जयपुर में राधाष्टमी पर राधारानी को लगाया जाएगा मावा की बर्फी का भोग

खबर सार :-

जयपुर में राधाष्टमी के मौके पर 111 किलो दूध से राधारानी का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। इसके साथ ही मावा की बर्फी का भोग भी लगाया जाएगा। बड़ी संख्या में मौजूद भक्तों के बीच यह पूजन किया जाएगा।
राधाष्टमी: जयपुर में 111 किलो दूध से होगा राधारानी का पंचामृत अभिषेक

खबर विस्तार : -

जयपुर, शनिवार को राधाष्टमी के अवसर पर शहर के राधा-कृष्ण मंदिरों में कई धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। दूसरी ओर जयपुर के आराध्य देव श्री गोविंददेवजी मंदिर में भी इसी दिन राधाष्टमी का मुख्य उत्सव मनाया जाएगा। उत्सव की शुरुआत श्री गौरांग महाप्रभु संकीर्तन मंडल के कीर्तन से हुआ था। इस खास आयोजन का उत्साह सुबह 4 बजे से ही देखने को मिलने लगेगा। सुबह से ही यहां मंगला झांकी से विशेष दर्शन शुरू हो जाएंगे। इसके बाद सुबह 4ः45 पर ठाकुरानी श्री राधारानी जी का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। बड़ी संख्या में मौजूद भक्तों के बीच यह पूजन किया जाएगा। 

14 सितंबर से शुरू हुए थे धार्मिक आयोजन

अभिषेक से पहले महंत अंजन कुमार गोस्वामी की ओर से तिथि पूजन होगा। इसके साथ ही अभिषेक झांकी के मौके पर पंजीरी, लड्डू और मावा की बर्फी का भोग लगाया जाएगा। राधाष्टमी के दौरान गोविंददेवजी को नवीन पीत-गुलाबी लप्पा जामा पोशाक की व्यवस्था कराई जाएगी। राधाष्टमी उत्सव की पांच दिवसीय श्रृंखला 14 सितंबर से शुरू हो गई थी। इस मौके पर मंदिर परिसर को बंधनवार, बधाई संदेश और विशेष रोशनी से सजाया गया है। मंदिर के मुख्य द्वार पर शहनाई और नगाड़ा बज रहे हैं। यहां पर कई भजन मंडलियों और कलाकारों की ओर से भजन कीर्तन सुनाए जा रहे हैं। 

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राधारानी को लगाया जाएगा छप्पनभोग

 मंदिर में राधाष्टमी पर राधारानी जी का दूध, दही, घी, बूरा और शहद से पंचामृत अभिषेक के दौरान सभी को दर्शन कराने की कोशिश की जा रही है। इस मौके पर श्रीगोविंद धाम के अधीन मंदिरों को मिलाकर अभिषेक कराया जाएगा। खास आयोजन के लिए 111 किलो दूध, 51 किलो दही, 31 किलो बूरा, 6 किलो घी और 6 किलो शहद की व्यवस्था की गई है। पांच वेदपाठी ब्राह्मणों की ओर से वेदपाठ किया जाएगा।

इस खास पाठ के बाद भक्तों को राधाष्टमी की महाआरती करने का अवसर मिलेगा। भक्तों को सुबह के दर्शन की तैयारी रात से ही की जाएगी। सुबह 7ः45 पर धूप झांकी के दर्शन करने का सौभाग्य मिलेगा। राजभोग झांकी से पहले राधारानी जी को विभिन्न व्यंजन अर्पित किए जाएंगे। इसमें सादा चावल, नमकीन चावल, खिचड़ी, खीर और पनीर की सब्जी सहित कई व्यंजन शामिल होंगे। इसके बाद छप्पन भोग झांकी के दर्शन होंगे। सुबह 9ः30 पर दर्शन के लिए श्रृंगार झांकी खुलेगी।

 पालना झांकी के दर्शन करने पहुंचेंगे भक्त

श्रृंगार आरती के बाद भानु नंदिनी उत्सव मनाया जाएगा। यहां बधाई उछाली जाएगी। शाम को ठाकुर श्रीजी की विशेष बरसाना महल, फूल बंगला, झांकी सजाई जाएगी। विशेष उत्सव दर्शन शाम 7 बजे से रात 8ः30 तक होंगे। इसके बाद शयन झांकी के दर्शन होंगे। उधर, सुभाष चौक पानों का दरीबा स्थित श्री सरस निकुंज में राधाष्टमी महोत्सव मनाई जाएगी। रामगंज बाजार स्थित लाड़लीजी मंदिर में सुबह 5ः30 पर जन्माभिषेक होगा। सुबह 9ः15 पर पालना झांकी के दर्शन कराए जाएंगे। दोपहर बाद से दधिकादों बधाई उत्सव का आनंद उठाया जाएगा।  

राधाष्टमी से त्रयोदशी तक बालरूप में चरण दर्शन होंगे

राधारानी को ग्वारिया और हेरी समाज के कार्यक्रमों के साथ छप्पन भोग का महत्व पूरा किया जाएगा। राधाष्टमी से त्रयोदशी तक श्रद्धालुओं को राधाजी के बालरूप में चरण दर्शन कराए जाएंगे। इन धार्मिक आयोजनों पर आचार्य संजय गोस्वामी ने अपनी बात रखी। कहा कि ललित संप्रदाय पीठ के संस्थापक आचार्य गोस्वामी वंशी अली महाराज को वृंदावन में लाड़लीजी की प्रतिमा प्राप्त हुई थी। उन्होंने बताया कि बाद में गोविंदराम बोहरा ने मंदिर के लिए भवन भेंट किया। इस मौके पर तमाम मंदिरों पर धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। सभी में मंदिर व्यवस्थापकों की ओर से समय निर्धारित है।

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