US Congreesman रो खन्ना का बड़ा बयानः Global Leadership की दहलीज पर भारत, अब निभानी होंगी बड़ी जिम्मेदारियां
खबर सार :-
भारत तेजी से वैश्विक शक्ति बनने की ओर बढ़ रहा है और दुनिया उससे अब अधिक सक्रिय भूमिका की उम्मीद कर रही है। अमेरिकी कांग्रेसमैन रो खन्ना का बयान इस बदलती वैश्विक सोच को दर्शाता है। आर्थिक विकास के साथ भारत को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, शांति प्रयासों और लोकतांत्रिक मूल्यों में भी नेतृत्व दिखाना होगा। आने वाले वर्षों में भारत की वैश्विक भूमिका और अधिक निर्णायक बन सकती है।
खबर विस्तार : -
US Congressman Statement: भारत अब केवल उभरती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति और रणनीति का अहम केंद्र बनता जा रहा है। इसी बीच अमेरिकी कांग्रेसमैन रो खन्ना (Ro Khanna) ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि भारत अब केवल आर्थिक और सामरिक ताकत तक सीमित देश नहीं रहा, बल्कि तेजी से वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है। ऐसे में अब भारत को दुनिया के बड़े मुद्दों पर अधिक सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभानी होगी। वॉशिंगटन में आयोजित कैपिटल हिल समिट 2026 में कांग्रेसमैन ने कहा कि भारत को वैश्विक संघर्षों, लोकतांत्रिक मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर अधिक स्पष्ट और सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। फिलहाल, यह माना जा रहा है कि रो खन्ना का यह बयान यूक्रेन युद्ध में भारत की संभावित भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चा छेड़ सकता है।
भारत की बढ़ती ताकत के साथ बढ़ीं वैश्विक उम्मीदें
रो खन्ना ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और उसकी अंतरराष्ट्रीय स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। ऐसे समय में भारत को यह तय करना होगा कि वह वैश्विक मंच पर खुद को किस रूप में देखना चाहता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई देश विश्व शक्ति बनना चाहता है, तो उसे वैश्विक संकटों और अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों से दूरी बनाकर नहीं चलना चाहिए। खन्ना ने इस दौरान रक्षा, टेक्नोलॉजी और ऊर्जा सहयोग पर आयोजित चर्चा में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल क्षेत्रीय शक्ति नहीं, बल्कि वैश्विक निर्णयों को प्रभावित करने वाला देश बन चुका है। इसलिए उसे अंतरराष्ट्रीय विवादों और संघर्षों में संतुलित तथा प्रभावी भूमिका निभानी होगी।
Capitol Hill Summit 2026: यूक्रेन युद्ध में भारत निभा सकता है अहम भूमिका
अमेरिकी कांग्रेसमैन ने रूस-यूक्रेन युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि भारत इस संघर्ष को समाप्त कराने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच लंबे समय से मजबूत रिश्ते रहे हैं और यही वजह है कि भारत के पास संवाद के ऐसे रास्ते मौजूद हैं, जो अन्य देशों के लिए आसान नहीं हैं। खन्ना ने कहा कि उन्होंने अमेरिका और भारत दोनों जगह यह बात खुलकर कही है कि भारत यूक्रेन संकट में रचनात्मक भूमिका निभा सकता है। उनके अनुसार, वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भारत जैसे लोकतांत्रिक और प्रभावशाली देश की मध्यस्थता दुनिया के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
गुटनिरपेक्ष नीति से आगे बढ़ने का समय
