West Asia Crisis LPG Supply: पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच केंद्र सरकार ने देश में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि मौजूदा हालात के बावजूद देशभर में एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और आम लोगों को किसी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, सरकार ने सप्लाई चेन को मजबूत बनाए रखने के लिए बहु-स्तरीय रणनीति अपनाई है। इसमें रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाना, वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना और कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई शामिल है। बीते दिनों में ही 2,100 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें लगभग 450 गैस सिलेंडर जब्त किए गए। यह कदम जमाखोरी और अवैध मुनाफाखोरी पर लगाम लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार ने यह भी बताया कि देश में घरेलू और वाणिज्यिक दोनों प्रकार के एलपीजी की सप्लाई को संतुलित रखा जा रहा है। जहां घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस उपलब्ध कराई जा रही है, वहीं कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई में अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और जरूरी उद्योगों को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे आवश्यक सेवाओं पर किसी तरह का असर नहीं पड़ने दिया जा रहा है।
विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों को ध्यान में रखते हुए 5 किलो वाले छोटे एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई बढ़ा दी गई है। यह कदम उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है जो सीमित संसाधनों में जीवन यापन करते हैं और बड़े सिलेंडर खरीदने में असमर्थ होते हैं। सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल ऊर्जा की पहुंच बढ़ेगी बल्कि सामाजिक सुरक्षा भी मजबूत होगी। वैकल्पिक ईंधनों की ओर झुकाव भी इस दौरान बढ़ा है। मायपीएनजीडी पोर्टल के जरिए अब तक 34,200 से अधिक उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर किए हैं और पीएनजी को अपनाया है। इससे गैस वितरण प्रणाली पर दबाव कम हुआ है और पर्यावरण के लिहाज से भी यह सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एलपीजी सप्लाई की निगरानी के लिए अतिरिक्त अधिकार दिए हैं। सभी राज्यों में कंट्रोल रूम और मॉनिटरिंग कमेटियां सक्रिय कर दी गई हैं, जो सप्लाई की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इसके साथ ही, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने भी अपने निरीक्षण अभियान तेज कर दिए हैं और कई डिस्ट्रीब्यूटर्स के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ने से भी पारदर्शिता में सुधार हुआ है। सरकार के अनुसार, एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग अब लगभग 98 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जबकि डीएसी-आधारित डिलीवरी 93 प्रतिशत तक हो गई है। इससे उपभोक्ताओं को समय पर और बिना किसी बाधा के गैस सिलेंडर मिल पा रहे हैं।
प्राकृतिक गैस क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उर्वरक संयंत्रों को गैस आवंटन बढ़ाकर लगभग 95 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे कृषि क्षेत्र को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। इसके अलावा, आईजीएल, एमजीएल, गेल गैस और बीपीसीएल जैसी कंपनियां पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा दे रही हैं। मार्च 2026 से अब तक करीब 4.5 लाख नए पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए गए हैं और 5 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। एलपीजी उत्पादन में भी वृद्धि की गई है ताकि घरेलू जरूरतों को पूरा किया जा सके। समुद्री सुरक्षा के मोर्चे पर भी सरकार पूरी तरह सतर्क है। डीजी शिपिंग कंट्रोल रूम हजारों कॉल और मामलों को संभाल चुका है। अब तक 2,337 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया गया है और सभी भारतीय जहाज सुरक्षित हैं। भारतीय दूतावास भी लगातार नागरिकों के संपर्क में हैं और 24 घंटे हेल्पलाइन के माध्यम से सहायता प्रदान कर रहे हैं।
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