Dhanteras 2026: धनतेरस पर नई चीजें खरीदने की परंपरा क्यों है? जानें धार्मिक मान्यताएं और महत्व

खबर सार :-

Dhanteras 2026: धनतेरस पर बर्तन, सोना, चांदी और अन्य धातुएं खरीदना शुभ क्यों माना जाता है? इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करने की परंपरा है।
Dhanteras 2026: धनतेरस पर नई चीजें  खरीदने की परंपरा क्यों है?

खबर विस्तार : -

Dhanteras 2026: हिंदू धर्म में धनतेरस का खास महत्व है। धनतेरस से ही पांच दिवसीय प्रकाश पर्व दीपावली की शुरुआत होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, धनतेरस का त्योहार हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है। इस दिन लोग सोना-चांदी, बर्तन और अन्य बहुत सी नई चीजों की खरीदारी करते हैं। साथ ही इस दिन माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। मान्यता है कि धनतेरस पर खरीदारी करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि धनतेरस पर नई वस्तुएं खरीदना शुभ क्यों माना जाता है? इसके पीछे धार्मिक मान्यताएं और भारतीय संस्कृति से जुड़ी कई परंपराएं जुड़ी हुई हैं। 

कब है धनतेरस 

हिंदू पंचांग के अनुसार धनतेरस का पर्व हर साल कार्तिक महीने की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष, कार्तिक महीने की त्रयोदशी तिथि शुक्रवार, 6 नवंबर को सुबह 10:31 बजे शुरू होगी और अगले दिन, 7 नवंबर को सुबह 10:48 बजे समाप्त होगी। ऐसे में धनतेरस का पर्व 6 नवंबर को मनाया जाएगा।

धनतेरस पर खरीदारी का शुभ मुहूर्त

धनतेरस पर खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 10:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक रहेगा। इसके बाद, पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 6:18 बजे से रात 8:10 बजे तक है। धार्मिक परंपरा के अनुसार, इस दिन नई चीजें खरीदने के साथ-साथ भगवान धन्वंतरि, भगवान कुबेर और देवी लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए। माना जाता है कि पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-पाठ करने और नई वस्तुएं खरीदने से धन-संपत्ति और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

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धनतेरस का धार्मिक महत्व

धनतेरस को धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। यह त्योहार दिवाली से पहले मनाया जाता है। धार्मिक परंपरा के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और अच्छे स्वास्थ्य का देवता माना जाता है। यही कारण है कि धनतेरस पर लोग धन की वृद्धि और घर में सुख-समृद्धि के साथ-साथ अच्छे स्वास्थ्य की भी कामना करते हैं। इस दिन देवी लक्ष्मी, भगवान गणेश, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की विधिवत पूजा करने का विधान है। मान्यता है कि इस दिन इनकी पूजा करने से घर में आर्थिक संकट दूर होता है। घर में धन-संपत्ति बढ़ती है। सभी का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

धनतेरस पर क्या खरीदना माना जाता है शुभ 

इस दिन सुबह जल्दी उठकर घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह से साफ-सफाई करनी चाहिए। स्नान करने के बाद, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की मूर्तियां स्थापित करके पूजा करनी चाहिए। इनके साथ देवी लक्ष्मी की भी पूजा की जा सकती है। धनतेरस के दिन खरीदारी करना शुभ माना जाता है। इस दिन लोग सोना, चांदी, पीतल के नए बर्तन और झाड़ू- साबुत-धनियां जैसी चीजें खरीदते हैं। माना जाता है कि इस दिन खरीदारी करने से धन-संपत्ति और समृद्धि में वृद्धि होती है। इसके अलावा धनतेरस पर नमक खरीदना भी शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिन नमक खरीदने से घर से अशुद्धियां, नकारात्मक ऊर्जा, दुःख और कष्ट दूर होते हैं।

  • सोना-चांदी
  • गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां
  • मिट्टी के दीपक
  • झाड़ू 
  • साबुत धनिया 
  • कुबेर यंत्र 
  • कपूर
  • सुपारी
  • कौरी
  • पान पत्ता
  • मिट्टी के पात्र
  • पीतल-तांबा और कांसा की बनी वस्तु
  • भूमि-भवन की खरीदारी

धनतेरस पर यम दीप की क्या है मान्यता

इसके अलावा धनतेरस पर नए मिट्टी के दीये खरीदने की भी परंपरा है; ऐसे दीये खरीदना शुभ माना जाता है। इन दीयों को जलाने से नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मकता आती है। धनतेरस की शाम को 'यम दीप' जलाया जाता है। इस दीये को दक्षिण दिशा की ओर मुख करके रखा जाता है। माना जाता है कि धनतेरस पर 'यम दीप' जलाने से अकाल मृत्यु का भय दूर हो जाता है।

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