ट्रेनों पर पत्थरबाजी करने वाला शातिर आरोपी गिरफ्तार, पांच मामलों का हुआ खुलासा
खबर सार :-
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह ट्रेनों में झाड़ू लगाकर यात्रियों से पैसे मांगता था। जब कोई यात्री उसे पैसे देने से मना कर देता या ट्रेन से नीचे उतार देता, तो वह नाराज होकर उसी ट्रेन पर पत्थरबाजी कर देता था।
खबर विस्तार : -
झांसी: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट वीरांगना लक्ष्मीबाई, झांसी ने ट्रेनों पर लगातार हो रही पत्थरबाजी की घटनाओं का खुलासा करते हुए एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी से पूछताछ और उसकी निशानदेही के आधार पर ट्रेनों पर पथराव के पांच मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा हुआ है। आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार आरोपी यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों से नाराज होकर बदला लेने की नीयत से चलती ट्रेनों पर पत्थर फेंकता था, जिससे यात्रियों की जान खतरे में पड़ती थी और रेलवे संपत्ति को भी नुकसान पहुंचता था।
गठित की गई थी विशेष टीम
आरपीएफ के अनुसार 27 जून 2026 को मुस्तरा-झांसी रेलखंड पर चल रही गाड़ी संख्या 11124 बरौनी-ग्वालियर मेल पर अज्ञात व्यक्ति ने पथराव कर एक कोच का शीशा तोड़ दिया था। घटना के बाद रेलवे अधिनियम की धारा 153, 141 और 145 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित कर आसपास के क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया गया।
पांच मामलों का हुआ खुलासा
जांच के दौरान 29 जून को चिरगांव रेलवे स्टेशन से मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के ग्राम कटिया निवासी 38 वर्षीय अर्जुन पाल को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने बरौनी-ग्वालियर मेल पर पथराव करने की बात स्वीकार की। इसके अलावा उसने चार अन्य ट्रेनों पर भी पत्थर फेंकने की घटनाओं में अपनी संलिप्तता कबूल की। आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थलों की पहचान कराई गई, जिसके बाद जांच में पुष्टि हुई कि उससे जुड़े चार अन्य मामले पहले से आरपीएफ पोस्ट झांसी में दर्ज थे। इस प्रकार कुल पांच मामलों का खुलासा हो गया।
आरोपी ने बताया कि कुछ ट्रेनों की पैंट्रीकार का स्टाफ उसे कचरा उतारने के बदले भोजन और कुछ पैसे दे देता था। लेकिन जब आरपीएफ के जवान उसे रोकते या कार्रवाई करते थे तो वह गुस्से में आउटर क्षेत्र में जाकर गुजरने वाली ट्रेनों को निशाना बनाता था।
आम लोगों से की अपील
आरपीएफ अधिकारियों ने कहा कि ट्रेनों पर पत्थरबाजी यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद गंभीर खतरा है। ऐसी घटनाओं में यात्रियों को चोट लग सकती है, ट्रेन के शीशे टूट सकते हैं और किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषियों के विरुद्ध रेलवे अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त जितेन्द्र कुमार शर्मा के निर्देशन तथा प्रभारी निरीक्षक योगेश राणा के नेतृत्व में की गई। अभियान में उप निरीक्षक अंकित कुमार, कांस्टेबल रवि यादव और रविन्द्र कुमार त्रिपाठी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आरपीएफ ने आम लोगों से अपील की है कि रेलवे लाइन, स्टेशन या ट्रेनों के आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल रेलवे सुरक्षा बल को दें, ताकि समय रहते ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
यह भी पढ़ेंः-पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा का भाजपा सरकार पर हमला, बोले- जनता से किए वादे पूरे करने में सरकार विफल
अन्य प्रमुख खबरें
-
2026-06-30
-
2026-06-30
-
एक सप्ताह की मोहलत, फिर दिल्ली में आर-पार की लड़ाई! बहुजन अधिकार सेना ने प्रशासन को दी अंतिम चेतावनी
2026-06-30
-
2026-06-30
-
यूपी बना दुनिया की पहली पसंद: Lucknow University में विदेशी छात्रों की भारी भीड़
2026-06-30
-
2026-06-30
-
ऑटो चालक की ईमानदारी बनी मिसाल, लाखों के जेवरों से भरा बैग लौटाया, जीआरपी ने किया सम्मानित
2026-06-30
-
सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराई एंबुलेंस, आरक्षी की मौत, डॉक्टर और चालक गंभीर घायल
2026-06-30
-
मुंबई में दर्दनाक हादसा, स्कूल बस पर गिरा पेड़, छात्रा की मौत, 14 घायल
2026-06-30
-
2026-06-30
-
2026-06-30
-
Ambala: दादा को खाना देने गया 4 साल का मासूम 220 फीट गहरे बोरवेल में गिरा, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
2026-06-30
-
2026-06-30
-
यमुना एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा, लखनऊ से दिल्ली जा रही वोल्वो बस ट्रेलर में घुसी, 4 की मौत
2026-06-30
-
गोलीराव तालाब के निकासी द्वार को दो फीट नीचे किए जाने पर भड़का लोगों का गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी
2026-06-30