Indian Rupee Fall 2026 : डॉलर की दहाड़ से दुबका रुपया, निर्मला सीतारमण बोलीं- सब चंगा सी, कांग्रेस ने याद दिलाया पुराना बयान!

खबर सार :-
Indian Rupee Fall 2026 : भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 95.20 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर गिरा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे 'सामान्य' बताया, जबकि विपक्ष ने 2013 के उनके पुराने बयानों को लेकर घेरा।

Indian Rupee Fall 2026 :  डॉलर की दहाड़ से दुबका रुपया, निर्मला सीतारमण बोलीं- सब चंगा सी, कांग्रेस ने याद दिलाया पुराना बयान!
खबर विस्तार : -

Indian Rupee Fall 2026 :  भारतीय मुद्रा के इतिहास में सोमवार का दिन एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया गिरावट 2026 के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंचते हुए पहली बार प्रति डॉलर 95.20 रुपये के आंकड़े को छू गया। पश्चिम एशिया और ईरान युद्ध के चलते उपजे वैश्विक तनाव का सीधा असर भारतीय बाजार पर दिख रहा है। महज कुछ दिनों के भीतर रुपये में 4.1 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। बीते शुक्रवार को रुपया 94.82 पर बंद हुआ था, लेकिन सोमवार को बाजार खुलते ही इसने गोता लगा दिया।

संसद में वित्त मंत्री का बचाव: 'रुपया कमजोर नहीं, डॉलर मजबूत है'

इस आर्थिक उथल-पुथल के बीच, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में एक पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का पुरजोर दावा किया। उन्होंने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि दुनिया भर की अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारतीय रुपया कहीं बेहतर स्थिति में है और वर्तमान परिस्थितियों में "बिल्कुल ठीक चल रहा है"।

संसद में अपने संबोधन के दौरान वित्त मंत्री ने कई महत्वपूर्ण तर्क रखे। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत की वित्तीय स्थिति और राजकोषीय घाटा प्रबंधन की आज वैश्विक स्तर पर सराहना की जा रही है। सीतारमण के अनुसार, देश का विदेशी मुद्रा भंडार अभी भी बेहद मजबूत स्थिति में है, जो किसी भी बाहरी झटके को सहने में सक्षम है। उन्होंने गिरावट के पीछे के अंतरराष्ट्रीय कारणों को स्पष्ट करते हुए कहा कि वेस्ट एशिया (पश्चिम एशिया) में जारी संघर्ष के कारण केवल रुपया ही नहीं, बल्कि लगभग सभी प्रमुख एशियाई मुद्राएं डॉलर के मुकाबले दबाव झेल रही हैं। अंत में, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमारी अर्थव्यवस्था के बुनियादी ढांचे (Fundamentals) इतने ठोस हैं कि इस गिरावट से घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।

 विपक्ष का तीखा हमला: 2013 बनाम 2026 का विरोधाभास

वित्त मंत्री के इस 'ऑल इज वेल' वाले बयान पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा, "गजब फर्जी लोग हैं"। विपक्ष ने निर्मला सीतारमण के 2013 के उस दौर को याद दिलाया जब वह भाजपा की प्रवक्ता थीं। उस समय रुपया 62 के स्तर पर था और उन्होंने इसे देश की साख से जोड़ते हुए चिंता व्यक्त की थी। तब उनके सुर कुछ ऐसे थे, "रुपये की गिरावट में भारतीय अर्थव्यवस्था की बदहाली दिख रही है। विदेश में पढ़ने वाले बच्चे पढ़ाई छोड़ सकते हैं और आयात महंगा होने से आम आदमी की कमर टूट जाएगी।"

 सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और पुराना बयान

यह पहली बार नहीं है जब वित्त मंत्री ने रुपये की गिरावट को 'डॉलर की मजबूती' करार दिया है। अक्टूबर 2022 में भी, जब रुपया 82 के स्तर पर था, उन्होंने वाशिंगटन में कहा था कि "रुपया कमजोर नहीं हो रहा, बल्कि डॉलर मजबूत हो रहा है।" 2026 में 95 के पार पहुंचने पर भी सरकार का वही रुख देखकर सोशल मीडिया पर पुरानी क्लिप्स वायरल हो रही हैं।

 क्या रुपया खुद पा लेगा अपना स्तर?

सरकार का मानना है कि बाजार की ताकतों के बीच रुपया अपना वास्तविक स्तर खुद तय कर लेगा। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युद्ध के हालात जल्द नहीं सुधरे, तो भारतीय रुपया गिरावट 2026 का यह सिलसिला देश में महंगाई को और बढ़ा सकता है, क्योंकि कच्चा तेल और अन्य जरूरी आयात काफी महंगे हो जाएंगे।

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