18वां अंतर्राष्ट्रीय सूफी रंग महोत्सव: पहुंचे 50 हजार जायरीन

खबर सार :-

सूफियाना रंग, आध्यात्मिक वातावरण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद उठाने के लिए पहले दिन ही बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए हैं।
18वें अंतर्राष्ट्रीय सूफी रंग महोत्सव में पहुंचे 50 हजार जायरीन

खबर विस्तार : -

अजमेर L ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह अजमेर शरीफ स्थित ऐतिहासिक महफिल खाना में अंतर्राष्ट्रीय सूफी रंग महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। सोमवार को शुरू किया गया यह 18वां आयोजन है। इसमें सूफियाना रंग, आध्यात्मिक वातावरण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद उठाने के लिए पहले दिन ही बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए हैं।

इसी बीच सोमवार को शुरू हुए इस पांच दिवसीय महोत्सव के पहले दिन ही 50 हजार से अधिक जायरीन और अकीदतमंदों ने शिरकत की। इस संबंध में आयोजकों ने बताया कि पिछले 18 वर्षों के इतिहास में यह महोत्सव निरंतर ऊॅचाइयों को छू रहा है। 

43 कलाकार दे रहे हैं प्रस्तुतियां

यहां पर केवल भारत ही नहीं, विभिन्न देशों के 43 देशी-विदेशी कलाकार भी अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। अधिकतर इस आयोजन का नेतृत्व चिश्ती फाउंडेशन के चेयरमैन हाजी सैयद सलमान चिश्ती ही कर रहे हैं। इनके साथ कई और पदाधिकारी भी साथ दे रहे हैं। फेस्टिवल डायरेक्टर डॉ. अजीम एस. मेमन, फेस्टिवल एडवाइजर एम्बेसडर डॉ. फहीम एफ. खान और कोऑर्डिनेटर उस्ताद महमूद शेख बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

मोहक रहा उद्घाटन समारोह

पवित्र कुरान शरीफ की तिलावत और किरात से उद्घाटन समारोह की शुरुआत हुई, जिसे सैयद फुजैल चिश्ती ने प्रस्तुत किया। इसके बाद अंजुमन-ए-खुद्दाम-ए-ख्वाजा के सचिव सैयद कलीमुद्दीन चिश्ती ने दुआ और आशीर्वचनों से कार्यक्रम को आध्यात्मिक स्वरूप दिया। हैदराबाद से आए अनिल चौहान ने नात-ए-रसूल पेश कर वाहवाही लूटी तो सूफियाना कलाम और नात की प्रस्तुतियों ने परिसर को सुहाना माहौल दिया। कार्यक्रम पहले दौर से ही पसंदीदा बन गया। एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां गागर में सागर भर रही थी।

वक्ताओं ने भावपूर्ण विचार रखे

आयोजन में लोगों के भावपूर्ण विचार भी सुने गए। राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद (एनसीपीयूएल), नई दिल्ली के प्रोजेक्ट असिस्टेंट मोहम्मद कासिम ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने उर्दू भाषा और कैलिग्राफी की परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया। डिजिटल युग में पारंपरिक कला और उर्दू लिपि की खूबसूरती को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। 

विद्वानों के साथ सभी का आभार जताया

कार्यक्रम में चिश्ती फाउंडेशन के चेयरमैन हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने सभी का स्वागत किया। उनके स्वागत में अतिथियों, कलाकारों और विद्वानों के साथ सभी का आभार था। इंदौर के प्रसिद्ध कलाकार आफताब कादरी ने स्वागत कार्यक्रम के बाद महफिल-ए-समा में सूफी कलाम पेश किया।

लाइव कालीन आर्ट पेंटिंग को भी मौका

हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने सूफी रंग, सुरों में अदा और दुआ जैसे शब्दों पर ध्या फरमाया है। उन्होंने कहा कि कैलिग्राफी की हर रेखा और समा का हर सुर वही संदेश देता है, जो अजमेर शरीफ सदियों से दुनिया को देता आया है। महोत्सव में लाइव कैलिग्राफी वर्कशॉप और लाइव कालीन आर्ट पेंटिंग का आयोजन भी किया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय सूफी रंग महोत्सव 26 अगस्त तक दरगाह अजमेर शरीफ परिसर में चलता रहेगा। आयोजकों ने बताया कि यहां महोत्सव में सभी धर्मों, राष्ट्रीयता और समुदायों के लोगों का स्वागत है। 

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