‘मेरे पास सभी कार्ड हैं’, ताश के पत्तों के साथ ट्रंप ने किया पोस्ट, दिया कड़ा संदेश
खबर सार :-
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अक्सर सुखिर्यों में रहते हैं। अब उन्होंने एक नए पोस्ट से अपने अंदाज को दुनिया के सामने रखा है। उन्होंने कई फोटो एक साथ शेयर की हैं, जो चर्चा में हैं।
खबर विस्तार : -
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को एक साथ कई फोटों पोस्ट की हैं, जो उनके बेबाक अंदाज को बखूबी दिखाती है। उनके हाथों में ताश के पत्तों का एक सेट है। माना जा रहा है कि इस फोटो से वे पूरी दुनिया को अपने इरादों का संकेत दे रहे हैं।
ट्रंप ने शनिवार को एक के बाद एक कई पोस्ट किए। इनमें अमेरिका की झलक दिखाने वाली कई तस्वीरें थीं, जो उसके अतीत और वर्तमान के बीच का अंतर दिखाती थीं। ट्रंप यह संदेश देना चाहते थे कि अमेरिका की मौजूदा स्थिति उसके अतीत की तुलना में कहीं ज्यादा बेहतर है। दो तस्वीरों के एक कोलाज के साथ उन्होंने लिखा: "अमेरिका: ट्रंप से पहले और बाद।" इस कोलाज में लिंकन मेमोरियल रिफ्लेक्टिंग पूल की तस्वीरें हैं, जिसमें ओबामा के दौर की अव्यवस्था को ट्रंप के दौर की साफ-सफाई और व्यवस्था के साथ दिखाया गया है।
माउंट रशमोर से लगाव
इसके अलावा, उन्होंने माउंट रशमोर की एक तस्वीर भी पोस्ट की, जो उन्होंने पहले भी कई बार की है। माउंट रशमोर के प्रति डोनाल्ड ट्रंप का आकर्षण जगजाहिर है। कई मौकों पर उन्होंने खुले तौर पर यह इच्छा और महत्वाकांक्षा जाहिर की है कि साउथ डकोटा के ब्लैक हिल्स में स्थित इस ऐतिहासिक स्मारक पर उनकी भी प्रतिमा उकेरी जाए। यह स्मारक फिलहाल उनके चार पूर्ववर्तियों: जॉर्ज वॉशिंगटन, थॉमस जेफरसन, थियोडोर रूजवेल्ट और अब्राहम लिंकन के उकेरे हुए चेहरों को प्रदर्शित करता है।
ताश के पत्तों पर लिखा "Wild"
इन सभी पोस्ट में से जिस पोस्ट ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा, वह वह तस्वीर थी जिसमें ट्रंप ताश के पत्तों का एक सेट हाथ में लिए खड़े थे। उनके हाथ में छह पत्ते थे, जिनमें से हर एक पर "Wild" (वाइल्ड) शब्द लिखा था। इस तस्वीर और उसके साथ लिखे कैप्शन के जरिए वह यह संदेश देना चाहते थे कि राष्ट्रपति ट्रंप अभी भी मजबूत स्थिति में हैं। उनके कैप्शन में लिखा था, "मेरे पास सारे पत्ते हैं"—जिसका मतलब था कि उनकी स्थिति मजबूत है और यह खेल पूरी तरह से उनके हाथों में है।
ट्रंप पर टिकी निगाहें
ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के स्थायी समाधान की संभावनाओं को लेकर पूरी दुनिया चिंतित है। सभी की निगाहें फिलहाल ट्रंप पर टिकी हुई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार यह कहते रहे हैं कि हालांकि वह शांति चाहते हैं, लेकिन सैन्य कार्रवाई का विकल्प अभी भी खुला है। इसके साथ ही वह नाटो सहयोगियों के प्रति अपनी नाराजगी भी जाहिर करते रहे हैं और अक्सर यह आरोप लगाते रहे हैं कि इन देशों ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में उन्हें पर्याप्त समर्थन नहीं दिया है।
जर्मनी से लौटेगी अमेरिकी सेना
इस बीच, जर्मन राजनेता फ्रेडरिक मर्ज द्वारा अमेरिका के संभावित सैन्य हमले के संबंध में की गई टिप्पणियों से भी राष्ट्रपति ट्रंप जाहिर तौर पर नाराज हुए हैं। इसी के बाद, अमेरिकी मीडिया सूत्रों का हवाला देते हुए यह खबरें आ रही हैं कि जर्मनी से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने की योजनाएं बनाई जा रही हैं।
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