Indian Share Market News: वैश्विक अनिश्चितता के दौरा में दुनिया के सभी बाजारों में उतार-चढ़ाव जारी है। इस बीच भारत में सोमवार को शेयर बाजार लाल निशान में खुले । घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्कों में बड़े स्तर पर गिरावट देखने को मिली और निफ्टी के सभी इंडेक्स रेड जोन में कारोबार करते नजर आए । बीएसई सेंसेक्स गिरावट के साथ सपाट खुला, लेकिन कुछ ही देर बाद गिरावट का सिलसिला जारी हो गया और सेंसेक्स 300 से ज्यादा अंक नीचे गिर गया। इस कारण सुबह 10 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 348 अंक या 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,228 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। तो वहीं निफ्टी 106.50 अंक या 0.41 प्रतिशत गिरकर 25,576.80 पर ट्रेड कर रहा था। व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.18 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.33 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 1.6 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 0.97 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत की कमजोरी देखी गई। जबकि, निफ्टी आईटी और बैंक इंडेक्स, दोनों में तकरीबन 0.5 प्रतिशत तक की आंशिक गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स पैक में हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील और एसबीआई के शेयर टॉप गेनर्स में शामिल रहे। जबकि इटरनल, बीईएल, एलएंडटी, पावर ग्रिड, रिलायंस, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली।
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने कहा कि निफ्टी50 पर अभी भी दबाव बना हुआ है, क्योंकि बाजार को कोई नया मजबूत तेजी का संकेत नहीं मिल रहा है। तकनीकी रूप से देखें तो गिरावट को रोकने के लिए निफ्टी को 25,500-25,600 के सपोर्ट जोन के ऊपर बने रहना जरूरी है। वहीं, बाजार में स्थिरता और सुधार के लिए 25,800–25,850 से ऊपर लगातार ब्रेकआउट आवश्यक है। एक्सपर्ट ने आगे कहा कि बैंक निफ्टी भी फिलहाल नकारात्मक रुझान के साथ सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। इसका इमीडिएट सपोर्ट 59,000 के पास है। यदि यह स्तर टूटता है तो इंडेक्स 58,900–58,800 तक फिसल सकता है। दूसरी ओर, 59,500-59,600 का दायरा एक मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। इस स्तर के ऊपर मजबूती से निकलने पर ही तेजी की उम्मीद की जा सकती है।
आकाश शाह ने कहा कि बीते 9 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) करीब 3,367 करोड़ रुपए की बिकवाली के साथ लगातार चौथे सत्र में नेट सेलर रहे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने बाजार को सपोर्ट देते हुए लगभग 3,701 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की। मार्केट एक्सपर्ट शाह के मुताबिक, मौजूदा हालात को देखते हुए निवेशकों और ट्रेडर्स को सलाह है कि वे चुनिंदा और मजबूत शेयरों पर ही ध्यान दें, गिरावट पर गुणवत्ता वाले शेयरों में अवसर तलाशें और किसी भी आक्रामक पोजीशन से पहले स्पष्ट ब्रेकआउट का इंतजार करें।
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