NSE Mega IPO: मुंबई से आई बड़ी खबर के मुताबिक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने अपने बहुप्रतीक्षित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की दिशा में ठोस कदम बढ़ा दिए हैं। वर्षों से लंबित इस योजना को अब गति मिलती दिख रही है। एक्सचेंज ने अपने मौजूदा शेयरधारकों से संपर्क साधते हुए उनसे पूछा है कि क्या वे इस आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए हिस्सा लेना चाहते हैं। यह कदम संकेत देता है कि एनएसई अब अपने लिस्टिंग प्लान को जमीन पर उतारने के लिए गंभीर है और औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
सूत्रों के अनुसार, एनएसई ने निवेशकों को संदेश भेजकर एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) मांगा है। यह उन शेयरधारकों के लिए है जो प्रस्तावित आईपीओ के तहत अपने कुछ या सभी शेयर बेचना चाहते हैं। इस प्रक्रिया के तहत इच्छुक निवेशकों को ईओआई फॉर्म और जरूरी दस्तावेज भी भेजे गए हैं, जिनमें भागीदारी की शर्तें स्पष्ट रूप से दी गई हैं। शेयरधारक अपनी होल्डिंग का पूरा या आंशिक हिस्सा बेच सकते हैं, लेकिन यह पूरी तरह ओएफएस के नियमों और शर्तों पर निर्भर करेगा।
एनएसई ने निवेशकों के लिए एक स्पष्ट समयसीमा तय की है। इच्छुक शेयरधारकों को 27 अप्रैल शाम 5 बजे तक अपनी प्रतिक्रिया जमा करनी होगी। संदेश में साफ कहा गया है कि शेयरधारक अपनी इक्विटी हिस्सेदारी के कुछ या सभी शेयर बिक्री के लिए पेश कर सकते हैं, बशर्ते वे ओएफएस नोटिस में दी गई शर्तों को पूरा करें।
इस पहल से यह साफ हो गया है कि एनएसई आईपीओ से पहले संभावित विक्रेता शेयरधारकों की पहचान करना चाहता है। इससे इश्यू की संरचना और साइज तय करने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम निवेशकों के बीच पारदर्शिता बढ़ाने और प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए उठाया गया है।
एनएसई ने इस मेगा इश्यू को संभालने के लिए कुल 20 मर्चेंट बैंकर नियुक्त किए हैं, जो भारत में किसी भी आईपीओ के लिए अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। इनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, एसबीआई कैपिटल मार्केट्स, जेपी मॉर्गन और सिटीग्रुप जैसे दिग्गज शामिल हैं। इसके अलावा, एक्सचेंज ने आठ प्रमुख लॉ फर्म्स को भी नियुक्त किया है, जिनमें सिरिल अमरचंद मंगलदास, ट्राइलीगल और लैथम एंड वाटकिंस जैसी प्रतिष्ठित फर्म्स शामिल हैं। अन्य मध्यस्थों में एमयूएफजी इंटाइम और रेडसीर जैसी कंसल्टेंसी कंपनियां भी शामिल हैं।
एनएसई को अपने आईपीओ के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से जनवरी में ही मंजूरी मिल चुकी है। उस समय एनएसई के चेयरपर्सन श्रीनिवास इंजेती ने इसे कंपनी की ग्रोथ यात्रा में एक अहम मील का पत्थर बताया था। उन्होंने कहा था कि यह कदम सभी हितधारकों के लिए वैल्यू क्रिएशन के नए अवसर खोलेगा।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि एनएसई का आईपीओ भारत के पूंजी बाजार के इतिहास में सबसे बड़े इश्यू में से एक हो सकता है। इससे पहले 2025 में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के आईपीओ में 18 बुक रनर शामिल थे, जो उस समय एक रिकॉर्ड था। एनएसई ने इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए 20 बैंकरों को जोड़ा है।