भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते का असर: एस्टन मार्टिन की कारों पर चार करोड़ रुपये तक की भारी छूट

खबर सार :-

भारत और ब्रिटेन के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के बाद ब्रिटिश लग्जरी कार निर्माता एस्टन मार्टिन ने भारतीय बाजार में अपने सात मॉडलों की कीमतों में भारी कटौती की है।
एस्टन मार्टिन कारों की कीमतों में भारी गिरावट, जानिए नई कीमतें

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: भारत और ब्रिटेन के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते के बाद लग्जरी वाहन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मशहूर ब्रिटिश कार ब्रांड एस्टन मार्टिन ने भारतीय बाजार में अपनी सात प्रमुख गाड़ियों की कीमतों में भारी कमी की है। इस मूल्य संशोधन के बाद कंपनी के विभिन्न मॉडलों पर दो करोड़ से लेकर चार करोड़ रुपये तक की सीधी बचत मिल रही है। यह बदलाव उन कार प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर लेकर आया है जो लंबे समय से इस प्रतिष्ठित ब्रांड की गाड़ियां खरीदने की योजना बना रहे थे। इस मूल्य कटौती का सबसे बड़ा लाभ कंपनी के फ्लैगशिप मॉडल वैनक्विश वोलांटे को मिला है। इस कन्वर्टिबल कार की कीमत में चार करोड़ रुपये से अधिक की ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई है। पहले यह शानदार गाड़ी लगभग दस करोड़ बयानवे लाख रुपये में बिकती थी, जो अब घटकर छह करोड़ नब्बे लाख रुपये रह गई है। इसी तरह, वैनक्विश कूपे मॉडल के दाम भी दस करोड़ ग्यारह लाख रुपये से कम होकर छह करोड़ चालीस लाख रुपये पर आ गए हैं।

कंपनी की अन्य गाड़ियों में भी बड़ी राहत

कंपनी की अन्य गाड़ियों में भी इसी तरह की बड़ी राहत दी गई है। डीबी12 एस कूपे अब चार करोड़ दस लाख रुपये में उपलब्ध है, जबकि पहले इसकी कीमत छह करोड़ बासठ लाख रुपये थी। इसके अलावा, डीबी12 एस वोलांटे की कीमत सात करोड़ रुपये से कम होकर चार करोड़ पैंतीस लाख रुपये हो गई है। इन दोनों मॉडलों पर ग्राहकों को ढाई करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत हो रही है। प्रवेश स्तर की परफॉर्मेंस कार वैंटेज एस भी अब पहले से काफी किफायती हो गई है। वैंटेज एस कूपे की कीमत चार करोड़ निन्यानबे लाख रुपये से घटकर तीन करोड़ पंद्रह लाख रुपये हो गई है। वहीं, वैंटेज एस रोडस्टर का मूल्य भी पांच करोड़ छब्बीस लाख रुपये से घटकर तीन करोड़ पैंतीस लाख रुपये पर पहुंच गया है। इन कीमतों के कम होने से इस श्रेणी के खरीदारों के लिए यह गाड़ी अब अधिक सुलभ हो गई है।

 एसयूवी डीबीएक्स एस के दाम भी काफी कम हुए

सिर्फ स्पोर्ट्स कारों तक ही यह कटौती सीमित नहीं है, बल्कि कंपनी की लोकप्रिय परफॉर्मेंस एसयूवी डीबीएक्स एस के दाम भी काफी कम हुए हैं। पहले छह करोड़ अस्सी लाख रुपये में मिलने वाली यह एसयूवी अब चार करोड़ पंद्रह लाख रुपये में खरीदी जा सकती है। इस गाड़ी की कीमत में दो करोड़ पैंसठ लाख रुपये की सीधी कटौती की गई है, जो इस सेगमेंट में अपने आप में एक बड़ा बदलाव है। ऑटोमोबाइल बाजार के जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी राशि की छूट लग्जरी सेगमेंट में भी बहुत मायने रखती है। वैनक्विश वोलांटे जैसी गाड़ी का दाम कम होकर पुरानी वैनक्विश कूपे से भी नीचे आ जाना इस बात का प्रमाण है कि यह मूल्य संशोधन काफी व्यापक है। हालांकि ये गाड़ियां अभी भी करोड़ों रुपये की कीमत के दायरे में आती हैं, लेकिन इस बड़े सुधार से खरीदारों के लिए फैसला लेना आसान जरूर हो गया है।

