पीलीभीत के सरकारी स्कूल में बच्चों से काम कराने का वीडियो वायरल, बीएसए ने दिए जांच के आदेश

खबर सार :-

पीलीभीत के मरौरी ब्लॉक स्थित एक कंपोजिट विद्यालय में बच्चों से कथित रूप से काम कराए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। बीएसए रोशनी सिंह ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
पीलीभीत: सरकारी स्कूल में बच्चों से काम कराने का वीडियो वायरल, बीएसए ने जांच के दिए आदेश

खबर विस्तार : -

पीलीभीतः उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के एक सरकारी विद्यालय का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि स्कूल में पढ़ाई करने आए बच्चों से विद्यालय परिसर में काम कराया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करने की बात कही है।

मरौरी ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय का बताया जा रहा है मामला

जानकारी के अनुसार, यह मामला पीलीभीत जिले के मरौरी विकास खंड की ग्राम पंचायत बेहरी स्थित कंपोजिट विद्यालय का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक छात्र स्कूल यूनिफॉर्म में शौचालय के पास ईंटें उठाकर रखता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति, जिसे विद्यालय का प्रधानाचार्य बताया जा रहा है, छात्र के पास खड़ा नजर आता है और हाथ के इशारों से उसे काम करने के निर्देश देता हुआ दिखाई देता है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

बच्चों से काम कराने का लगाया गया आरोप

वीडियो साझा करने वालों का आरोप है कि विद्यालय में पढ़ाई के लिए आने वाले बच्चों से निर्माण अथवा अन्य कार्य कराया जा रहा है। आरोप यह भी है कि विद्यालय में साफ-सफाई और रखरखाव के लिए अलग से व्यवस्था होने के बावजूद बच्चों से काम कराया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की जिम्मेदारी शिक्षकों की होती है और यदि उनसे श्रम कराया जाता है तो यह गंभीर मामला है।

सरकारी व्यवस्थाओं पर भी उठे सवाल

मामले को लेकर यह भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि विद्यालयों में साफ-सफाई और रखरखाव के लिए सरकार अलग से बजट उपलब्ध कराती है तथा कई स्थानों पर सफाई कर्मचारियों की भी व्यवस्था होती है। ऐसे में यदि छात्रों से किसी प्रकार का श्रम कराया गया है तो इसकी जांच आवश्यक है। हालांकि, यह स्पष्ट होना अभी बाकी है कि वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधि किस परिस्थिति में हुई और क्या वास्तव में छात्रों से नियमित रूप से काम कराया गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

बताया जा रहा है कि विद्यालय पहुंचे एक व्यक्ति ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

बीएसए ने जांच के दिए निर्देश

मामले पर जब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) रोशनी सिंह से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो में दिखाई गई घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और क्या किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

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