यूपी बना दुनिया की पहली पसंद: Lucknow University में विदेशी छात्रों की भारी भीड़

खबर सार :-

लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) में सत्र 2026-27 के लिए 77 देशों से रिकॉर्ड 3421 विदेशी छात्रों ने आवेदन किया है, जो पिछले साल से 64% अधिक है। जानिए कैसे सीएम योगी के राज में यूपी बना ग्लोबल एजुकेशन हब।
यूपी बना दुनिया की पहली पसंद: Lucknow University में विदेशी छात्रों की भारी भीड़

खबर विस्तार : -

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की अगुवाई में उत्तर प्रदेश ने पढ़ाई के मामले में दुनिया भर में अपनी धाक जमा ली है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) में देखने को मिला है, जहाँ इस बार विदेशी छात्र-छात्राओं की संख्या में भारी उछाल आया है। सत्र 2026-27 के लिए दुनिया के 77 अलग-अलग देशों से रिकॉर्ड 3421 अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों ने यहाँ दाखिले के लिए फॉर्म भरा है। यह आंकड़ा दिखाता है कि यूपी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा है।

विदेशी आवेदनों में 64 फीसदी की रिकॉर्ड उछाल

अगर हम पिछले साल की तुलना करें, तो यह बदलाव साफ नजर आता है। सत्र 2025-26 में लखनऊ विश्वविद्यालय को सिर्फ 2083 आवेदन मिले थे, लेकिन इस बार यह संख्या 1338 और बढ़ गई है। एक साल के भीतर आवेदनों में लगभग 64 प्रतिशत की यह बढ़ोतरी ऐतिहासिक है। यह साफ करता है कि राज्य सरकार द्वारा पढ़ाई के माहौल को सुरक्षित और आधुनिक बनाने का प्रयास रंग ला रहा है। अब विदेशों से युवा यहाँ की शिक्षा प्रणाली पर पूरा भरोसा जता रहे हैं।

यूरोप से लेकर अफ्रीका तक के युवा कतार में

यूनिवर्सिटी प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, इस साल आवेदन करने वाले छात्र सिर्फ पड़ोसी देशों से नहीं हैं। सबसे ज्यादा फॉर्म बांग्लादेश, नेपाल, नाइजीरिया, सूडान और तंजानिया से आए हैं। इसके अलावा, जर्मनी और पोलैंड जैसे विकसित यूरोपीय देशों के छात्र भी लखनऊ आकर पढ़ना चाहते हैं। इतने अलग-अलग देशों से रुझान आना यह साबित करता है कि लखनऊ यूनिवर्सिटी की पढ़ाई का स्तर अब वैश्विक मानकों को छू रहा है।

ग्रेजुएशन और रिसर्च में सबसे ज्यादा दिलचस्पी

पाठ्यक्रमों की बात करें तो सबसे ज्यादा क्रेज ग्रेजुएशन (स्नातक) स्तर के कोर्सेज में देखा जा रहा है, जिसके लिए 2552 आवेदन आए हैं। इसके बाद पोस्ट ग्रेजुएशन (स्नातकोत्तर) के लिए 595 और पीएचडी यानी रिसर्च के लिए 274 विदेशी छात्रों ने अप्लाई किया है। शोध के क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में विदेशी छात्रों का रुचि लेना यह बताता है कि विश्वविद्यालय में प्रैक्टिकल और नए आविष्कारों पर काफी ध्यान दिया जा रहा है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति और बेहतर कानून व्यवस्था का असर

उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि इस सफलता के पीछे योगी सरकार की नीतियां हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy) को सही तरीके से लागू करने, परिसरों को स्मार्ट बनाने और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने से माहौल बदला है। पहले जहाँ यूपी के बच्चे बाहर पढ़ने जाते थे, वहीं अब लखनऊ और नोएडा जैसी जगहें देश-विदेश के छात्रों का ठिकाना बन गई हैं। वहीं कुलपति प्रोफेसर जय प्रकाश सैनी ने भरोसा दिलाया है कि वे सभी विदेशी मेहमानों को एक सुरक्षित, साफ-सुथरा और बेहतरीन माहौल देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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