E-Sushrut Clinic:छोटे क्लीनिकों के डिजिटलीकरण के लिए लॉन्च हुआ हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम
खबर सार :-
ई-सुश्रुत क्लिनिक भारत के डिजिटल स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे छोटे क्लीनिकों में रिकॉर्ड-कीपिंग, मरीज प्रबंधन और सरकारी योजनाओं से जुड़ाव आसान होगा, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होंगे।
खबर विस्तार : -
नई दिल्लीः केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को छोटे क्लीनिकों के लिए ‘ई-सुश्रुत क्लिनिक’ नामक हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम की शुरुआत की। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म सी-डैक (C-DAC) द्वारा विकसित किया गया है और इसका उद्देश्य देश के छोटे और मध्यम स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों में डिजिटल हेल्थ सेवाओं को बढ़ावा देना है।
बनाए जा रहे स्वास्थ्य रिकॉर्ड
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश के अधिकांश छोटे ओपीडी क्लीनिक अभी भी मैनुअल रिकॉर्ड प्रणाली पर निर्भर हैं, जबकि बड़े हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम काफी महंगे और जटिल हैं। ऐसे में छोटे क्लीनिक इन डिजिटल समाधानों को अपनाने में सक्षम नहीं हो पाते। ‘ई-सुश्रुत क्लिनिक’ इसी अंतर को पाटने के लिए तैयार किया गया है और यह आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सरकार की योजना है कि इस सिस्टम को सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों, उप-स्वास्थ्य केंद्रों के साथ-साथ निजी क्लीनिकों में भी लागू किया जाए। फिलहाल 800 से अधिक स्वास्थ्य संस्थान इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं और इसके माध्यम से 680 से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार किए जा चुके हैं।
यह एक क्लाउड-आधारित और हल्का हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम है, जिसे विशेष रूप से छोटे आउट पेशेंट क्लीनिकों के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें मरीजों का पंजीकरण, बिलिंग, एमआईएस रिपोर्टिंग, स्पीच-टू-टेक्स्ट सुविधा, क्लीनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम और आयुष्मान भारत लाभ खोजने जैसी सुविधाएं शामिल हैं। यह सिस्टम उपयोग में सरल है और इसके लिए किसी विशेष तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता नहीं होगी।
प्रमाणित चिकित्सक ही कर सकेंगे इस्तेमाल
इस प्लेटफॉर्म की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि केवल हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR) में पंजीकृत डॉक्टर ही इसका उपयोग कर सकेंगे। इससे सुनिश्चित किया जाएगा कि डिजिटल हेल्थ सिस्टम का उपयोग केवल प्रमाणित चिकित्सकों द्वारा ही किया जाए।
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) और सी-डैक के बीच एक समझौता किया जाएगा। इस समझौते के तहत सी-डैक सॉफ्टवेयर का रखरखाव और अपग्रेडेशन करेगा, जबकि एनएचए वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करेगा।
इसके अलावा एनएचए मरीजों को भेजे जाने वाले एसएमएस और ऐप आधारित सेवाओं की क्लाउड होस्टिंग का खर्च भी वहन करेगा। उपयोगकर्ताओं को तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए कॉल सेंटर की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे डॉक्टरों और क्लीनिक स्टाफ को किसी भी तकनीकी समस्या का समाधान मिल सके।
इस प्रणाली की लागत को भी किफायती रखा गया है। ‘ई-सुश्रुत क्लिनिक’ की मूल कीमत 499 रुपये प्रति माह (पांच उपयोगकर्ताओं तक) निर्धारित की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से 200 रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद इसका प्रभावी शुल्क 299 रुपये प्रति माह रहेगा। शुरुआती तीन महीने यह सेवा पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी। पांच से अधिक उपयोगकर्ता जोड़ने पर प्रत्येक अतिरिक्त उपयोगकर्ता के लिए 50 रुपये प्रति माह का शुल्क देना होगा।
यह भी पढ़ेंः-मल्लिकार्जुन खड़गे फिर बने राज्यसभा में विपक्ष के नेता, कर्नाटक से दूसरी बार जुने गए सांसद
अन्य प्रमुख खबरें
-
रक्षा मंत्रालय की एसओपी से हथियारों-रक्षा उपकरणों का परीक्षण होगा आसान
2026-10-07
-
फर्जीवाड़ा में डूबे रहे दो अधिकारी, लोन-नौकरी और कालाधन के लेनदेन में फंसे, दोनों गिरफ्तार
2026-10-07
-
जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर PM मोदी ने देश को किया संबोधित
2026-10-07
-
INDIA bloc Protest: राहुल-प्रियंका समेत कई नेताओं पर की FIR
2026-10-07
-
कारोबारियों को बिना बताए कम कर दिए दूध के दाम, समितियों के खिलाफ Tiruchi में प्रदर्शन की तैयारी
2026-10-07
-
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित संभालेंगे वायुसेना की कमान
2026-10-06
-
छोटे उद्योगों को 10 हजार करोड़ का बूस्टर, कैबिनेट ने दी मंजूरी
2026-10-06
-
SIR के खिलाफ INDIA गठबंधन का जोरदार प्रदर्शन, धरने पर बैठ राहुल-प्रियंका
2026-10-06
-
भारतीय नौसेना में शामिल हुआ ‘सूर्या’, समुद्री ताकत को मिलेगी नई धार
2026-10-06
-
भीखनपुर 12 नंबर गुमटी पर जाम में फंस जाती हैं एंबुलेंस, मरीज तड़पने के लिए विवश, आंदोलन की तैयारी तेज
2026-10-06
-
पांच विधानसभा और एक लोकसभा सीट के लिए हो रहा मतदान
2026-10-06
-
Jantar-Mantar पर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
2026-10-06
-
झारखंड बे-मौत मर रहे जंगल में हाथी, पोस्टमार्टम के लिए पहुंच रहे अधिकारी
2026-10-05
-
32.39 करोड़ रुपये की जब्त ड्रग्स नष्ट, 95 आरोपी गिरफ्तार
2026-10-05
-
भारतीय नौसेना में शामिल होगा पहला फ्लीट सपोर्ट पोत, बढ़ेगी ताकत
2026-10-05