Indore: सारथी के ब्लड सर्कुलेशन से लेकर अनंत चतुर्दशी चल समारोह की झांकी तक की होगी जांच

खबर सार :-

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर की अनंत चतुर्दशी चल समारोह की झांकी के मौके पर आज शाम को शहर में झांकी निकालने की तैयारी चल रही है। जैसे-जैसे शाम की ओर घड़ी की सुई बढ़ रही है, वैसे ही झांकियों के मालिकों के दिल की धड़कन तेज हो रही है।
anant chaturdashi : इंदौर में चल समारोह आज, झांकी मालिकों की धड़कनें तेज

खबर विस्तार : -

इंदौर : शाम आने के इंतजार में शहर के श्रद्धालुओं की नजरें केवल घड़ी की सुई पर है। चल शोभायात्रा, इंदौर शहर का ऐसा आयोजन है, जिसमें बड़े स्तर पर तैयारी की जा रही है। इंदौर शहर में निकाले जाने वाली anant chaturdashi चल समारोह शोभायात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में चल रही हैं।

प्रशासन की ओर से मातहतों को जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। शाम के समय इस मौके पर शामिल की जाने वाली झांकियों पर सवार होने वाले लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जाएगा। इसके अलावां वह जिन झांकियों पर सवार होंगे, उनके टायर-ट्यूब व वाहन के सभी जरूरी पार्ट की जांच की जाएगी। शाम को निकाली जाने वाली झांकियों की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। व्यवस्था के संचालन से पहले की तैयारी पर अब ध्यान दिया जा रहा है।

झांकियों से अनावश्यक व्यक्ति को हटा दिया जाएगा

चल शोभायात्रा को लेकर इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने कमान संभाली है। जिला प्रशासन की ओर से इसके लिए कई अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। झांकी में शामिल होने वाली खजराना गणेश मंदिर, इंदौर विकास प्राधिकरण, स्वदेशी मिल, राजकुमार मिल, नगर निगम, हुकुमचंद मिल के अलावा कई और झांकियां यहां पर शामिल की जाएंगी। प्रशासन की ओर से आयोजकों के साथ हुई थी। इस बैठक में यह तय कर लिया गया था कि एक संस्थान की केवल दो झांकियां ही निकाली जाएंगी।

इन झांकियों पर चलने वालों के नाम पहले से ही तय कर दिए गए हैं। झांकियों से अनावश्यक व्यक्ति को हटा दिया जाएगा। इन झांकियों को भव्यता प्रदान करने के लिए देर रात तक कारीगर काम करते रहे। शाम को निकलने वाली झांकियों को और खूबसूरत बनाने के लिए विद्युत उपकरण व संसाधनों की निगरानी चल रही है। शोभा यात्रा के दौरान इंदौर के अलावा दूर से भी लोग शामिल होने वाले हैं।

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इसलिए प्रशासन के लिए भीड़ बड़ी चुनौती है। शहर की सुरक्षा और व्यवस्था चाकचौबंद करने के लिए अधिकारियों ने कमान संभाल ली है। नगर निगम ने सफाई अभियान चला रखा है। वहीं पानी और बिजली की आपूर्ति पर बराबर ध्यान दिया जा रहा है। किसी प्रकार की अशांति और उपद्रव से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस व्यवस्था की गई है। जुलूस मार्ग पर भी सुरक्षा व्यवस्था के लिए निगरानी वॉच टावर लगाए गए हैं। इन पर चिकित्सकों को भी तैनात किया गया है।

अचानक रूट परिवर्तन नहीं किया जाएगा

झांकी मार्ग के अलावा कई चिकित्सकों के साथ एंबुलेंस भी हैं। आयोजन स्थल से लेकर आयोजन के संपन्न स्थल तक कई जगह पर सीसीटीवी कैमरे फिट किए गए हैं। पुलिस ने यातायात व्यवस्था को संचालित करने के लिए रूट और वाहनों पर सीट बेल्ट, हेलमेट के अलावा शराब न पीकर आने की चेतावनी दे रखी है। पिछली रात से ही वाहनों की चेकिंग और ब्रेथ एनालाइजर के माध्यम से जांच चल रही है।

झांकी रूट पर ही चलेंगी, इसके अलावा अचानक कोई रूट परिवर्तन नहीं किया जाएगा। आयोजकों की ओर से बताया गया है कि खजराना गणेश मंदिर, श्री शास्त्री कॉर्नर नवयुग मंडल छोटा गणपति मंदिर मल्हारगंज, इंदौर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, होप टेक्सटाइल्स, कल्याण मिल, मालवा मिल, हुकुम चंद मिल, स्वदेशी मिल, राजकुमार मिल,  स्पुतनिक ट्यूटोरियल अकेडमी की झांकी क्रम से होंगी। इनको आगे पीछे नहीं किया जाएगा। यह झांकियां शुक्रवार की शाम को अनंत चतुर्दशी चल समारोह शुरू होने पर अपने निर्धारित स्थान पर पहुंचेंगी।

चल समारोह मिल क्षेत्र और डीआरपी लाइन मैदान से प्रारंभ होकर श्रम शिविर, देवी अहिल्या मार्ग, एमजी रोड, कृष्णापुर, नंदलालपुरा, जवाहर मार्ग, नरसिंह बाजार, शीतला माता बाजार, गौरा कुंड खजूरी बाजार, शेर राजवाड़ा होकर वापस अपने मिल में पहुंचेंगी। नवीन स्वागतम मंचों की अनुमति इस बार नहीं दी गई है, जो परंपरागत रूप से स्वागत करते रहे हैं, उनको ही इजाजत दी गई है। नगर पुलिस अधीक्षक ने अपने-अपने क्षेत्र में पिछले साल की लिस्ट को ही स्वीकृति प्रदान की है।

हथियार लेकर चलने की इजाजत नहीं

प्रशासन की ओर से झांकियों की चेकिंग उनके उपकरणों की चेकिंग के अलावा झांकी पर सवार होने वाले लोगों और झांकी चलाने वालों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे। इसके अलावा झांकी के साथ डॉक्टर की एक टीम भी चलेगी। अखाड़े के निकालने के पूर्व अखाड़े के उस्ताद पहुंच जाएंगे।

शोभायात्रा या अखाड़े में किसी प्रकार के हथियार लेकर चलने की इजाजत नहीं दी गई है। इसके अलावा मिट्टी के तेल को मुंह में भरकर करतब दिखाने वालों को भी इस बार मना कर दिया गया है। अखाड़े के उस्तादों को प्रतीक के रूप में इस बार केवल तलवार वह भी म्यान में रखकर चलने की अनुमति दी गई है। स्वागत मंच पर एक मिनट और निर्णायक मंच पर 3 मिनट का ही कर्तव्य दिखाएंगे। इसके अलावा कई और नियम भी बनाए गए हैं, जिनका पालन न करने पर उन्हें शोभायात्रा से बाहर कर दिया जाएगा।

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