India Cyprus strategic MoU : भारत और साइप्रस के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में गुरुवार को बड़ा कदम उठाया गया। देश के प्रमुख उद्योग संगठन सीआईआई (कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री) और साइप्रस चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (सीसीसीआई) के बीच एक महत्वपूर्ण रणनीतिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता साइप्रस के राष्ट्रपति Nikos Christodoulides और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis की मौजूदगी में संपन्न हुआ।
सीआईआई और सीसीसीआई के बीच हुआ यह समझौता दोनों देशों के उद्योग जगत को एक साझा मंच उपलब्ध कराएगा। इसके जरिए निवेश प्रोत्साहन, संयुक्त उपक्रम, व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल, ट्रेड फेयर और विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। मुंबई में आयोजित साइप्रस-इंडिया बिजनेस फोरम में साइप्रस के परिवहन एवं संचार मंत्री Alexis Vafeades और रिसर्च, इनोवेशन एवं डिजिटल पॉलिसी के उप मंत्री Nikodemos Damianou भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में दोनों देशों के उद्योग प्रतिनिधियों ने व्यापार और तकनीकी साझेदारी के नए अवसरों पर चर्चा की।
इस दौरान एक और अहम समझौता सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (एसआईडीएम) और साइप्रस डिफेंस एंड स्पेस इंडस्ट्री क्लस्टर (सीआईडीएससी) के बीच हुआ। इस एमओयू का मकसद रक्षा निर्माण, एयरोस्पेस इनोवेशन, ड्यूल-यूज टेक्नोलॉजी और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी भारत की “मेक इन इंडिया” और रक्षा आत्मनिर्भरता की नीति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगी। साथ ही साइप्रस के जरिए भारत को यूरोपीय बाजारों तक बेहतर पहुंच मिल सकती है।

सीआईआई राष्ट्रीय कौशल और आजीविका केंद्र समिति के अध्यक्ष बी. थियागराजन ने कहा कि यह साझेदारी दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के नए रास्ते खोलेगी। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल इनोवेशन, सेवा क्षेत्र और रक्षा उद्योग में तेजी से सहयोग बढ़ेगा। दोनों देशों के बीच एआई, फिनटेक, रिसर्च और इनोवेशन सेक्टर में भी व्यापक संभावनाएं देखी जा रही हैं। साइप्रस यूरोपीय संघ का महत्वपूर्ण सदस्य है और भारत के लिए यूरोप के साथ आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस 20 से 23 मई 2026 तक भारत की चार दिवसीय यात्रा पर हैं। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। यह दौरा इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने जून 2025 में ऐतिहासिक साइप्रस यात्रा की थी। 15-16 जून 2025 को हुई यह यात्रा दो दशक से अधिक समय बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली साइप्रस यात्रा थी। इसके बाद दोनों देशों के संबंधों में नई तेजी देखने को मिली है।
राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस और प्रधानमंत्री मोदी के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, शिक्षा, संस्कृति, टेक्नोलॉजी, लोगों की आवाजाही और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा होगी। इसके अलावा दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस राष्ट्रपति Droupadi Murmu से भी मुलाकात करेंगे। उनके सम्मान में आधिकारिक भोज का आयोजन किया जाएगा। वहीं विदेश मंत्री S. Jaishankar भी उनसे द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह यात्रा केवल द्विपक्षीय व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत-यूरोपीय संघ संबंधों को भी नई दिशा दे सकती है। वर्तमान में साइप्रस यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता संभाल रहा है, ऐसे में यह साझेदारी रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत और साइप्रस के बीच लंबे समय से भरोसेमंद संबंध रहे हैं। दोनों देश 10 फरवरी 2027 को अपने राजनयिक संबंधों के 65 वर्ष पूरे करेंगे। ऐसे में यह यात्रा भविष्य की साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।
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