Phone Charger Increase Electricity-Bill : सावधान! स्विच बोर्ड में खाली लगा चार्जर धीरे-धीरे खाली कर रहा है आपकी जेब, आज ही बदलें यह आदत
खबर सार :-
Phone Charger Increase Electricity-Bill : क्या आप भी फोन चार्ज करने के बाद चार्जर को स्विच बोर्ड में ऑन छोड़ देते हैं? जानिए कैसे खाली चार्जर 'standby power' के जरिए लगातार बिजली सोखता है और आपके बिजली बिल को चुपके से बढ़ा देता है। खुद को इस आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए पढ़ें यह पूरी खबर।
खबर विस्तार : -
लखनऊ : आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है। इसके साथ ही मोबाइल चार्जर (mobile charger) भी हमारी दैनिक जरूरत में शामिल हो गया है। अक्सर देखा जाता है कि लोग अपने फोन को चार्ज करने के बाद उसे तो पिन से निकाल लेते हैं, लेकिन चार्जर को बिजली के बोर्ड (switchboard) में ही ऑन छोड़ देते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो आपको सावधान होने की जरूरत है। आपकी यह छोटी सी दिखने वाली लापरवाही हर महीने आपके बिजली के बिल को बढ़ा रही है। आइए विस्तार से समझते हैं कि जब कोई उपकरण कनेक्ट नहीं होता, तब भी यह चार्जर किस तरह बिजली की खपत करता है और इससे आपकी जेब पर क्या असर पड़ता है।
Phone Charger Increase Electricity-Bill : क्या खाली चार्जर भी बिजली की खपत करता है?
ज्यादातर लोगों का मानना होता है कि अगर चार्जर से मोबाइल फोन नहीं जुड़ा है, तो बिजली की खपत (electricity consumption) बिल्कुल नहीं होगी। लेकिन विज्ञान और तकनीक के नजरिए से यह सोचना पूरी तरह गलत है। जब कोई चार्जर सॉकेट में लगा रहता है और स्विच ऑन होता है, तो वह लगातार बिजली की खपत करता रहता है।
तकनीकी भाषा में इसे 'स्टैंडबाय पावर' (standby power) या 'वैम्पायर पावर' कहा जाता है। मोबाइल चार्जर के भीतर छोटे-छोटे ट्रांसफार्मर (transformers) और इलेक्ट्रॉनिक सर्किट लगे होते हैं। ये सर्किट हर समय सक्रिय रहते हैं ताकि जैसे ही आप फोन कनेक्ट करें, वह तुरंत चार्ज होना शुरू हो जाए। इसलिए, भले ही आपका फोन चार्जर से न जुड़ा हो, लेकिन वह सॉकेट से बिजली की खपत करता रहता है।
Phone Charger Increase Electricity-Bill : कितनी बिजली बर्बाद करता है एक अकेला चार्जर?
अगर हम एक सामान्य चार्जर की बात करें, तो जब वह खाली होता है, तब वह लगभग 0.1 से लेकर 0.5 वॉट तक बिजली की खपत (electricity consumption) करता है। पूरे दिन यानी 24 घंटों में यह आंकड़ा बढ़कर 2 से 24 वॉट-आवर तक पहुंच जाता है। देखने में यह मात्रा बहुत मामूली लग सकती है और ऐसा लग सकता है कि इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा।
लेकिन जरा अपने घर के माहौल पर गौर कीजिए। आज के समय में हर घर में केवल एक स्मार्टफोन नहीं होता। माता-पिता, भाई-बहन और बच्चों को मिलाकर एक घर में औसतन चार से पांच स्मार्टफोन होते हैं। इसके अलावा टैबलेट, पावर बैंक और गेमिंग कंसोल के चार्जर भी अलग से होते हैं। जब घर के हर कमरे में कई चार्जर हर समय बोर्ड में प्लग-इन रहते हैं, तो यह छोटी सी दिखने वाली 'स्टैंडबाय पावर' (standby power) सामूहिक रूप से एक बड़ा आकार ले लेती है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के बिजली टैरिफ के हिसाब से देखें तो एक अकेला खाली चार्जर सालभर में आपके बिल में 50 रुपये से लेकर 350 रुपये तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी कर सकता है। जब इसे घर के सभी चार्जरों से गुणा किया जाए, तो यह नुकसान बड़ा हो जाता है।
Phone Charger Increase Electricity-Bill : घर के अन्य उपकरण भी हैं जिम्मेदार
बिजली की इस गुप्त बर्बादी के लिए केवल मोबाइल चार्जर ही जिम्मेदार नहीं हैं। हमारे घरों में ऐसे कई उपकरण हैं जो बंद होने के बाद भी रिमोट सिग्नल या घड़ी डिस्प्ले के लिए 'स्टैंडबाय पावर' (standby power) का इस्तेमाल करते हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- स्मार्ट टेलीविजन (Smart TV) और सेटअप बॉक्स
- माइक्रोवेव ओवन (Microwave Oven)
- डिजिटल डिस्प्ले वाले कॉफी मेकर
- कंप्यूटर, लैपटॉप और गेमिंग कंसोल
सरकारी ऊर्जा विभागों के आंकड़ों के मुताबिक, किसी भी सामान्य घर में कुल बिजली की खपत का करीब 5 से 10 फीसदी हिस्सा सिर्फ इसी 'स्टैंडबाय पावर' (standby power) के कारण खर्च होता है। यानी आप बिना इस्तेमाल किए ही हर महीने अपने बिल का एक बड़ा हिस्सा चुका रहे होते हैं।
Phone Charger Increase Electricity-Bill : बिजली और पैसे बचाने के आसान उपाय
इस फिजूलखर्ची और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए आपको अपनी कुछ आदतों में बदलाव करना होगा। यहां कुछ बेहद व्यावहारिक उपाय दिए जा रहे हैं:
- स्विच बंद करने की आदत: फोन चार्ज होते ही सबसे पहले बोर्ड का मुख्य स्विच बंद करें या चार्जर को सॉकेट से बाहर निकाल लें। यह सबसे आसान और अचूक तरीका है।
- स्मार्ट प्लग का उपयोग: आप अपने घर में स्मार्ट आउटलेट्स लगा सकते हैं। इन्हें आप मोबाइल ऐप के जरिए कहीं से भी बंद कर सकते हैं, जिससे बिजली की बचत होती है।
- मल्टी-डिवाइस चार्जर: बाजार में मिलने वाले सस्ते और स्थानीय चार्जर अधिक बिजली सोखते हैं। इसकी जगह प्रमाणित और ऊर्जा-कुशल (energy-efficient) मल्टी-पोर्ट चार्जर का इस्तेमाल करें, जिससे एक साथ कई डिवाइस चार्ज हो सकें।
- नियमित जांच: अपने चार्जर के तारों की नियमित जांच करें। अगर चार्जर जरूरत से ज्यादा गर्म हो रहा हो या उसका तार कटा-फटा हो, तो उसे तुरंत बदल दें। खराब चार्जर न सिर्फ बिजली ज्यादा खाता है, बल्कि शॉर्ट सर्किट का कारण भी बन सकता है।
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