Strait of Hormuz: ईरान ने अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी, कहा- बंदरगाहों से वापस भेजें सेना

खबर सार :-
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। ईरान ने कहा कि जब तक अमेरिका ईरानी बंदरगाहों से अपनी सेना वापस नहीं बुलाता, तब तक होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण रहेगा। वहीं, अमेरिका ने किसी भी दबाव में नहीं आने की बात कही है।

Strait of Hormuz: ईरान ने अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी, कहा-  बंदरगाहों से वापस भेजें सेना
खबर विस्तार : -

Strait of Hormuz: होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। दूसरे दौर की बातचीत के करीब आए ईरान और अमेरिका के बीच अविश्वास और मतभेद लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान ने काफी हद तक अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। ईरान ने कहा कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को तभी खोलेगा, जब अमेरिका की सेना उसके बंदरगाहों की घेराबंदी खत्म कर लौट जाएगी।

ईरान के उप विदेशमंत्री सईद खतीबजादेह ने कहा कि अमेरिका के साथ आमने-सामने की बातचीत के नए दौर के लिए अभी कोई तारीख तय नहीं की गई है। उन्होंने साफ किया कि अगर अमेरिका चाहता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुले तो उसे सबसे पहले हमारे बंदरगाहों की घेराबंदी खत्म कर सेना को लौटने का आदेश देना होगा। उन्होंने समझौता न होने के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया।

समझौता होने तक जारी रहेगी घेराबंदीः ट्रंप

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जब तक समझौता नहीं होगा, तब तक ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक घेराबंदी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन तेहरान के किसी भी तरह के दबाव में नहीं आएगा। खतीबजादेह ने तुर्किये के अंताल्या डिप्लोमेसी फोरम में कहा है कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच अगले दौर की बातचीत के लिए कोई भी तारीख तय नहीं की गई है।

भारतीय जहाजों को बनाया निशाना

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघर गालिबफ ने शनिवार रात कहा कि अमेरिका के साथ शांति वार्ता में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन दोनों पक्ष अभी भी समझौते से कोसों दूर हैं। ईरान की सेना शनिवार को घोषणा कर चुकी है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य पर फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया है। उसने चेतावनी दी कि जब तक ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिका की नाकेबंदी जारी रहेगी, तब तक वह इस जलमार्ग से आवाजाही को रोकता रहेगा। ब्रिटिश सेना ने इस दौरान कहा कि दो ईरानी गनबोटों ने जलडमरूमध्य में एक टैंकर पर गोलीबारी की। भारत ने भी पुष्टि की कि ईरान के हमलों में उसके दो जहाजों को निशाना बनाया गया।

इजराइल के हमले में सैनिक की मौत

उधर, इजराइली सेना ने जानकारी दी कि दक्षिणी लेबनान में लड़ाई के दौरान उसके एक सैनिक की मौत हो गई। साथ ही घायल नौ सैनिकों में से एक की हालत गंभीर है। मारे गए इजराइली सैनिक की पहचान सार्जेंट फर्स्ट क्लास लिडोर पोरात के रूप में हुई। इसके साथ ही लेबनान में चल रहे ताजा युद्ध में मारे गए इजराइली सैनिकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। कहा जा रहा है कि इजराइल ने संघर्ष विराम के बावजूद दक्षिणी लेबनान पर हमले किए। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने लेबनान में हुए उस हमले के लिए हिज्बुल्लाह को जिम्मेदार ठहराया है, जिसमें फ्रांस का एक शांति-रक्षक सैनिक मारा गया । इस सशस्त्र समूह ने इस आरोप से इनकार किया है।

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