US-Israel-Iran War: ईरान पर अब जमीनी हमले की तैयारी ! अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में तैनात किए 3500 से ज्यादा मरीन सैनिक

खबर सार :-
US-Israel-Iran War: अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, 28 फरवरी को शुरू हुए 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत अब तक 11,000 से ज़्यादा ठिकानों पर हमले किए जा चुके हैं। इस बीच, US का आधुनिक जंगी जहाज़ USS Tripoli अपने तय ऑपरेशनल ज़ोन में पहुंच गया है, जिसमें लगभग 2,500 मरीन सवार हैं।

US-Israel-Iran War: ईरान पर अब जमीनी हमले की तैयारी ! अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में तैनात किए 3500 से ज्यादा मरीन सैनिक
खबर विस्तार : -

US-Israel-Iran War:अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का आज का एक महीना पूरा हो गया है। मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य उपस्थिति और मजबूत कर दी है।  इस क्षेत्र में अमेरिका के 3500 और मरीन सैनिक पहुंच गए हैं। मिडिल ईस्ट में सैन्य अभियानों की निगरानी करने वाले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने घोषणा की है कि USS Tripoli पर सवार होकर लगभग 3,500 अतिरिक्त सैनिक मध्य पूर्व पहुंच गए हैं। इस बीच पेंटागन ईरान में हफ्तों तक चलने वाले जमीनी अभियान की तैयारी कर रहा है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि यह जहाज US के 'अमेरिका-क्लास' का एक बड़ा हमलावर युद्धपोत है, जो Tripoli Amphibious Ready Group और 31वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट के फ़्लैगशिप के तौर पर काम करता है। पूरी टुकड़ी में लगभग 3,500 सैनिक शामिल हैं।  वे लड़ाकू विमानों और हमलावर हेलीकॉप्टरों से लैस हैं, और समुद्री तथा जमीनी, दोनों तरह के माहौल में ऑपरेशन करने की क्षमता रखते हैं। यह तैनाती ईरान के साथ बढ़ते तनाव के मद्देनज़र US द्वारा किए जा रहे बड़े सैन्य जमावड़े का हिस्सा है।

US-Israel-Iran War: कितनी खतरनाक USS त्रिपोली

  • यह एक आधुनिक एम्फीबियस असॉल्ट शिप है, जो F-35 स्टेल्थ फाइटर और Osprey जैसे आधुनिक मिलिट्री विमानों को ऑपरेट करने में सक्षम है। अभी दो हफ़्ते पहले ही, USS Tripoli जापान में तैनात था।
  • यह नई एम्फीबियस फ़ोर्स समुद्री युद्ध ऑपरेशन्स और ज़मीनी हमले, दोनों तरह के मिशन को अंजाम देने में सक्षम है।
  • ऐसी यूनिट्स का इस्तेमाल तेज़ी से तैनाती वाले ऑपरेशन्स के लिए किया जाता है, जिनमें रणनीतिक जगहों को सुरक्षित करना, लोगों को सुरक्षित निकालना और तटीय लक्ष्यों पर हमले करना शामिल है।
  • मध्य पूर्व में और भी मिलिट्री साज़ो-सामान तैनात किए जा रहे हैं, जिनमें USS Boxer और सैन डिएगो से भेजी गई दूसरी नौसैनिक यूनिट्स शामिल हैं।

जमीनी कार्रवाई को लेकर अटकलें तेज

इस बड़े कदम से विशेषज्ञों और मीडिया के बीच यह अटकलें तेज हो गई हैं कि वॉशिंगटन ईरान के अंदर संभावित जमीनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती का मकसद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मध्य पूर्व में सैन्य विकल्पों की एक विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध कराना है।

10,000 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती पर विचार

इस नई तैनाती को ईरान के साथ युद्ध के लिए US की व्यापक सैन्य तैयारियों के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है। यह ऐसे समय में हुई है जब ऐसी खबरें आ रही हैं कि पेंटागन इस क्षेत्र में 10,000 अतिरिक्त सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है, जिसका मकसद राष्ट्रपति ट्रंप को और अधिक सैन्य विकल्प उपलब्ध कराना है। ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास कूटनीतिक रास्तों के साथ-साथ सैन्य विकल्प भी मौजूद रहें। इन नए सैनिकों में पैदल सेना की टुकड़ियां और बख्तरबंद वाहन शामिल हो सकते हैं। उम्मीद है कि वे उन लगभग 5,000 मरीन और हज़ारों पैराट्रूपर्स के साथ शामिल होंगे, जिन्हें पहले ही इस क्षेत्र में तैनात करने का आदेश दिया जा चुका है।

US-Israel-Iran War: अब तक 11,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला

US सेंट्रल कमांड के अनुसार, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी (Epic Fury) के तहत अब तक 11,000 से ज़्यादा ठिकानों पर हमला किया गया है। यह ऑपरेशन 28 फरवरी को शुरू हुआ था। इससे साफ पता चलता है कि यह संघर्ष बड़े पैमाने पर लड़ा जा रहा है। इसी बीच, तनाव तब और बढ़ गया जब ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। इस हमले में कम से कम 10 US सैनिक घायल हो गए।

US-Israel-Iran War: हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर फिर किया हमला

ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने यमन से ड्रोन और क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल करते हुए दक्षिणी इजरायल पर दूसरा हमला किया है। इन हमलों में समूह द्वारा महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया। हूती विद्रोहियों का कहना है कि वे तब तक ऐसे अभियान जारी रखेंगे जब तक इजरायल ईरान और लेबनान पर अपने हमले बंद नहीं कर देता।
 

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