Financial Inclusion में भारत की बड़ी छलांग: Jan Dhan Accounts 58 करोड़ के पार, जमा राशि ने छुआ 3 लाख करोड़ का आंकड़ा

खबर सार :-
सरकार की फैक्टशीट बताती है कि पिछले 12 वर्षों में वित्तीय समावेशन, स्वास्थ्य सुरक्षा, स्वच्छता, आवास और पेयजल सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। जन धन खातों की संख्या 58 करोड़ के पार पहुंचना और उनमें 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की जमा राशि इस बदलाव का बड़ा संकेत है। विभिन्न योजनाओं के जरिए करोड़ों लोगों को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने का दावा किया गया है।
Financial Inclusion में भारत की बड़ी छलांग: Jan Dhan Accounts 58 करोड़ के पार, जमा राशि ने छुआ 3 लाख करोड़ का आंकड़ा
खबर विस्तार : -

Jan Dhan Accounts : केंद्र सरकार ने पिछले 12 वर्षों में वित्तीय समावेशन और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में हुए बदलावों को लेकर एक विस्तृत फैक्टशीट जारी की है। वित्त मंत्री कार्यालय की ओर से जारी इस रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रधानमंत्री जन धन योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, उज्ज्वला योजना और आवास योजनाओं जैसी पहल ने करोड़ों लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।

फैक्टशीट के अनुसार, देश में प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खोले गए बैंक खातों की संख्या बढ़कर 58.15 करोड़ हो गई है। इन खातों में जमा कुल राशि 3 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है, जो वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

जन धन योजना बनी वित्तीय समावेशन की रीढ़

प्रधानमंत्री जन धन योजना को दुनिया के सबसे बड़े वित्तीय समावेशन अभियान के रूप में देखा जाता है। इस योजना का उद्देश्य उन लोगों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना था, जिनकी बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच नहीं थी। सरकार के अनुसार, ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों ने इस योजना के तहत खाते खुलवाए हैं। इन खातों ने न केवल बचत की संस्कृति को बढ़ावा दिया है बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक जन धन खातों में 56 प्रतिशत खाते महिलाओं के नाम पर हैं। यह आंकड़ा महिलाओं की वित्तीय भागीदारी और आर्थिक सशक्तिकरण को भी दर्शाता है।

जेएएम ट्रिनिटी ने बदली लाभ वितरण की व्यवस्था

फैक्टशीट में कहा गया है कि जन धन, आधार और मोबाइल के संयोजन से बनी ‘जेएएम ट्रिनिटी’ ने देश में कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाया है। इस व्यवस्था के माध्यम से सरकारी सब्सिडी और अन्य लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे जा रहे हैं। इससे बिचौलियों की भूमिका कम हुई है और योजनाओं में होने वाले रिसाव पर काफी हद तक रोक लगी है। सरकार का दावा है कि इस मॉडल ने पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया है।

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Ayushman Bharat से करोड़ों परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ी उपलब्धियों का दावा किया है। फैक्टशीट के अनुसार, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जारी कार्डों की संख्या 44 करोड़ तक पहुंच चुकी है। यह योजना देश के लगभग 12 करोड़ परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराती है। इससे देश की करीब 40 प्रतिशत आबादी को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल रहा है। सरकार ने मार्च 2024 में करीब 37 लाख आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के परिवारों को भी इस योजना में शामिल किया। बाद में इसका दायरा बढ़ाते हुए 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को भी योजना का लाभ दिया गया।

Pradhan Mantri Har Ghar Jal Yojana

Water connection: हर घर जल की दिशा में बड़ा कदम

ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन के तहत अब तक 15.7 करोड़ नल जल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। सरकार का कहना है कि मिशन को अब केवल बुनियादी ढांचा निर्माण तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे सेवा वितरण आधारित बनाया जाएगा। इसके तहत जल प्रबंधन, सुशासन और स्थायी पाइपलाइन आधारित जल आपूर्ति को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। योजना की कुल लागत बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपये कर दी गई है, जिसमें केंद्र सरकार का योगदान 3.59 लाख करोड़ रुपये होगा।

स्वच्छता और बिजली कनेक्शन में भी उल्लेखनीय प्रगति

फैक्टशीट के अनुसार, स्वच्छ भारत मिशन के तहत देशभर में 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया है। इससे खुले में शौच की समस्या को कम करने और ग्रामीण स्वच्छता को बेहतर बनाने में मदद मिली है। इसके अलावा सौभाग्य योजना के अंतर्गत 2.9 करोड़ घरों तक बिजली कनेक्शन पहुंचाए गए हैं। इससे लाखों परिवारों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति को बल मिला है।

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Pradhan Mantri  Ujjwala और Awas योजनाओं ने बदली तस्वीर

गरीब परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने 10 करोड़ एलपीजी कनेक्शन जारी किए हैं। उज्ज्वला योजना के तहत मिले इन कनेक्शनों ने पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने में मदद की है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4 करोड़ पक्के मकानों का निर्माण किया गया है। इससे करोड़ों लोगों को सुरक्षित और बेहतर आवास उपलब्ध हुआ है, जो सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है।

 

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