Falta repoling update: कड़ी सुरक्षा के बीच फलता में हो रहा पुनर्मतदान

खबर सार :-
Falta repoling update: पश्चिम बंगाल में फलता विधानसभा सीट पर री-पोलिंग शुरु हो गई है। विधानसभा चुनाव 2026 में 29 अप्रैल को फलता सीट पर मतदान हुआ था, लेकिन चुनाव में हुए धांधली के कारण इसे रद्द किया गया था। अब दोबारा मतदान हो रहा है।

Falta repoling update: कड़ी सुरक्षा के बीच फलता में हो रहा पुनर्मतदान
खबर विस्तार : -

Falta repoling update: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में स्थित फलता विधानसभा सीट पर गुरुवार को एक बार फिर से मतदान कराया जा रहा है। विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में इस सीट पर मतदान हुआ था, लेकिन धांधली के कारण इसे पोस्टपोन करना पड़ा। फलता विधानसभा सीट पर कुल 6 उम्मीदवार आमने-सामने हैं। भाजपा की ओर से देबांशु पांडा, कांग्रेस से अब्दुर रज्जाक, टीएमसी की ओर से जहांगीर खान, सीपीआई से शंभु नाथ कुर्मी और निर्दलीय प्रत्याशी की ओर से चंद्रकांत रॉय और दीप हाती चुनावी जंग में उतरे हैं। 

पश्चिम बंगाल री-पोलिंग

बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के समय ममता बनर्जी सत्ता में थीं। बंगाल की सियासत में टीएमसी की राजनीति पकड़ काफी मजबूत थी। फलता विधानसभा सीट ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का मजबूत वोट बैंक माना जाता है। 2011 से 2021 तक टीएमसी का इस विधानसभा सीट पर मजबूत पकड़ बनाए हुए थी। फलता से चुनावी मैदान में उतरे जहांगीर खान को अभिषेक बनर्जी का दाहिना हाथ माने जाते थे। इस कारण उनके हौसले काफी मजबूत थे। चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल के चुनाव में पर्यवेक्षक के तौर पर आईपीएस अजय पाल को भेजा गया था। 

क्या था पूरा मामला

आईपीएस अजय पाल और टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के बीच चुनाव के दौरान गहमा-गहमी हो गई थी। इसके बाद 29 अप्रैल को चुनावी धांधली हुई थी। ईवीएम मशीन में बीजेपी के चुनाव वाले निशान पर ब्लैक टेप लगा था, जिसकी शिकायत मिलते ही चुनाव आयोग ने फलता सीट पर हुई वोटिंग को पूरी तरह रद्द करने का फैसला किया। 21 मई को दोबारा मतदान कराने का फैसला किया गया। इस बार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद काफी बड़ा बदलाव हुआ, जिसमें 15 साल बाद बीजेपी बंगाल की सत्ता में आई। अब फलता में हो रहे चुनाव पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। 

फलता टीएमसी का वोट बैंक

फलता विधानसभा सीट से टीएमसी को साल 2021 में एकतरफा 89 प्रतिशत वोट मिले थे, लेकिन बंगाल में सत्ता परिवर्तन और चुनाव के रद्द के बाद से टीएमसी की पकड़ कमजोर पड़ती हुई नजर आ रही है। री-पोलिंग से ठीक पहले फलता से टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने अपना नाम वापस लेने का फैसला किया था, लेकिन नामांकन वापस लेने की समय सीमा खत्म होने के कारण जहांगीर को अपने पैर वापस जमाने पड़े।

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