रो खन्ना ने भारत की पारंपरिक गुटनिरपेक्ष नीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पहले भारत किसी एक पक्ष के साथ खुलकर खड़े होने से बचता था, लेकिन अब बदलती वैश्विक परिस्थितियों में उसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अधिक स्पष्ट रुख अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि भारत की अपनी महत्वाकांक्षाएं हैं और उसकी वैश्विक भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में केवल संतुलन बनाकर चलने की नीति पर्याप्त नहीं होगी। दुनिया यह देखना चाहती है कि लोकतंत्र, सुरक्षा और वैश्विक सहयोग जैसे मुद्दों पर भारत किस दिशा में खड़ा होता है।
अमेरिका-भारत रिश्तों की रणनीतिक मजबूती बरकरार
हाल के वर्षों में व्यापार और टैरिफ को लेकर अमेरिका और भारत के बीच कुछ मतभेद जरूर देखने को मिले हैं। विशेष रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के प्रशासन के दौरान व्यापार नीतियों को लेकर तनाव बढ़ा था। इसके बावजूद रो खन्ना ने कहा कि दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों में कोई बुनियादी बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों दल भारत के साथ मजबूत साझेदारी के समर्थक हैं। खासकर रक्षा, टेक्नोलॉजी, ऊर्जा और इंडो-पैसिफिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के साझा हित लगातार मजबूत हो रहे हैं।
लोकतंत्र और बहुलवाद बने रिश्तों की असली ताकत
खन्ना ने जोर देकर कहा कि अमेरिका और भारत के संबंध केवल रणनीतिक हितों पर आधारित नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच साझेदारी लोकतंत्र, बहुलवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे साझा मूल्यों पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका को भी बहुसांस्कृतिक लोकतंत्र के रूप में और अधिक मजबूत बनना होगा तथा भारत के साथ उसी भावना से आगे बढ़ना होगा। उनके मुताबिक, यही साझा लोकतांत्रिक मूल्य आने वाले समय में दोनों देशों की साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
अन्य प्रमुख खबरें
-
रिजीम चेंज शब्द षड्यंत्र का प्रतीक, कांग्रेस इंडी गठबंधन को जन समर्थन नहीं: सुधांशु त्रिवेदी
2026-10-16
-
विपक्ष और प्रशांत भूषण के खिलाफ देशभर में आक्रोश, भाजपा का आरोप.दिमागी नक्सलवाद
2026-10-16
-
भोपाल के दीपोत्सव कार्यक्रम का टेंडर: घोटाले का आरोप लगा कांग्रेस ने की CBI जांच की मांग
2026-10-16
-
राजनाथ सिंह ने कहाः कांग्रेस का एकमात्र एजेंडा, लोकतांत्रिक संस्थाओं को ध्वस्त करना
2026-10-16
-
अमित शाह ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर साधा निशाना
2026-10-16
-
IN Delhi जहां धारा 163 लागू , वहां किसी की नहीं चलेगी
2026-10-16
-
एमपी के मुख्यमंत्री से सवाल करेंगे 5000 आदिवासी, पैदल पहुंचकर भोपाल में मांगेंगे जीने का हक
2026-10-16
-
पूर्व IAS दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री, बनाई 'जननीति भारत पार्टी
2026-10-15
-
अभिषेक बनर्जी पर अदालत की सख्त टिप्पणी, कहा ’वेकेशनल पीठ‘ डंपिंग प्लेस नहीं!
2026-10-15
-
बैसाखी पर आंदोलन चलाना चाहते हैं राहुल गांधी, अभिजीत दिपके न इधर के न उधर के
2026-10-15
-
माफिया की कब्जे वाली जमीनों पर अब गरीबों के लिए बनेंगी हवेलियां: योगी
2026-10-15
-
दोपहर 12 बजे सोकर उठने वाले लोकप्रिय नहीं हो सकते, जानें किस पर है सीएम का यह तंज
2026-10-15
-
सुलतानपुर में आप की जनसभा, संजय सिंह ने सरकार को घेरा
2026-10-14
-
हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को दिया तीन माह में पंचायत चुनाव कराने का आदेश
2026-10-14
-
बोले व्यापारी : INDIA गठबंधन रोजी-रोटी छीन रहा, Dipke को विदेशी फंडिंग का आरोप
2026-10-14