Gold Silver Rate Today: सप्ताह की शुरुआत कीमती धातुओं के लिए कमजोर रही। सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। मजबूत अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने बाजार पर दबाव बनाया, जिसके चलते दोनों धातुएं करीब 2 प्रतिशत तक फिसल गईं।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह 11:20 बजे सोने का फ्यूचर्स (5 जून 2026 कॉन्ट्रैक्ट) 0.56 प्रतिशत यानी 859 रुपए गिरकर 1,51,793 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान सोने ने 1,51,457 रुपए का न्यूनतम और 1,51,999 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ। वहीं, चांदी का फ्यूचर्स (5 मई 2026 कॉन्ट्रैक्ट) 1.93 प्रतिशत यानी 4,693 रुपए गिरकर 2,38,581 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गया। दिन के दौरान चांदी का न्यूनतम स्तर 2,37,190 रुपए और उच्चतम स्तर 2,39,068 रुपए रहा।
घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कीमती धातुओं में कमजोरी देखने को मिली। सोना 0.84 प्रतिशत गिरकर 4,747 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा, जबकि चांदी 2.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74.70 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजार में फिलहाल सोना सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है और तेजी की संभावनाएं कमजोर नजर आ रही हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का प्रमुख कारण अमेरिकी डॉलर की मजबूती है। डॉलर इंडेक्स 0.36 प्रतिशत बढ़कर 98.8 पर पहुंच गया, जिससे अन्य मुद्राओं के मुकाबले डॉलर मजबूत हुआ है। डॉलर के मजबूत होने से भारतीय रुपया भी दबाव में आया और यह अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 55 पैसे की कमजोरी के साथ खुला। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों की मांग घट जाती है, जिससे कीमतों पर असर पड़ता है।

सोना-चांदी की गिरावट में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने भी अहम भूमिका निभाई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 8 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है। तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई की आशंका बढ़ती है, जिससे निवेशक अपनी रणनीति बदलते हैं और सुरक्षित निवेश विकल्पों में संतुलन बनाते हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, कॉमेक्स बाजार में सोना फिलहाल 4,700-4,750 डॉलर प्रति औंस के दायरे में बना हुआ है। यदि कीमतें 4,650 डॉलर के नीचे जाती हैं, तो इसमें और गिरावट आ सकती है और यह 4,600-4,570 डॉलर तक पहुंच सकता है। वहीं, ऊपर की ओर 4,750-4,770 डॉलर के स्तर पर मजबूत रेजिस्टेंस देखा जा रहा है। इसका मतलब है कि फिलहाल सोने में बड़ी तेजी की संभावना सीमित बनी हुई है।
बाजार के मौजूदा हालात निवेशकों को सतर्क रहने का संकेत दे रहे हैं। जहां एक ओर सोने और चांदी में गिरावट खरीदारी का मौका हो सकती है, वहीं वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर नजर रखना भी जरूरी है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशक लंबी अवधि की रणनीति अपनाएं और अचानक उतार-चढ़ाव से घबराकर जल्दबाजी में निर्णय न लें।
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