ICC Player of the Month March 2026 : भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए मार्च का महीना खुशियों की सौगात लेकर आया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने पिछले महीने के शानदार प्रदर्शन के आधार पर 'प्लेयर ऑफ द मंथ' के नामांकन जारी कर दिए हैं। इस लिस्ट में भारत के दो अनमोल रत्नों-संजू सैमसन और जसप्रीत बुमराह-ने अपनी जगह बनाई है। यह नामांकन केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि उस जज्बे की पहचान है जिसने टीम इंडिया को विश्व पटल पर गौरवान्वित किया है। संजू की कलात्मक बल्लेबाजी और बुमराह की 'यॉर्कर' की मार ने दुनिया भर के क्रिकेट विशेषज्ञों को उनका मुरीद बना दिया है।
केरल के इस शांत दिखने वाले बल्लेबाज ने मार्च में अपने बल्ले से जो शोर मचाया, उसकी गूंज लंबे समय तक सुनाई देगी। संजू सैमसन अक्सर अपनी निरंतरता को लेकर सवालों के घेरे में रहते थे, लेकिन इस बार उन्होंने आलोचकों को अपने प्रदर्शन से जवाब दिया है। वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रनों की पारी हो या फिर बड़े मुकाबलों का दबाव, सैमसन ने खुद को एक परिपक्व मैच फिनिशर के रूप में स्थापित किया है। उनकी बल्लेबाजी में तकनीक और ताकत का जो मिश्रण दिखा, वह भारतीय मध्यक्रम के लिए एक शुभ संकेत है।
संजू ने न केवल रन बनाए, बल्कि वे रन तब आए जब टीम को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। इंग्लैंड और न्यूजीलैंड जैसी दिग्गज टीमों के खिलाफ सेमीफाइनल और फाइनल में लगातार 89-89 रनों की पारियां खेलना किसी चमत्कार से कम नहीं था। इन पारियों ने साबित कर दिया कि संजू अब बड़े मंच के दबाव को सोखना सीख चुके हैं।
अगर क्रिकेट को शतरंज मान लिया जाए, तो जसप्रीत बुमराह उस 'वजीर' की तरह हैं जो अकेले दम पर बाजी पलट देते हैं। मार्च के महीने में बुमराह ने अपनी किफायती गेंदबाजी से बल्लेबाजों को रन बनाने के लिए तरसा दिया। उनकी सटीकता का आलम यह था कि विपक्षी टीमें केवल उनके ओवर निकालने की रणनीति पर काम कर रही थीं।
किसी भी गेंदबाज के लिए फाइनल मैच में प्रदर्शन करना सबसे बड़ी चुनौती होती है। बुमराह ने फाइनल में 4 ओवरों में महज 15 रन देकर 4 विकेट चटकाए। यह आंकड़े बताते हैं कि क्यों उन्हें मौजूदा दौर का सबसे खतरनाक गेंदबाज माना जाता है। उनके इस प्रदर्शन ने जीत और हार के बीच एक ऐसा अंतर पैदा किया जिसे पार पाना नामुमकिन था।
भारतीय सितारों के अलावा दक्षिण अफ्रीका के उभरते हुए बल्लेबाज कॉनर एस्टरहुइजन ने भी इस सूची में जगह बनाई है। कॉनर ने अपने शुरुआती अंतरराष्ट्रीय मैचों में ही 200 रन ठोककर सनसनी फैला दी है। महिला वर्ग की बात करें तो यहाँ भी मुकाबला काफी कड़ा है। न्यूजीलैंड की करिश्माई अमेलिया केर, ऑस्ट्रेलिया की भरोसेमंद बेथ मूनी और दक्षिण अफ्रीका की तेज गेंदबाज अयाबोंगा खाका रेस में बनी हुई हैं। इन खिलाड़ियों ने महिला क्रिकेट के स्तर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। आईसीसी 'प्लेयर ऑफ द मंथ' का चुनाव एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होता है। इसमें एक विशेष पैनल (जिसमें पूर्व खिलाड़ी और पत्रकार शामिल होते हैं) के वोटों का हिस्सा 90% होता है, जबकि प्रशंसकों के वोटों की भागीदारी 10% होती है।
सैमसन और बुमराह जैसे खिलाड़ियों का नामांकन युवाओं के लिए एक प्रेरणा है। यह संदेश देता है कि कड़ी मेहनत और सही समय पर धैर्य दिखाने से सफलता निश्चित है। संजू के लिए यह नामांकन उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है, जो उन्हें टीम में स्थायी जगह दिलाने में मदद करेगा। विजेता की घोषणा अप्रैल के दूसरे सप्ताह में की जाएगी। अब देखना यह है कि क्या भारतीय प्रशंसकों का प्यार और विशेषज्ञों की राय इन दोनों में से किसी एक के सिर पर मार्च का ताज सजाती है।
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