DigiHaat new App launch: भारत में बने उत्पादों को वैश्विक और घरेलू स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में सरकार समर्थित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म डिजीहाट ने मंगलवार को बड़ा कदम उठाया। कंपनी ने ‘स्वदेशी’ नाम से एक विशेष डिजिटल मार्केटप्लेस लॉन्च करने की घोषणा की है। इस प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य देश में निर्मित असली ‘मेड-इन-भारत’ उत्पादों को बढ़ावा देना और स्थानीय उत्पादन प्रणाली को मजबूत बनाना है। यह पहल ऐसे समय में शुरू की गई है जब केंद्र सरकार लगातार आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देने पर जोर दे रही है।
डिजीहाट द्वारा शुरू किया गया ‘स्वदेशी’ मार्केटप्लेस ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) के तहत संचालित होगा। कंपनी के मुताबिक यह प्लेटफॉर्म डिजीहाट ऐप के भीतर उपलब्ध रहेगा, जहां ग्राहक सीधे भारतीय कारीगरों, किसान उत्पादक संगठनों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), गैर-सरकारी संगठनों और घरेलू ब्रांड्स से खरीदारी कर सकेंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और उत्पादकों को उनकी वस्तुओं का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
‘स्वदेशी’ प्लेटफॉर्म पर देशभर में तैयार किए गए कई तरह के उत्पाद उपलब्ध होंगे। इनमें अनाज, बीज आधारित उत्पाद, कपड़े, हस्तशिल्प, होम डेकोर आइटम, बैग और रोजमर्रा में उपयोग होने वाले अन्य सामान शामिल हैं। डिजीहाट का दावा है कि यह प्लेटफॉर्म भारत की स्थानीय कला, संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कंपनी ने जानकारी दी कि अब तक 2,000 से अधिक कारीगर और 1,100 से ज्यादा किसान समूह इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। आने वाले महीनों में इस नेटवर्क को और विस्तार देने की योजना है ताकि देश के अधिक से अधिक छोटे उत्पादकों और उद्यमियों को डिजिटल बाजार से जोड़ा जा सके।
डिजीहाट के मुख्य परिचालन अधिकारी राहुल विज ने कहा कि ‘स्वदेशी’ मार्केटप्लेस का उद्देश्य भारतीय उत्पादकों और ग्राहकों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना है। उनके अनुसार, प्लेटफॉर्म पर होने वाली हर खरीद स्थानीय उद्योगों को समर्थन देगी और विदेशी सप्लाई चेन पर निर्भरता को कम करेगी। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल ई-कॉमर्स तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राहुल विज के मुताबिक, “भारत से, भारत तक” की सोच के साथ तैयार किया गया यह प्लेटफॉर्म घरेलू उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा।
डिजीहाट लगातार अपने डिजिटल नेटवर्क का विस्तार कर रहा है। इससे पहले अप्रैल महीने में कंपनी ने दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में मेट्रो टिकट बुकिंग सेवा शुरू की थी। कंपनी का लक्ष्य एक यूनिफाइड डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म तैयार करना है, जहां खरीदारी से लेकर यात्रा और अन्य सेवाएं एक ही ऐप पर उपलब्ध हों। कंपनी के अनुसार, अप्रैल में डिजीहाट ने 20 लाख डाउनलोड का आंकड़ा पार किया। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म के विभिन्न डिजिटल चैनलों पर 30 हजार से ज्यादा यूजर्स का नेटवर्क तैयार हो चुका है। यह तेजी से बढ़ती लोकप्रियता दर्शाती है कि लोग अब स्थानीय और भारतीय उत्पादों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं।
डिजीहाट केवल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि यह फूड डिलीवरी, राइड-हेलिंग और अन्य डिजिटल सेवाएं भी उपलब्ध कराता है। इसके लिए कंपनी भारत टैक्सी और नम्मा यात्री जैसे पार्टनर नेटवर्क के साथ मिलकर काम कर रही है। डिजीहाट ओएनडीसी इकोसिस्टम के तहत संचालित एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो ‘निर्मित भारत’ नामक गैर-लाभकारी संस्था के अंतर्गत कार्य करती है।
अन्य प्रमुख खबरें
गूगल-एप्पल की बड़ी पहल: अब iPhone और Android चैट होगी पूरी तरह सुरक्षित
AI vs Human Labor Cost : क्यों आज भी रोबोटिक्स से ज्यादा 'किफायती' हैं मानव कर्मचारी?
Instagram की बड़ी Digital सफाई: लाखों फर्जी अकाउंट हटे, कई सेलेब्स के फॉलोअर्स में भारी गिरावट
स्काईरूट एयरोस्पेस बना भारत का पहला स्पेस-टेक यूनिकॉर्न, 60 मिलियन डॉलर जुटाने का ऐलान