Press Club Bhilwara : भीलवाड़ा में पत्रकारिता विरासत को नई दिशा देने का संकल्प: फर्जी और पीत पत्रकारिता को नहीं मिलेगा संरक्षण

खबर सार :-
Press Club Bhilwara : प्रेस क्लब भीलवाड़ा (Press Club Bhilwara) की वार्षिक साधारण सभा में सुखपाल जाट दोबारा अध्यक्ष चुने गए। अधिवेशन में फर्जी और पीत पत्रकारिता के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने तथा पत्रकारों के लिए भूखंड आवंटन व सुरक्षा कानून लागू करने की मांग को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया।
Press Club Bhilwara : भीलवाड़ा में पत्रकारिता विरासत को नई दिशा देने का संकल्प: फर्जी और पीत पत्रकारिता को नहीं मिलेगा संरक्षण
खबर विस्तार : -

भीलवाड़ा: राजस्थान के वस्त्रनगरी कहे जाने वाले भीलवाड़ा जिले में सजग और निष्पक्ष मीडिया की साख को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए एक ऐतिहासिक पहल की गई है। शहर के महेश वाटिका परिसर में आयोजित प्रेस क्लब भीलवाड़ा (Press Club Bhilwara) की वार्षिक साधारण सभा एवं वृहद अधिवेशन में जिलेभर के मीडियाकर्मियों ने जुटकर पत्रकारिता की गिरती साख, वर्तमान चुनौतियों और स्वयंभू पत्रकारों की बढ़ती जमात पर गहरा चिंतन किया। इस महामंथन में सर्वसम्मति से यह हुंकार भरी गई कि अब जिले में ब्लैकमेलिंग, अवैध वसूली और फर्जी पत्रकारिता करने वालों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, लोकतांत्रिक प्रक्रिया और आपसी एकता की मिसाल पेश करते हुए वरिष्ठ पत्रकार सुखपाल जाट को एक बार फिर निर्विरोध प्रेस क्लब भीलवाड़ा का अध्यक्ष चुन लिया गया।

प्रेस क्लब भीलवाड़ा की इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता स्वयं नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुखपाल जाट ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान जिले के शहरी और ग्रामीण अंचलों से आए लगभग 100 से अधिक सक्रिय मीडिया प्रतिनिधियों ने पत्रकारिता के गिरते स्तर को लेकर आत्ममंथन किया। सभा का मुख्य एजेंडा खोई हुई विश्वसनीयता को वापस पाना और पत्रकारिता की आड़ में दुकानदारी चलाने वाले असामाजिक तत्वों को बेनकाब करना रहा।

 खोजी और निष्पक्ष पत्रकारिता समय की मांग: खुला सत्र

अधिवेशन के प्रथम चरण में वरिष्ठ पत्रकार मूलचंद पेसवानी के संयोजन में एक खुला सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में 'पत्रकारिता की वर्तमान दशा और दिशा' विषय पर तीखी और व्यावहारिक बहस हुई। वक्ताओं ने बेबाकी से स्वीकार किया कि आज सूचना तकनीक के इस दौर में खबरों की विश्वसनीयता सबसे बड़े संकट से गुजर रही है।

वरिष्ठ पत्रकार निलेश काठेड़ ने अपनी बात रखते हुए कहा कि सोशल मीडिया की अंधी दौड़ और बिना पुष्टि के खबरें वायरल करने की होड़ ने पारंपरिक मीडिया के सामने कड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। आज हर व्यक्ति खुद को पत्रकार समझ रहा है, जिससे वास्तविक पत्रकारों की साख पर बट्टा लग रहा है। ऐसे में हमें तथ्यों और सत्यता के प्रति अपनी जवाबदेही दोगुनी करनी होगी।

वहीं, अंकुर बोरदिया ने एक व्यावहारिक सुझाव देते हुए कहा कि प्रेस क्लब और जिला प्रशासन को मिलकर एक संयुक्त कार्ययोजना बनानी चाहिए। इसके तहत जिले में कार्यरत वास्तविक और सक्रिय पत्रकारों का भौतिक सत्यापन कर एक अधिकृत सूची (Classification List) बनाई जानी चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

 कॉपी-पेस्ट संस्कृति और ग्राउंड रिपोर्टिंग की कमी पर चिंता

गुलाबपुरा से आए अनुभवी पत्रकार रामेश्वरलाल सोनी ने वर्तमान समय में फील्ड रिपोर्टिंग से दूरी बनाने की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में ग्राउंड पर जाकर मेहनत करने के बजाय एक-दूसरे की खबरों को चुराने या केवल व्हाट्सएप ग्रुपों से प्रेस विज्ञप्ति उठाकर कॉपी-पेस्ट करने का चलन बढ़ गया है। इससे खोजी पत्रकारिता खत्म हो रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रेस क्लब भीलवाड़ा (Press Club Bhilwara) को साल में कम से कम दो बार ऐसे संवाद कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए, जिससे युवा पत्रकारों को सही दिशा मिल सके।

इसी क्रम में सोमदत्त त्रिपाठी ने संतुलन और निष्पक्षता का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि किसी भी विवादित खबर को लिखते समय पत्रकार को हमेशा दोनों पक्षों का रुख अनिवार्य रूप से शामिल करना चाहिए। एकतरफा खबरें समाज में विद्वेष फैलाती हैं, जबकि संतुलित लेखन सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करता है।

