Iran-US Peace Talks live updates: अमेरिका और ईरान के बीच शांतिवार्ता आज इस्लामाबाद में हो रही है। शांतिवार्ता के लिए ईरान और अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच चुका है। ईरान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर कालिबफ कर रहे हैं जबकि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम की उम्मीद के साथ दुनिया भर की नजरें इस वार्ता पर टिकी हैं।
शांतिवार्ता से पहले ईरान ने ऐसी तस्वीरें शेयर की है, जिसे देखकर यकीनन आप भी भावुक हो जाएंगे। स्पीकर मोहम्मद बाकिर कालिबफ ने शनिवार सुबह सोशल मीडिया पर एक फ़्लाइट की फ़ोटो शेयर की। इन तस्वीरों के साथ खून से सने बच्चों के स्कूल बैग-जूते और गुलाब भी रखे गए थे। यह एक इमोशनल तस्वीर है जो उन बच्चों को श्रद्धांजलि देती है। जो 28 फरवरी को इज़रायली और US मिलिट्री के हमले में मारे गए थे। यह हमला मिनाब शहर के एक स्कूल को निशाना बनाया गया था, जिसमें 160 से ज़्यादा बच्चों की मौत हो गई थी जबकि 100 से ज्यादा घायल हो गये थे। इस हमले ने पूरी दुनिया को दिला कर रख दिया था।
सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर करते हुए गालिबाफ ने लिखा, 'इस फ्लाइट में मेरे साथी #Miban168'। एक्स पर साझा की गई तस्वीर में गालिबाफ बच्चों की तस्वीरों और उनके सामान को देखते हुए नजर आ रहे हैं। अमेरिका के साथ शांति वार्ता और बातचीत के लिए इस्लामाबाद जा रहे प्रतिनिधिमंडल का नाम 'मिनाब 168' रखा गया है। यह नाम युद्ध के पहले दिन US-इज़रायली हमले में मारे गए स्कूली बच्चों की याद में दिया गया है। प्रतिनिधिमंडल का लक्ष्य युद्ध खत्म करना है।
बता दें कि US और ईरानी प्रतिनिधिमंडल आज इस्लामाबाद में शांति वार्ता और तेहरान के 10-पॉइंट सीज़फ़ायर प्रस्ताव पर चर्चा के लिए मिलने वाले हैं। स्पीकर ग़ालिबफ़ ईरानी पक्ष से बातचीत को लीड करेंगे, उनके साथ अराघची और 12 अन्य लोग भी होंगे। ईरानी टीम शनिवार सुबह पाकिस्तान पहुंची और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार, नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज़ सादिक, आर्मी चीफ़ फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर और गृह मंत्री सैयद मोहसिन रज़ा नक़वी ने उनका स्वागत किया।
ग़ालिबफ़ ने कहा कि बातचीत के पिछले राउंड लगातार ठोस नतीजे देने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा, "दुर्भाग्य से, अमेरिकियों के साथ बातचीत का हमारा अनुभव हमेशा नाकामी और कॉन्ट्रैक्ट तोड़ने का रहा है। पिछली बातचीत के दौरान भी, ईरान को ऐसे कामों का सामना करना पड़ा जिन्हें वह पहले की समझ का उल्लंघन मानता है।" तेहरान की स्थिति बताते हुए, ग़ालिबफ़ ने कहा कि कोई भी समझौता US के नज़रिए पर निर्भर करेगा।
उन्होंने कहा, "आने वाली बातचीत में, अगर US पक्ष एक असली समझौते पर पहुंचने और ईरानी लोगों के अधिकारों का सम्मान करने को तैयार है, तो वे समझौते के लिए हमारी तैयारी भी देखेंगे।" उन्होंने डिप्लोमैटिक कोशिशों में बेईमानी के खिलाफ भी चेतावनी दी, और कहा कि अगर बातचीत का इस्तेमाल बिना असली इरादों वाले कामों को छिपाने के लिए किया गया तो ईरान इसका कड़ा जवाब देगा।
इस्लामाबाद पहुंचने के बाद मीडिया से बात करते हुए, ईरान के मोहम्मद बाकिर कालिबफ ने कहा कि ईरान शांतिवार्ता के लिए अच्छा है, लेकिन उसे US पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका "असली समझौते" का ऑफ़र देता है और ईरान को उसके अधिकार देता है, तो ईरान समझौता करने को तैयार है। वहीं ईरान की मांगों पर अमेरिका की तरफ़ से कोई जवाब नहीं आया है।
हालांकि, US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि किसी भी समझौते के लिए ईरान को अपने परमाणु हथियारों के सपने को छोड़ना होंगा। इससे पहले, अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल को लीड करने वाले जे.डी. वैन्स ने पाकिस्तान से निकलते समय कहा था कि उन्हें पॉज़िटिव नतीजे की उम्मीद है, लेकिन अगर ईरान ने US के साथ कोई चाल चलने की कोशिश की, तो उन्हें एहसास होगा कि हमारी बातचीत करने वाली टीम इतनी नरम नहीं है।
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