Karwa Chauth 2026 : करवा चौथ के दिन भूलकर भी महिलाएं न करें ये काम ! जाने व्रत के जरूरी नियम

खबर सार :-

कार्तिक महीने में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। इस साल करवा चौथ का व्रत रविवार, 20 अक्टूबर को रखा जाएगा। इस व्रत को रखने से महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
करवा चौथ के दिन भूलकर भी महिलाएं न करें ये काम

खबर विस्तार : -

Karwa Chauth 2026 : हिंदू धर्म में करवा चौथ का व्रत विशेष महत्व है। करवा चौथ का पर्व हर सुहागिन महिला के लिए बेहद खास होता है। यह हर साल कार्तिक महीने में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। महिलाएं बहुत उत्साह के साथ यह व्रत रखती हैं। करवा चौथ का व्रत रखने से महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। हालांकि, व्रत के दौरान विवाहित महिलाओं को कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। वरना, वरना जाने अनजाने में आपका व्रत पूर्ण नहीं माना जाएगा। आइए जानते हैं इस दिन से जुड़े नियमों, रीति-रिवाजों और सावधानियों के बारे में खासकर उन कामों के बारे में जिनसे बचना चाहिए।

करवा चौथ के दिन भूलकर भी न करें ये काम 

1- करवा चौथ के दिन सूर्योदय से पहले उठ जाना चाहिए। सूर्योदय के बाद दिन में सोने से बचें; शास्त्रों में इस व्रत के दौरान सोने की मनाही है।

2- इस दिन महिलाओं को अपनी सास के साथ प्रेमपूर्ण संबंध बनाए रखने चाहिए। उन्हें कठोर शब्दों का प्रयोग करने या उनकी पीठ पीछे बुराई करने से बचना चाहिए।

3- इन दिन घर में प्रेम और सामंजस्य बनाए रखें। ध्यान रखें कि पति-पत्नी के बीच कोई बहस या विवाद न हो।

4- इस दिन कपड़ों का भी विशेष ध्यान दे। इन नीले या काले रंग के कपड़े पहनने से पूरी तरह बचें। अपने श्रृंगार में भी इन रंगों का उपयोग न करें। इसके बजाय, लाल, गुलाबी, हरे या पीले जैसे रंगों का चुनाव कर सकते हैं।

5- रात में चंद्रमा को अर्घ्य देते समय केवल सादा जल न चढ़ाएं, बल्कि उसमें थोड़ा कच्चा दूध मिला लें।

6- करवा चौथ की पूजा के दौरान कथा पढ़ने का विशेष महत्व है। पूजा समय पर शुरू करें और कथा सुनने या पढ़ने के लिए समय जरूर निकालें। जल्दबाजी में इसे छोड़ें नहीं। कथा के बिना करवा चौथ की पूजा और व्रत अधूरे माने जाते हैं। इसलिए, परंपरा और निर्धारित नियमों के अनुसार सही समय पर कथा जरूर पढ़ें।

7-  रात में चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोलते समय 'तामसिक' भोजन न करें। ऐसा करने से आपको व्रत का पूर्ण आध्यात्मिक फल नहीं मिल पाएगा। शास्त्रों के अनुसार, व्रत के दिन तामसिक भोजन से पूरी तरह बचना चाहिए।

8- कभी-कभी, करवा चौथ की रात चंद्रमा निकलने के बाद जल्दबाजी में लोग बहुत जल्दी पूजा शुरू कर देते हैं, जिससे गलतियां हो सकती हैं। इस लिए शांत मन से पूजा करें। चंद्रमा निकलने का समय पहले ही देख लें। चंद्रमा के दर्शन के बाद अपना व्रत खोलें। पूजा तथा कथा पढ़ने सहित सभी अनुष्ठानों को विधिवत पूरा करें। इन अनुष्ठानों के किसी भी हिस्से को छोड़ देने से व्रत के नियमों का पालन प्रभावित हो सकता है।

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सारा दिन 'निर्जला' व्रत रखती हैं महिलाएं 

गौरतलब है कि विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए करवा चौथ का व्रत रखती हैं। यह एक 'निर्जला' व्रत है, जिसका गहरा धार्मिक महत्व है। इस दिन की शुरुआत 'सरगी' से होती है जो सूर्योदय से पहले, तारों के दिखाई देते समय खाया जाने वाला भोजन है। इसी समय व्रत रखने का 'संकल्प' लिया जाता है। पूरे दिन बिना कुछ खाए-पिए रहने के बाद, रात में चंद्रमा को 'अर्घ्य' देकर व्रत पूरा किया जाता है। महिलाएं चांद देखने और उसे अर्घ्य देने के बाद, अपने पति के हाथों से पानी पीकर अपना व्रत खोलती हैं।

करवा चौथ का व्रत टूटने पर क्या करना चाहिए

अगर जाने-अनजाने में आपका व्रत टूट जाए तो बिल्कुल भी परेशान ना हो। पूरी श्रद्धा के साथ पूजा करें और सभी जरूरी रीतियों का पालन करें। प्रार्थना करते समय ईश्वर से क्षमा मांगें। साथ ही, यह भी ध्यान रखें कि अलग-अलग परिवारों में रीति-रिवाज अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए अपने परिवार की परंपराओं का सच्चे मन से पालन करें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप खुशी-खुशी अपना व्रत पूरा करें और अपने आस-पास एक सकारात्मक माहौल बनाए रखें।

डिस्क्लेमर:  इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य पाठकों तक उपयोगी सूचनाएं पहुंचाना है। इंडिया पब्लिक खबर इसमें दी गई जानकारी की पूर्ण सत्यता या सटीकता का दावा नहीं करता है। किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

FAQ...

1-करवा चौथ 2026 में पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?

करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक बताया गया है। पूजा के लिए अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।

2-  करवा चौथ पर चांद निकलने का समय क्या है ?

करवा चौथ पर 29 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में चंद्रोदय रात लगभग 8:12 से 8:17 बजे के बीच बताया गया है। हालांकि अन्य शहरों में चांद निकलने का समय अलग रहेगा। 

3- करवा चौथ का व्रत क्यों रखा जाता है?

पारंपरिक मान्यता के अनुसार, विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन में खुशहाली की कामना के लिए यह व्रत रखती हैं।

4- करवा चौथ पर किन देवी-देवताओं की होती है पूजा ?

करवा चौथ पर मुख्य रूप से भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय सहित शिव परिवार की पूजा करने की परंपरा है। इसके साथ ही चंद्रदेव को अर्घ्य दिया जाता है।

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