गोवा का 40वां राज्य स्थापना दिवसः उपराष्ट्रपति ने पूर्व सीएम मनोहर पर्रिकर को दी श्रद्धांजलि, बोले- गोवा की प्रगति पर छोड़ी अमिट छाप

खबर सार :-
गोवा के 40वें राज्य स्थापना दिवस पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को श्रद्धांजलि दी। वे समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए।
गोवा का 40वां राज्य स्थापना दिवसः उपराष्ट्रपति ने पूर्व सीएम मनोहर पर्रिकर को दी श्रद्धांजलि, बोले- गोवा की प्रगति पर छोड़ी अमिट छाप
खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने शनिवार को पणजी में गोवा के 40वें राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि आज, जब हम गोवा राज्य स्थापना दिवस के गौरवपूर्ण अवसर का जश्न मना रहे हैं, तो हम आदरपूर्वक मनोहर पर्रिकर को याद करते हैं—एक दूरदर्शी नेता जिनकी सादगी, ईमानदारी और समर्पण ने गोवा की प्रगति पर एक अमिट छाप छोड़ी है।

‘ब्लू इकोनाॅमी’ के रूप में उभर रहा गोवा

उपराष्ट्रपति ने टिप्पणी की कि गोवा विरासत और प्रगति, परंपरा और आधुनिकता तथा स्थानीय गौरव और वैश्विक दृष्टिकोण के संगम पर स्थित है। उन्होंने उल्लेख किया कि 'ब्लू इकोनॉमी' (नीली अर्थव्यवस्था) भारत की प्रगति के प्रमुख स्तंभों में से एक होगी और इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि गोवा इस क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के विकास और नवाचार के अगले चरण में योगदान देने के लिए गोवा एक अद्वितीय स्थिति में है। 

मारियो मिरांडा के सम्मान में डाक टिकट जारी

पणजी में 40वें गोवा राज्य स्थापना दिवस समारोह के दौरान, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने महान कार्टूनिस्ट मारियो मिरांडा के सम्मान में एक स्मारक डाक टिकट जारी किया। उन्होंने कहा कि गोवा केवल एक छोटा सा राज्य नहीं है, बल्कि एक सुंदर राज्य है; यह केवल प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण एक पर्यटन स्थल मात्र नहीं है। यह एक जीवंत सभ्यता है, जिसे सदियों के सांस्कृतिक आदान-प्रदान, बौद्धिक खुलेपन, समुद्री उद्यम और सामाजिक सद्भाव ने आकार दिया है। अपने प्राचीन मंदिरों और भव्य गिरजाघरों से लेकर अपने संगीत, साहित्य और त्योहारों तक गोवा भारत की बहुलवादी भावना के मूल तत्व को साकार करता है।

परशुराम की भूमि के रूप में भी पहचान

उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि गोवा को 'परशुराम की भूमि' के रूप में भी जाना जाता है। यह एक ऐसी उपाधि है जो इसकी सभ्यतागत और सांस्कृतिक विरासत के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने गोवा के विकास की तेज गति का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के भीतर बुनियादी ढांचे को मिले बढ़ावा और प्रमुख विकास परियोजनाओं की सफलता केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही संभव हो पाई है। उन्होंने आगे कहा कि इन परियोजनाओं की योजना इस तरह से बनाई गई है कि इनका लाभ आने वाली पीढ़ियों को अगले 50 वर्षों तक मिलता रहेगा।

 

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