Adani Green ने रचा इतिहास: 20 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने वाली भारत की पहली कंपनी बनी

खबर सार :-

अडानी ग्रीन एनर्जी का 20 गीगावाट परिचालन नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करना भारतीय स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। कंपनी की विस्तार योजनाएं, बैटरी स्टोरेज पर बढ़ता निवेश और 2030 तक 50 गीगावाट क्षमता का लक्ष्य भारत के ऊर्जा परिवर्तन को नई गति दे सकता है। यह उपलब्धि देश की हरित अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मजबूत करेगी।
Adani Green  ने रचा इतिहास: 20 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने वाली भारत की पहली कंपनी बनी

खबर विस्तार : -

Adani Green Energy:  भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में अडानी समूह की कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी 20 गीगावाट (जीडब्ल्यू) परिचालन नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने वाली देश की पहली कंपनी बन गई है। इस उपलब्धि के साथ एजीईएल ने भारत के ऊर्जा परिवर्तन अभियान में अपनी अग्रणी भूमिका को और मजबूत किया है। खास बात यह है कि कंपनी ने इस क्षमता का अधिकांश हिस्सा नए ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स के जरिए विकसित किया है, जो उसकी मजबूत परियोजना क्रियान्वयन क्षमता और दीर्घकालिक रणनीति को दर्शाता है।

एजीईएलः हर साल 52 अरब यूनिट से अधिक स्वच्छ बिजली का उत्पादन

कंपनी के अनुसार, वर्तमान में एजीईएल हर साल 52 अरब यूनिट से अधिक स्वच्छ बिजली का उत्पादन कर रही है। यह उत्पादन भारत की कुल वार्षिक बिजली खपत का लगभग तीन प्रतिशत है। इतनी बिजली न्यूयॉर्क शहर की एक वर्ष की ऊर्जा आवश्यकता पूरी करने या मुंबई और नई दिल्ली की संयुक्त वार्षिक बिजली मांग के बराबर मानी जा रही है। यह उपलब्धि न केवल कंपनी की क्षमता को दर्शाती है, बल्कि भारत में तेजी से बढ़ते नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की ताकत का भी संकेत देती है। अडानी ग्रीन एनर्जी ने बुधवार को जारी बयान में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी ने 5,051 मेगावाट नई नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ी। यह चीन के बाहर किसी भी कंपनी द्वारा एक वित्तीय वर्ष में जोड़ी गई सबसे बड़ी रिन्यूएबल ऊर्जा क्षमता मानी जा रही है। इस उपलब्धि से कंपनी ने वैश्विक स्तर पर भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

उपलब्धि में महत्वपूर्ण कारकः टीमवर्क, अनुशासित कार्यशैली और दीर्घकालिक सोच

कंपनी के कार्यकारी निदेशक सागर अडानी ने इस उपलब्धि को टीमवर्क, अनुशासित कार्यशैली और दीर्घकालिक सोच का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि 20 गीगावाट की क्षमता का आंकड़ा पार करना केवल एक व्यावसायिक उपलब्धि नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य केवल बिजली उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और हरित भविष्य को मजबूत करना भी है। सागर अडानी ने कहा कि कंपनी के अनुभवी कर्मचारियों, तकनीकी विशेषज्ञों और लंबे समय से जुड़े साझेदारों के सहयोग से आज एजीईएल इतनी नवीकरणीय बिजली उपलब्ध करा रही है, जो देश के दो सबसे बड़े महानगरों मुंबई और नई दिल्ली की संयुक्त वार्षिक बिजली जरूरत के बराबर है। यह उपलब्धि कंपनी की संचालन क्षमता और बड़े पैमाने पर परियोजनाओं के सफल प्रबंधन को भी दर्शाती है। भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में 10 गीगावाट-घंटा (जीडब्ल्यूएच) बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इसके बाद अगले पांच वर्षों में इसे बढ़ाकर 50 गीगावाट-घंटा तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। बैटरी स्टोरेज क्षमता बढ़ने से सौर और पवन ऊर्जा जैसे स्रोतों से उत्पन्न बिजली का बेहतर उपयोग संभव होगा तथा ग्रिड की स्थिरता भी मजबूत होगी।

वर्ष 2030 तक 50 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य

कंपनी ने वर्ष 2030 तक 50 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी तय किया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर सौर, पवन, हाइब्रिड और ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं का विस्तार किया जाएगा। एजीईएल पहले से ही देश के कई राज्यों में ग्रिड से जुड़ी स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं का विकास, स्वामित्व और संचालन कर रही है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में बढ़ती बिजली मांग और कार्बन उत्सर्जन घटाने की प्रतिबद्धता को देखते हुए नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जाएगी। ऐसे में अडानी ग्रीन एनर्जी की यह उपलब्धि न केवल कंपनी के लिए बल्कि भारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशन के लिए भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

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