एस्टन मार्टिन का नाम आते ही जेम्स बॉन्ड फिल्मों की यादें ताजा हो जाना स्वाभाविक है। यह ब्रिटिश ब्रांड पिछले कई दशकों से जासूस 007 की फिल्मों से जुड़ा रहा है और इसकी डीबी5 जैसी गाड़ियां दुनिया भर में खासी लोकप्रिय हैं। हालांकि ये गाड़ियां खरीदने के लिए अब भी बैंक खाते में बड़ी रकम होनी जरूरी है, लेकिन कीमतों में आई इस भारी गिरावट के बाद जेम्स बॉन्ड जैसी कार चलाने का सपना अब थोड़ा अधिक वास्तविक लगने लगा है।

एस्टन मार्टिन की गाड़ी खरीदने का यह सही समय क्यों है?

वैश्विक व्यापार समझौतों के बदलते समीकरणों का सीधा असर अब भारतीय बाजार में दिखने लगा है। आयात शुल्क नियमों और कर ढांचे में हुए बदलावों के कारण वाहन निर्माताओं को अपने दाम फिर से तय करने का मौका मिला है। इस समझौते के लागू होने से भारत में आने वाली विदेशी लग्जरी गाड़ियों के दाम नीचे आए हैं, जिससे वैश्विक स्तर के उत्पाद अब भारतीय ग्राहकों को अधिक सुलभ दरों पर मिल रहे हैं।

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लग्जरी वाहन बाजार पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?

कीमतों में इस तरह की भारी गिरावट से देश के हाई-एंड कार बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने की पूरी संभावना है। जब किसी प्रतिष्ठित ब्रांड की गाड़ियों के दाम सीधे चार करोड़ रुपये तक कम हो जाते हैं, तो खरीदार दूसरी कंपनियों के विकल्पों पर भी नए सिरे से विचार करते हैं। ऑटोमोबाइल जानकारों का मानना है कि इससे न केवल एस्टन मार्टिन की ब्रिकी को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि अन्य विदेशी लग्जरी कार निर्माता भी अपने दाम और रणनीतियों की समीक्षा करने पर मजबूर हो सकते हैं।

एस्टन मार्टिन और जेम्स बॉन्ड का ऐतिहासिक संबंध

सिर्फ गाड़ियों की तकनीकी खूबियों के अलावा इस ब्रांड की लोकप्रियता के पीछे इसकी फिल्मी विरासत का भी बड़ा हाथ है। जेम्स बॉन्ड श्रृंखला की फिल्मों में इन कारों के इस्तेमाल ने इन्हें आम लोगों के बीच एक सांस्कृतिक प्रतीक बना दिया है। पर्दे पर शानदार स्टंट करती इन गाड़ियों को देखकर हर वाहन प्रेमी का दिल इन्हें चलाने के लिए मचल उठता है। अब जबकि इनकी कीमतें कुछ कम हुई हैं, तो इस ऐतिहासिक ब्रांड से जुड़ी यादें और आकर्षण दोनों ही भारतीय ग्राहकों के बीच और अधिक गहरे हो गए हैं।

वाहन क्षेत्र दोनों देशों के बीच व्यापार का एक अहम हिस्सा रहा

भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए मुक्त व्यापार समझौते पर लंबी बातचीत चली थी, जिसके तहत दोनों देशों ने कई क्षेत्रों में आयात शुल्क कम करने या हटाने पर सहमति जताई है। वाहन क्षेत्र हमेशा से दोनों देशों के बीच व्यापार का एक अहम हिस्सा रहा है। ब्रिटेन से आने वाली उच्च प्रदर्शन वाली लग्जरी कारों पर पहले भारी आयात शुल्क लगता था, जिससे उनकी कीमतें भारत में बहुत अधिक हो जाती थीं। इस समझौते के लागू होने के बाद से वाहन निर्माताओं को कर में राहत मिल रही है, जिसका सीधा फायदा अब खुदरा कीमतों में कटौती के रूप में ग्राहकों तक पहुंच रहा है।

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