Murshidabad train accident: शुरुआती जांच में गेटमैन की लापरवाही आई सामने, तीन स्कूली बच्चों समेत चार की मौत

खबर सार :-

मुर्शिदाबाद में एक स्कूल वैन निम्टिता-कटवा लोकल ट्रेन की चपेट में आ गई इस हादसे में तीन बच्चों की मौत हो गई। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है और आश्वासन दिया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
Murshidabad train accident: शुरुआती जांच में गेटमैन की लापरवाही आई सामने, तीन स्कूली बच्चों समेत चार की मौत

खबर विस्तार : -

मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के करनासुबर्णा में शुक्रवार सुबह हुए भीषण ट्रेन हादसे की शुरुआती जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस और रेलवे विभाग की प्रारंभिक जांच के अनुसार, रेलवे गेटमैन की कथित गंभीर लापरवाही इस दुर्घटना की प्रमुख वजह रही। हादसे में रेलवे क्रॉसिंग पार कर रही एक स्कूल वैन निम्टिता-कटवा लोकल ट्रेन की चपेट में आ गई, जिससे तीन स्कूली बच्चों समेत चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं चार अन्य गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज बहरामपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहा है।

घटना के बाद रेलवे ने संबंधित गेटमैन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, जबकि राज्य पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शुरुआती जांच में लापरवाही की पुष्टि

पुलिस और रेलवे सूत्रों के अनुसार, हादसे के समय रेलवे गेटमैन अपनी ड्यूटी के प्रति गंभीर रूप से लापरवाह था। जांच में यह सामने आया है कि उसे पहले ही सूचना दे दी गई थी कि निम्टिता-कटवा लोकल ट्रेन डाउन लाइन पर तेज गति से आ रही है, इसके बावजूद उसने रेलवे फाटक बंद नहीं किया।

सूत्रों का यह भी दावा है कि गेटमैन कथित तौर पर नशे की हालत में था और इसी कारण वह समय पर अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा सका। फाटक खुला होने के कारण स्कूल वैन चालक को यह आभास नहीं हुआ कि सामने से ट्रेन आ रही है। जैसे ही उसने रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश की, तेज रफ्तार ट्रेन ने वैन को जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन के परखच्चे उड़ गए और घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में तीन मासूम स्कूली बच्चों और एक अन्य व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जताया शोक

हादसे पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि मुर्शिदाबाद में हुई इस दुखद रेल दुर्घटना से वह बेहद व्यथित हैं।

मुख्यमंत्री ने लिखा कि जिन युवा छात्रों ने इस हादसे में अपनी जान गंवाई है, उनके परिवारों और विशेष रूप से उनके माता-पिता के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। उन्होंने कहा कि इतने बड़े दुख की भरपाई कोई शब्द नहीं कर सकते और इस कठिन समय में पूरा राज्य पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है।

उन्होंने बताया कि प्रशासन को घायलों के बेहतर इलाज और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री गौरी शंकर घोष अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा ले चुके हैं, जबकि जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक सुबह से ही घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शरद्वत मुखर्जी व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि मेडिकल कॉलेज में भर्ती घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

गेटमैन गिरफ्तार, रेलवे ने किया निलंबित

हादसे के तुरंत बाद रेलवे प्रशासन ने ड्यूटी में गंभीर लापरवाही के आरोप में गेटमैन को निलंबित कर दिया। इसके बाद राज्य पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसे के समय उसकी वास्तविक स्थिति क्या थी और उसने फाटक बंद क्यों नहीं किया।

सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के समय भी गेटमैन कथित तौर पर नशे की हालत में दिखाई दे रहा था। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि मेडिकल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।

स्थानीय लोगों ने पहले भी की थी शिकायत

हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित गेटमैन के खिलाफ पहले भी कई बार रेलवे अधिकारियों से शिकायत की गई थी। उनका कहना है कि वह अक्सर ड्यूटी के दौरान नशे में रहता था और कई बार अपनी जिम्मेदारियां ठीक से नहीं निभाता था।

एक स्थानीय निवासी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कई अवसरों पर ट्रेन गुजरने के बाद भी गेटमैन रेल फाटक खोलना भूल जाता था, जिससे दोनों ओर लंबा जाम लग जाता था। लोगों को पहले से आशंका थी कि यदि किसी दिन उसने समय पर फाटक बंद नहीं किया तो बड़ा हादसा हो सकता है। शुक्रवार सुबह वही आशंका हकीकत में बदल गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई की गई होती तो शायद यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था।

जांच जारी, कई पहलुओं की हो रही पड़ताल

रेलवे और पुलिस दोनों एजेंसियां संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि रेलवे क्रॉसिंग पर मौजूद सुरक्षा व्यवस्था, ड्यूटी रिकॉर्ड, संचार प्रणाली और गेटमैन की कार्यप्रणाली की भी विस्तार से जांच की जा रही है।

साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि हादसे के समय रेलवे के सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन हुआ था या नहीं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे इलाके में शोक का माहौल है। मासूम बच्चों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि घायल लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।

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