3 माह के शिशु को गलत इंजेक्शन का मामला, शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने पर सवाल

खबर सार :-
ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने की भी आवश्यकता जताई जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
3 माह के शिशु को गलत इंजेक्शन का मामला, शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने पर सवाल
खबर विस्तार : -

पीलीभीतः जिले के ब्लॉक अमरिया क्षेत्र की ग्राम पंचायत सुस्वार में तीन माह के एक शिशु को गलत इंजेक्शन लगाए जाने के बाद गंभीर संक्रमण फैलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एएनएम शशि कश्यप द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के बाद शिशु की हालत बिगड़ गई, लेकिन शिकायत के बावजूद स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

जानकारी के अनुसार, इंजेक्शन लगने के कुछ समय बाद ही शिशु में संक्रमण के लक्षण दिखाई देने लगे। स्थिति बिगड़ने पर परिजनों ने तत्काल एएनएम शशि कश्यप को सूचना दी। परिजनों का आरोप है कि मदद करने के बजाय एएनएम ने उल्टा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और मामले को गंभीरता से नहीं लिया।

इसके बाद पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह को लिखित शिकायत पत्र सौंपा। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने अमरिया में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) आलोक शर्मा को तत्काल जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

हालांकि, आरोप है कि जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक एएनएम शशि कश्यप के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस देरी को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

मामले को लेकर क्षेत्र में भी चर्चा तेज हो गई है और लोगों में स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब उच्च स्तर से आदेश जारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है, तो आम नागरिकों की शिकायतों का समाधान कैसे होगा।

इस पूरे प्रकरण पर अमरिया के MOIC अनिकेत गंगवार ने बताया कि जिलाधिकारी को शिकायत मिलने के बाद तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। समिति को मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

हालांकि जांच समिति गठित होने के बाद भी कार्रवाई में देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो ऐसे मामलों में लापरवाही और बढ़ सकती है।

फिलहाल मामला जांच के दायरे में है, लेकिन कार्रवाई न होने को लेकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल बने हुए हैं।

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