Forest fire in Japan: जापान के जंगलों में लगी भीषण आग, धू-धू कर जल रहे पेड़

खबर सार :-
Forest fire in Japan: जापान के जंगलों में लगी आग पर अभी तक काबू नहीं पाया जा सका है। यह आग बुधवार को लगी थी और धीरे-धीरे पूरे जंगल में फैलने लगी। अग्निशमन विभाग आग बुझाने की कोशिश कर रहा है।

Forest fire in Japan: जापान के जंगलों में लगी भीषण आग, धू-धू कर जल रहे पेड़
खबर विस्तार : -

Forest fire in Japan: जापान के जंगलों में लगी आग ने विकराल रूप ले लिया है। आग पर काबू पाना काफी मुश्किल हो रहा है। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार जापान के उत्तर-पूर्वी इलाके इवाते में लगी जंगल की आग अभी तक शांत नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह तक लगभग 1,200 हेक्टेयर इलाका जल गया है। 

जापान के क्योडो न्यूज के मुताबिक, ओत्सुची टाउन के पहाड़ी इलाके में बुधवार को लगी आग ने रिहायशी घरों समेत आठ इमारतों को जलाकर पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। ओत्सुची प्रशासन ने करीब 2,600 लोगों को स्थान खाली करने के ऑर्डर दिए हैं, जो शहर की आबादी का करीब एक चैथाई हिस्सा हैं।

हेलीकाॅप्टर से बुझा रहे आग

आग पर काबू पाने के लिए इवाते प्रीफेक्चरल सरकार और सेल्फ-डिफेंस फोर्सेज के हेलीकॉप्टर को जंगल में पानी गिराने के काम के लिए लगाया गया था। पूरे इलाके में अग्निशमन विभाग के लोगों को तैनात किया गया था। होक्काइडो, यामागाटा, फुकुशिमा, तोचिगी और निगाटा इलाकों से भी आग बुझाने में मदद मांगी गई है।

शुष्क मौसम में आग का खतरा

जापान में खास तौर पर सर्दियों के आखिर और वसंत की शुरुआत में मौसम काफी शुष्क रहता है। इस दौरान पेड़-पौधे सूख जाते हैं, जिसकी वजह से जंगलों में बहुत ज्यादा आग पकड़ने की संभावना हो जाती है। शुष्क मौसम में नमी की मौजूदगी नाम मात्र भी नहीं होती है। इसकी वजह से जंगलों में आग के तेजी से फैलने का खतरा बढ़ जाता है। जंगलों में आग लगने और तेजी से बढ़ने की एक और खास वजह जापान की जगह और पेड़-पौधे हैं। यहां का बड़ा हिस्सा जंगलों से ढका है, जिनमें से कई में देवदार और चीड़ जैसे शंकुधारी पेड़ हैं। इन पेड़ों में रेजिन होता है जो आसानी से जल जाता है, जिससे उनमें आग लगने का खतरा ज्यादा होता है।

मानवीय चूक भी हो सकती है वजह

हालांकि, मानवीय चूक भी आग लगने की एक वजह हो सकती है। बिना देखरेख के कैंपफायर, खेती की चीजों में आग लगना, फेंकी हुई सिगरेट या इस्तेमाल किए जा रहे उपकरण की चिंगारी भी आग लगने की वजह हो सकती है। जापान की ज्यादातर आबादी जंगल वाले इलाकों के पास रहती है, इसलिए यह भी संभव है कि किसी की गलती से इतनी बड़ी घटना हो गई।

भूकंप का भी अलर्ट जारी

इसके अलावा, सोमवार को उत्तर-पूर्वी जापान में आए 7.7 मैग्नीट्यूड के भूकंप के बाद, जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने इवाते समेत सात इलाकों की 182 नगर पालिकाओं के लिए एक हफ्ते का खास भूकंप अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आग पर काबू पाने के दौरान भूकंप के खतरों के लिए सावधान रहने की जरूरत है।
 

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