 वसूली और फर्जी संगठनों पर कड़े प्रहार की मांग

अधिवेशन में सबसे प्रखर आवाज मीडिया के नाम पर होने वाली ठगी और अवैध वसूली के खिलाफ उठी। वरिष्ठ पत्रकार मनीष शर्मा ने दोटूक शब्दों में कहा कि भीलवाड़ा में कुछ ऐसे तत्व सक्रिय हो चुके हैं जो खुद को फर्जी संगठनों का पदाधिकारी बताकर अधिकारियों और व्यापारियों को डराते-धमकाते हैं। ऐसे लोगों के कारण पूरी बिरादरी बदनाम होती है। प्रशासन को इन ब्लैकमेलरों को चिन्हित कर सीधे जेल की सलाखों के पीछे भेजना चाहिए।

युवा पत्रकार कपिल विजय ने पत्रकारों के बीच पनपने वाली आपसी गुटबाजी को संगठन के लिए घातक बताया। उन्होंने आंतरिक मतभेदों को सुलझाने के लिए प्रेस क्लब के भीतर ही एक विशेष अनुशासन एवं समन्वय समिति बनाने की वकालत की।

ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन के विस्तार पर बोलते हुए मूलचंद पेसवानी ने बताया कि शाहपुरा, आसींद और गुलाबपुरा जैसे ब्लॉक मुख्यालयों पर प्रेस क्लब भवनों का सुचारु संचालन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण पत्रकारों को एक मजबूत मंच मिला है। आने वाले समय में अन्य तहसीलों में भी इस मॉडल को लागू किया जाएगा।

 पीत पत्रकारिता के खिलाफ प्रेस क्लब का 'जीरो टॉलरेंस'

सत्र को संबोधित करते हुए प्रेस क्लब भीलवाड़ा (Press Club Bhilwara) के दोबारा चुने गए अध्यक्ष सुखपाल जाट ने साफ किया कि संगठन का उद्देश्य केवल पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा करना ही नहीं, बल्कि उनकी मर्यादा को अक्षुण्ण बनाए रखना भी है। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि जो लोग पत्रकारिता की आड़ में ब्लैकमेलिंग का धंधा कर रहे हैं, प्रेस क्लब भीलवाड़ा (Press Club Bhilwara) उनके साथ कभी खड़ा नहीं होगा। पीत पत्रकारिता करने वालों के लिए संगठन में कोई जगह नहीं है।

भवन आवंटन के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि प्रेस क्लब के लिए भूखंड का मामला राज्य सरकार के स्तर पर प्रक्रियाधीन है और वे इसके लिए लगातार प्रयासरत हैं। मुख्य अतिथि प्रशांत मेवाड़ा ने भी पत्रकारों को लोकतंत्र का सजग प्रहरी बताते हुए विश्वास दिलाया कि वे व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों से मिलकर भीलवाड़ा के पत्रकारों के लिए भूखंड आवंटन की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करवाएंगे। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वे समाज के दुश्मनों को अपने कलम की ताकत से बेनकाब करें, सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

 सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित: मुख्यमंत्री को जाएगा ज्ञापन

अधिवेशन के अंतिम चरण में सभी सदस्यों ने एकजुटता दिखाते हुए एक व्यापक प्रस्ताव पारित किया। इस प्रस्ताव के माध्यम से मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर को एक विस्तृत मांग-पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया। पत्रकारों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:

  •  प्रेस क्लब भवन के लिए शीघ्र भूखंड का आवंटन करना।
  •  श्रमजीवी पत्रकारों के लिए रियायती दर पर आवासीय भूखंड योजना लाना।
  •  राज्य के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर पत्रकारों को टोल टैक्स से पूर्ण मुक्ति देना।
  •  जिला स्तर पर एक आधिकारिक मीडिया समन्वय समिति का गठन करना।
  •  पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कड़े कानूनी प्रावधान (Journalist Protection Act) लागू करना।
  •  सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से पहचान-पत्र और अधिस्वीकरण (Accreditation) प्रक्रिया को सरल बनाना।

 सांसद दामोदर अग्रवाल ने जताया भरोसा

इस बीच, भीलवाड़ा लोकसभा क्षेत्र के नवनिर्वाचित सांसद दामोदर अग्रवाल ने भी सुखपाल जाट को पुनः अध्यक्ष बनने पर बधाई दी। उन्होंने सुखपाल जाट को साफा और दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया। सांसद ने कहा कि मीडिया सरकार और जनता के बीच का सबसे मजबूत सेतु है। भीलवाड़ा के विकास में यहाँ के मीडिया जगत का हमेशा सकारात्मक योगदान रहा है, और वे संसद से लेकर सड़क तक पत्रकारों की जायज मांगों को पूरा कराने में अपना पूरा सहयोग देंगे।

यह महाधिवेशन इस संकल्प के साथ संपन्न हुआ कि भीलवाड़ा प्रेस क्लब आने वाले समय में न केवल एक सशक्त वैचारिक मंच बनेगा, बल्कि अपनी लेखनी के माध्यम से समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति की आवाज को प्रशासन तक पहुँचाने का काम पूरी ईमानदारी से करेगा।

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