VivaTech 2026: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेजी से विकसित होते दौर में भारत दुनिया के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की युवा आबादी, सस्ती डेटा सेवाएं, मजबूत तकनीकी क्षमताएं और समावेशी विकास की सोच भारत को वैश्विक तकनीकी क्रांति में अग्रणी स्थान दिला रही हैं।
विवा टेक 2026 कार्यक्रम में एआई और भविष्य की तकनीकों पर अपने विचार रखते हुए गोयल ने कहा कि भारत के पास कई ऐसी प्राकृतिक और संरचनात्मक ताकतें हैं, जो उसे दुनिया में तकनीकी अंतर को कम करने और नवाचार को गति देने में सक्षम बनाती हैं। उन्होंने कहा कि भारत तकनीक को अपनाने की गति और उसके व्यापक उपयोग के मामले में कई देशों से आगे है। गोयल के अनुसार, भारत एआई को किसी खतरे के रूप में नहीं बल्कि विकास, उत्पादकता और आर्थिक प्रगति के महत्वपूर्ण साधन के रूप में देखता है। यही दृष्टिकोण देश को नई तकनीकों के बेहतर उपयोग और व्यापक लाभ सुनिश्चित करने में मदद कर रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा जनसंख्या है। देश की औसत आयु 30 वर्ष से कम है, जो वैश्विक स्तर पर भारत को विशेष प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति नवाचार, उद्यमिता और तकनीकी विकास की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्होंने बताया कि तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और विशाल युवा कार्यबल भारत को नए उद्योगों और तकनीकी क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ने का अवसर दे रहे हैं। यही कारण है कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
गोयल ने कहा कि भारत का विशाल उपभोक्ता बाजार भी उसकी आर्थिक और तकनीकी प्रगति का प्रमुख आधार है। 1.4 अरब लोगों की आबादी न केवल मांग पैदा करती है, बल्कि बड़े पैमाने पर नवाचार और निवेश को भी प्रोत्साहित करती है। उन्होंने कहा कि बड़े बाजार के कारण कंपनियों को नए उत्पाद, सेवाएं और तकनीकी समाधान विकसित करने का अवसर मिलता है, जिससे देश में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होता है।
मंत्री ने कहा कि भारत में डेटा की लागत दुनिया के कई देशों की तुलना में काफी कम है। यही वजह है कि डिजिटल सेवाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है और अधिक से अधिक लोग तकनीकी क्रांति का हिस्सा बन पा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि देश के पास डेटा सेंटर, कंप्यूटिंग क्षमता और उभरती तकनीकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त बिजली संसाधन उपलब्ध हैं। मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भारत को एआई आधारित विकास के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर रहा है।
गोयल ने कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के क्षेत्र में भारत दुनिया के सबसे बड़े प्रतिभा केंद्रों में से एक है। देश हर वर्ष बड़ी संख्या में इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ तैयार करता है, जो वैश्विक तकनीकी उद्योग की रीढ़ साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह विशाल प्रतिभा पूल भारत को एआई, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और अन्य उभरती तकनीकों में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने में मदद करेगा।
एआई के कारण रोजगार खत्म होने की आशंकाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए गोयल ने स्पष्ट किया कि तकनीक मानव बुद्धिमत्ता, संस्कृति, मूल्यों और परंपराओं का स्थान नहीं ले सकती। उन्होंने कहा कि एआई नई नौकरियों, नए व्यवसायों और नए करियर विकल्पों का निर्माण करेगा। मंत्री के अनुसार, भविष्य में मानव बुद्धिमत्ता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का संयोजन विकास, नवाचार और आर्थिक समृद्धि को नई दिशा देगा।
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