बंडा में खनन माफियाओं की बल्ले-बल्ले, प्रशासनिक कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
खबर सार :-
नगर पंचायत बंडा के आस-पास के इलाके में अवैध रूप से मिट्टी का खनन लगातार जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस क्षेत्र में सक्रिय खनन माफिया के दो सदस्य खुद को एक प्रभावशाली राजनेता का करीबी बताते हैं, जिसके चलते उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
खबर विस्तार : -
शाहजहांपुरः बंडा क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। नगर पंचायत बंडा और उसके आसपास के इलाकों में मिट्टी के अवैध खनन का खेल खुलेआम जारी है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि दिन हो या रात, ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से मिट्टी का अवैध उठान धड़ल्ले से किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम साबित हो रहा है।
कार्रवाई न होने पर उठ रहे सवाल
स्थानीय नागरिकों के अनुसार क्षेत्र में सक्रिय दो खनन माफिया खुद को एक प्रभावशाली नेता का करीबी बताते हैं। ग्रामीणों का दावा है कि इसी राजनीतिक रसूख के दम पर वे खुलेआम अवैध खनन करा रहे हैं और प्रशासन पर दबाव बनाने की बातें भी करते हैं। लोगों का कहना है कि खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें किसी कार्रवाई का डर नहीं दिखाई देता।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अवैध खनन को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। खास बात यह है कि एनएच 730 हाईवे पर मिट्टी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगातार दौड़ती नजर आती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बंडा थाने के सामने से भी तेज रफ्तार में मिट्टी से भरे वाहन गुजरते हैं, लेकिन उन पर कोई रोक-टोक नहीं होती। इससे प्रशासनिक निगरानी और कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सख्त कार्रवाई की मांग
क्षेत्रीय लोगों का यह भी कहना है कि अवैध खनन से जहां सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं सड़कों की हालत भी खराब होती जा रही है। भारी वाहनों के लगातार संचालन से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि प्रशासन समय-समय पर अवैध खनन के खिलाफ अभियान चलाने और कार्रवाई करने का दावा करता रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों के संरक्षण के चलते यह कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा। लोगों का कहना है कि यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो अवैध खनन का यह नेटवर्क और अधिक मजबूत हो सकता है।
अब बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि क्या प्रशासन अवैध खनन पर पूरी तरह लगाम लगा पाएगा या फिर खनन माफियाओं का यह खेल इसी तरह चलता रहेगा।
अन्य प्रमुख खबरें
-
उज्जैन में जूना अखाड़े से जुड़े आश्रम को नगर निगम ने ढहाया
2026-10-17
-
LUCKNOW: पानी निकासी के बाद होगी सड़क मरम्मत, ड्रोन से छिड़की जाएगी दवा
2026-10-16
-
प्रयागराज: मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का CM योगी ने किया अनावरण
2026-10-16
-
राजनाथ सिंह ने लखनऊ में की पूजा, बोले- भारत बनेगा विश्व गुरु
2026-10-16
-
अवैध कोयला खनन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED का एक्शन
2026-10-16
-
राजनाथ सिंह ने लखनऊ में शोकाकुल परिवारों से मिलकर जताई संवेदना
2026-10-16
-
पटना: चुनाव आयोग कार्यालय की बढ़ाई गई सुरक्षा, प्रदर्शनकारी रोके गए
2026-10-16
-
सुप्रीम कोर्ट ने संजय राउत और निखिल वागले को भेजा अवमानना नोटिस
2026-10-16
-
कोरबा में सड़कों की बदहाली के खिलाफ ग्रामीण उग्र, लिखित आश्वासन की मांग
2026-10-16
-
लखनऊः बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मंत्री और मेयर ने किया निरीक्षण
2026-10-16
-
Prayagraj : तब की जरूरत postcards, अब की जरूरत digital बनी
2026-10-16
-
Crackers Factory Blast: वाराणसी में पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका
2026-10-15
-
ट्रेनों पर पत्थरबाजी रोकने के लिए रेलवे की तैयारी तेज, 250 ठिकानों पर होगी निगरानी
2026-10-15
-
यूपी की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किए जाएं ठोस प्रयास
2026-10-15
-
लखनऊ में दुर्गा पूजा 2026: 176 पंडालों और अनूठी थीम की भव्य शुरुआत
2026-10-15