शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में भी कमजोरी साफ दिखी। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2.68 प्रतिशत गिरकर 52,650 पर आ गया, जबकि स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 2.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 15,203.80 पर बंद हुआ। इससे साफ है कि गिरावट केवल चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे बाजार में फैली रही।

सेंसेक्स पैक के शेयरों की स्थिति

सेंसेक्स के 30 शेयरों में से केवल दो शेयर ही हरे निशान में बंद होने में सफल रहे। बजाज फाइनेंस, एसबीआई, इंडिगो, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, ट्रेंट, भारती एयरटेल, अल्ट्राटेक सीमेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा और एशियन पेंट्स जैसे दिग्गज शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। वहीं, टेक महिंद्रा और पावर ग्रिड मामूली बढ़त के साथ बंद हुए।

मार्केट कैप में 10 लाख करोड़ रुपये की कमी

इस भारी गिरावट का असर निवेशकों की संपत्ति पर भी पड़ा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 10 लाख करोड़ रुपये घटकर 412 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले कारोबारी सत्र में 422 लाख करोड़ रुपये था। यह एक दिन में निवेशकों के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है।

एक्सपर्ट्स की राय

विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में इस गिरावट की मुख्य वजह मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव है। इस क्षेत्र में हालात बिगड़ने के संकेतों ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता पैदा कर दी है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। निवेशकों ने जोखिम से बचने के लिए बड़े पैमाने पर बिकवाली का रास्ता अपनाया। एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स प्रमुख सुदीप शाह ने बताया कि बाजार की शुरुआत ही गैप-डाउन के साथ हुई थी। हालांकि, बीच में हल्की रिकवरी देखने को मिली, लेकिन ऊपरी स्तरों पर लगातार बिकवाली ने बाजार को नीचे धकेल दिया। उन्होंने कहा कि निफ्टी के लिए 22,200-22,150 का स्तर अहम सपोर्ट है। अगर यह टूटता है तो बाजार 22,000 और फिर 21,800 तक जा सकता है। वहीं, 22,450-22,500 का स्तर निकटतम रेजिस्टेंस बना हुआ है।

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